Hindi News »Rajasthan News »Jodhpur News »News» This Girl Have Power In Her Punch, After Won Madel Now Warm Welcome At Home Town

इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत

bhaskar.com | Last Modified - Jan 17, 2018, 03:46 PM IST

जोधपुर की अर्शी खानम के लिए मुक्केबाजी की रिंग में प्रवेश करना आसान नहीं रहा, लेकिन अब माहौल बदल गया।
  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    जोधपुर की अर्शी खानम ने सर्बिया में आयोजित नेशन कप बॉक्सिंग में ब्रांज मेडल जीता है।

    जोधपुर।जोधपुर की एक लड़की ने अपने दमदार मुक्कों के दम पर देश का नाम रोशन किया है। पंद्रह वर्षीय अर्शी खानम ने सर्बिया में आयोजित बॉक्सिंग नेशन कप के जूनियर वर्ग में ब्रांज मेडल जीता है। पदक जीतकर बुधवार को जोधपुर लौटी अर्शी को लोगों ने मालाओं से लाद दिया। खुशी से चहकती अर्शी ने वादा किया कि उसका लक्ष्य मेडल का कलर बदलने का है और अगली बार वह अवश्य गोल्ड मेडल जीतकर लाएगी। ये है अर्शी खानम…

    - जोधपुर की सेंट पैट्रिक्स स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा पंद्रह वर्षीय अर्शी ने सर्बिया में आयोजित बॉक्सिंग नेशन कप में देश का प्रतिनिधित्व किया। जूनियर वर्ग के पचास किलोग्राम भार वर्ग में उसने ब्रांज मेडल हासिल किया।

    - कोच विनोद आचार्य के साथ आज जोधपुर लौटी अर्शी को रेलवे स्टेशन पर जोरदार स्वागत किया गया। परिजनों सहित बड़ी संख्या में एकत्र लोग एक जुलूस के रूप में उसे घर तक लेकर गए।

    अब मेडल का कलर बदलने का लक्ष्य

    - अपने स्वागत से अभिभूत अर्शी ने बताया कि वह चार वर्ष से अपने कोच विनोद आचार्य से बॉक्सिंग सीख रही है। जूनियर लेवल पर तीन साल से लगातार राष्ट्रीय स्तर मेडल जीतने वाली अर्शी ने बताया अब वह अपने मेडल को ब्रांज से गोल्ड में बदलने के लिए जमकर मेहनत करेगी।

    - अर्शी ने बताया कि बॉक्सिंग की शुरुआत उसके लिए बेहद मुश्किल रही। माता-पिता सहित सभी रिश्तेदारों ने उसके बॉक्सिंग सीखने का विरोध किया, लेकिन वह अपने फैसले पर कायम रही।

    - बाद में सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक पिता का सपोर्ट मिला। एक बार राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने के बाद मां का नजरिया भी बदल गया। अब सभी लोग उसकी हिम्मत की दाद देते है।

    गिफ्टेड बॉक्सर है अर्शी

    - अर्शी को कोचिंग देने वाले विनोद आचार्य का कहना है कि अर्शी एक गिफ्टेड बॉक्सर है। वह पूर्णतया बॉक्सिंग को समर्पित है। स्कूल के साथ सामंजस्य बैठा वह सुबह-शाम रिंग में नजर आती है। आने वाले कुछ वर्षों में अर्सी कई मेडल जीतेगी। हमारा लक्ष्य 2024 ओलंपिक में मेडल जीतने का है और इसी दिशा में हम आगे बढ़ रहे है।

    सभी फोटो एल देव जांगिड़

    अगली स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो

  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    रेलवेे स्टेशन पर अपने माता-पिता के साथ अर्शी।
  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    रेलवे स्टेशन प र इस तरह हुआ अर्शी का स्वागत।
  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    अर्शी खानम दसवीं की छात्रा है।
  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    कोच व सहोयगी स्टाफ के साथ अर्शी खानम।
  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    माता-पिता व कोट के साथ अर्शी।
  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    अपने कोच विनोद आचार्य के साथ अर्शी।
  • इस लड़की के मुक्कों में दम, पदक जीत लौटने पर ऐसा हुआ स्वागत
    +7और स्लाइड देखें
    जोधपुर रेलवे स्टेशन पर परिजनों के साथ अर्शी।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jodhpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: This Girl Have Power In Her Punch, After Won Madel Now Warm Welcome At Home Town
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×