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दूसरी पत्नी की हत्या करने पति ने रचा था ड्रामा, हालात ऐसे बने कि पहली को भी जिंदा जलने दिया

पुलिस पूछताछ में देर रात पति ने गृह क्लेश के चलते हत्या करने की बात कबूल ली।

Danik Bhaskar | Dec 22, 2017, 01:32 AM IST
पत्नियों को जलाकर दर्दनाक मौत देने वाला कोई और नहीं बल्कि उन दोनों महिलाओं का पति था, जो इसे हादसे का रूप देना चाहता था। पत्नियों को जलाकर दर्दनाक मौत देने वाला कोई और नहीं बल्कि उन दोनों महिलाओं का पति था, जो इसे हादसे का रूप देना चाहता था।

जालोर/चितलवाना. राजस्थान के जालोर जिले के चितलवाना थाना इलाके के सेसावा गांव से 1 किमी दूर मंगलवार दोपहर में खड़ी कार में लगी आग से दो महिलाओं की हुई मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। जलाकर इनको दर्दनाक मौत देने वाला कोई और नहीं बल्कि उन दोनों महिलाओं का पति था, जो इसे हादसे का रूप देना चाहता था। पुलिस पूछताछ में देर रात पति ने गृह क्लेश के चलते हत्या करने की बात कबूल ली।

- आरोपी ने बताया कि दोनों पत्नियों के बीच रोज-रोज के झगड़े से परेशान होकर वह 15 दिनों से हत्या की प्लानिंग बना रहा था।
- पुलिस के अनुसार मंगलवार को सेसावा स्थित स्वयं के घर से दीपाराम ने दोनों पत्नियों को अरणियाली गांव में गहने बनवाने का कहकर कार में बिठाया।

- दूसरी पत्नी दौली अगली सीट पर तो पहली पत्नी मालू पीछे की सीट पर बैठी। दूसरी पत्नी के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर दीपाराम को गिरफ्तार कर लिया है।

साथ रहते हुए आए दिन होता था झगड़ा, एक माह पहले ही दूसरी पत्नी का सास से भी हुआ था झगड़ा
घर में आए दिन के झगड़ों को देखते हुए दीपाराम दूसरी पत्नी को अपने साथ ही पालनपुर में रखता था। वह भवन निर्माण के ठेके लेता था और उसकी आर्थिक स्थिति काफी ठीक थी। लेकिन वहां भी दोनों आए दिन झगड़ते थे। एक माह पहले सेसावा आए तो दौली का अपनी सास के साथ भी झगड़ा हुआ था। इसके बाद से ही दीपाराम ने उसे रास्ते से हटाने की ठान ली थी।

पहली पत्नी को मारना नहीं चाहता था, लेकिन हालात ऐसे बने कि उसे भी नहीं बचाया
दीपाराम पहली पत्नी मालू देवी को नहीं मारना चाहता था। दूसरी से झगड़े के कारण उसके प्रति वापस लगाव हो गया था। सोच यह भी थी कि जैसे-तैसे वह तीनों बच्चों को पाल लेगी। लेकिन दूसरी पत्नी को मारने का जुनून इस कदर सवार था कि उसने पहली की मौत भी स्वीकार कर ली। इसी कारण उसे भी नहीं बचाया।

शीशों पर काली फिल्म गैस टंकी देखकर लोग नहीं गए करीब और दोनों पत्नियां जिंदा ही जल गई
दीपाराम के चिल्लाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। कार के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी थी इसलिए अंदर बैठी दोनों पत्नियां दिखी नहीं। लोगों को सिर्फ आग ही दिखी। लोगों को इस बीच गैस टंकी दिखी तो विस्फोट होने के डर से भी कार के करीब नहीं गए। दूर से ही पानी डालते रहे। कार के शीशे टूटे तो पता चला कि दो महिलाएं जिंदा जल गईं।

पुलिस और समाज को हादसा ही लगे, इसलिए बनाई पूरी प्लानिंग
गहने बनवाने का बहाना- दूसरी पत्नी कई दिन से गहनों की मांग कर रही थी। इसलिए उसने यही बहाना काम लिया। इस बात पर वह भी राजी हो गई। हालांकि इसी बीच पहली पत्नी भी कार में सवार हो गई। लेकिन यहां उसने बच्चों को साथ नहीं लिया इस कारण उस पर संदेह हुआ।

पिता से बात करवाई
घटना से पहली रात को दीपाराम ने दूसरी पत्नी की उसके पीहर में बात करवाई। वहां बताया कि सुबह वह उसके गहने बनवाने के लिए सुनार के यहां जाएगा। ताकि उसके पीहर पक्ष को भी पूरा घटनाक्रम स्वाभाविक लगे।

दूसरी पत्नी को साथ ले गया
घर से निकलते वक्त पहली पत्नी भी कार में बैठ गई। यह उसकी प्लानिंग से अलग था। लेकिन उसको उसने पीछे की सीट पर बैठाया ताकि वह सुरक्षित रहे।

जाते समय आगे बैठाया और उसी तरफ से पत्थरों से टक्कर मारी
दूसरी पत्नी को ठिकाने लगाने के इरादे से ही उसने उसको आगे बैठाया। उसी तरफ से टक्कर भी मारी। सोच यह थी कि वह चोटिल भी होगी। बच भी गई तो कार पलटने से मरेगी। फिर भी बची तो कार में आग लगा देगा।

दोनों पत्नियों के बीच रोज-रोज के झगड़े से परेशान होकर वह 15 दिनों से हत्या की प्लानिंग बना रहा था। आरोपी ने कार में बंद कर आग लगा दी। दोनों पत्नियों के बीच रोज-रोज के झगड़े से परेशान होकर वह 15 दिनों से हत्या की प्लानिंग बना रहा था। आरोपी ने कार में बंद कर आग लगा दी।
वह दूसरी पत्नी को मारना चाहता था, लेकिन पहली भी मारी गई। वह दूसरी पत्नी को मारना चाहता था, लेकिन पहली भी मारी गई।
आरोपी के बच्चे। आरोपी के बच्चे।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।