जोधपुर

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अब तक बीस पैंथर पकड़ चुका है यह डॉक्टर, अब पहाड़ों से भटक कर रेगिस्तान पहुंचे पैंथर को किया काबू

वन्य जीवों को बचाने की मुहिम में जुटे डॉ. राठौड़ हर वर्ष सैकड़ों वन्यजीवों की जान बचाते है।

Dainik Bhaskar

Jan 17, 2018, 04:43 PM IST
थार के रेगिस्तान से बुधवार को पकड़ा गया पैंथर। थार के रेगिस्तान से बुधवार को पकड़ा गया पैंथर।

जोधपुर। पहाड़ों से भटक कर थार के रेगिस्तान में पहुंचे एक पैंथर को बुधवार दोपहर जोधपुर से गई वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया। यह शातिर पैंथर बेहोशी का इंजेक्शन लगने के बावजूद एक पेड़ पर जा चढ़ा। इसके बाद एक और इंजेक्शन लगा इसे पूरी तरह से बेहोश किया गया। इसके बाद पेड़ के नीचे जाली लगाकर ऊपर से पैंथर को उस पर गिराया गया। पहाड़ों से रेगिस्तान में पहुंचा पैंथर…

- अरावली की पहाड़ियों से भोजन की तलाश में भटकते हुए एक नर पैंथर बाड़मेर जिले के रेगिस्तानी क्षेत्र में पहुंच गया। एक सप्ताह से इस क्षेत्र में डेरा डाले बैठे इस पैंथर ने तीन लोगों को घायल कर दिया। साथ ही कई जानवरों को मार कर खा गया।

- डॉ. श्रवणसिंह राठौड़ के नेतृत्व में बाड़मेर और जोधपुर की वन विभाग की टीम तीन दिन से पैंथर की तलाश में जुटी थी। यह पैंथर रात को बाहर निकल अपना शिकार कर वापस कहीं दुबक कर बैठ जाता। ऐसे में इसकी लोकेशन का सही पता नहीं चल पा रहा था।

- आज सुबह सेड़वा के निकट एक खेत में उसकी लोकशन पता चलने पर टीम वहां पहुंची और इसकी तलाश शुरू की। दोपहर में एक खेत में घमता पैंथर नजर आ गया। डॉ. राठौड़ ने पैंथर का पीछा कर गन की सहायता से सटीक निशाना साध उसे बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया।

- इंजेक्शन लगने के बाद पैंथर करीब पच्चीस फीट ऊंचे पेड़ पर जा चढ़ा। इसके बाद एक और निशाना साध फिर से बेहोशी का इंजेक्शन लगाया गया।

- पूरी तरह से बेहोश हुए पैंथर को पेड़ के नीचे एक जाल बिछा कर उसके ऊपर गिराया गया। इसके बाद उसे पकड़ कर पिंजरे में डाला गया।

- उन्होंने बताया कि पकड़ा गया पैंथर नर है और युवा है। वह एकदम स्वस्थ है। उसे लेकर जोधपुर लाया जा रहा है। यहां उसके शरीर में एक चिप लगाने के बाद इसे वापस कुंभलगढ़ के पहाड़ी क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

अब तक पकड़ चुके है बीस पैंथर

- डॉ. राठौड़ एक दशक से वन्य जीव बचाने की मुहिम में जुटे है। हर बरस सैकड़ों वन्यजीवों का इलाज करने वाले डॉ. राठौड़ अब तक बीस पैंथर पकड़ चुके है। इस दौरान तीन बार पैंथर उन पर हमला कर चुके है, लेकिन उन्होंने पैंथर पकड़ना बंद नहीं किया। पैंथर के अलावा डॉ. राठौड़ माचिया सफारी पार्क में जन्मे शेरनी के तीन शावकों को बड़ा करने में जुटे है।

अगली स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो

झाड़ियों के बीच से गुर्राता पैंथर। झाड़ियों के बीच से गुर्राता पैंथर।
पेड़ पर बेहोश हुआ पैंथर। पेड़ पर बेहोश हुआ पैंथर।
डॉ. राठौड़ पेड़ से पैंथर उतारते हुए। डॉ. राठौड़ पेड़ से पैंथर उतारते हुए।
पैंथर को पकड़ते हुए देखने उमड़े ग्रामीण। पैंथर को पकड़ते हुए देखने उमड़े ग्रामीण।
बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में बुधवार को पैंथर को पकड़ने के बाद उसकी जांच करते डॉ. राठौड़। बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में बुधवार को पैंथर को पकड़ने के बाद उसकी जांच करते डॉ. राठौड़।
ग्रामीणों व टीम के साथ डॉ. राठौड़(खाकी जैकेट में)। ग्रामीणों व टीम के साथ डॉ. राठौड़(खाकी जैकेट में)।
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थार के रेगिस्तान से बुधवार को पकड़ा गया पैंथर।थार के रेगिस्तान से बुधवार को पकड़ा गया पैंथर।
झाड़ियों के बीच से गुर्राता पैंथर।झाड़ियों के बीच से गुर्राता पैंथर।
पेड़ पर बेहोश हुआ पैंथर।पेड़ पर बेहोश हुआ पैंथर।
डॉ. राठौड़ पेड़ से पैंथर उतारते हुए।डॉ. राठौड़ पेड़ से पैंथर उतारते हुए।
पैंथर को पकड़ते हुए देखने उमड़े ग्रामीण।पैंथर को पकड़ते हुए देखने उमड़े ग्रामीण।
बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में बुधवार को पैंथर को पकड़ने के बाद उसकी जांच करते डॉ. राठौड़।बाड़मेर जिले के सेड़वा क्षेत्र में बुधवार को पैंथर को पकड़ने के बाद उसकी जांच करते डॉ. राठौड़।
ग्रामीणों व टीम के साथ डॉ. राठौड़(खाकी जैकेट में)।ग्रामीणों व टीम के साथ डॉ. राठौड़(खाकी जैकेट में)।
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