जोधपुर

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बरसों से थी दूरियां, एनिवर्सरी के दूसरे ही दिन मिटाए फासले और फिर एक हो गए

अलग रहते दंपती ने लोक अदालत की समझाइश पर एक होने का फैसला किया।

Danik Bhaskar

Dec 10, 2017, 05:01 AM IST

जोधपुर. लोक अदालत में शनिवार को समझाइश से कई मामले सुलझाए गए। वर्षों से लंबित मामलों में जोड़ों ने अपने रिश्तों में आई कड़वाहट को दूर कर फिर से नई जिंदगी की शुरुआत की। घोड़ों का चौक में रहने वाले चंद्रेश-दीपा की शादी 11 साल पहले हुई थी और इनके दो बच्चे हैं। किसी छोटी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो बढ़ते-बढ़ते कोर्ट तक पहुंच गया। पिछले कुछ समय से अलग-अलग रह रहे थे।

मामला तलाक तक पहुंचता, इससे पहले परिजनों की समझाइश से यह फिर से सोचने के लिए राजी हुए और आपस में मिले तो इन्हें अहसास हुआ कि वे खुद केवल पति-पत्नी नहीं है, बल्कि माता-पिता भी हैं। उनके बच्चों का भविष्य कहीं खराब नहीं हो जाए और फिर से जिंदगी साथ गुजारने का निर्णय लिया।

- लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी रेखा भार्गव, सदस्य सुमन पोरवाल व भारती व परिजनों की मौजूदगी में इन्होंने एक-दूसरे को माला पहनाई और खुशी-खुशी साथ रहने का निर्णय किया।

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