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नेटवर्क तलाशने मीलों चल पड़ोसी जिलों में जा रहे, पहाड़-टंकी पर घंटों बिता रहे

सामराऊ में 8 दिन से इंटरनेट बंद: हालात सामान्य होने के बाद भी प्रशासन ने इंटरनेट सेवा सुचारू नहीं की

Danik Bhaskar | Jan 23, 2018, 07:25 AM IST

जोधपुर/सामराऊ. सामराऊ में 14 जनवरी को तनाव हुआ तो पुलिस व प्रशासन ने ऐहतियातन जिले के पूरे ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट बंद कर दिया। सोच यही थी कि लोगों में इंटरनेट के माध्यम से ना कोई अफवाह नहीं फैले, ना ही माहौल खराब हो। इस घटना के बाद दोनों समाज के नेताओं की केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी के घर बैठक हो चुकी है। पीडि़तों को राहत के लिए 5 करोड़ के पैकेज की घोषणा हो चुकी है। सामराऊ गांव में भी जनजीवन सामान्य हो चुका है। इसके बावजूद भी पूरे जिले में इंटरनेट की सेवाएं बहाल नहीं की गई हैं।

- अब तक प्रशासन की ओर से यह भी साफ नहीं किया गया है कि ये सेवा फिर कब चालू की जाएगी। इंटरनेट के इस अकाल के बीच युवा सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म को मिस कर रहे हैं। वहीं लोगों को भी काफी दिक्कतें आ रही हैं।

- इस बीच इंटरनेट की तलाश में जिले के सीमा पर बसे कई गांवों के लोग कई किमी का सफर कर दूसरे जिलों में जा रहे हैं।

- निकटवर्ती बाड़मेर, नागौर, जैसलमेर व पाली, जहां भी इन्हें इंटरनेट नेटवर्क मिलता है, पहाड़ी हो या सड़क किनारे, ये वहीं रुक जाते हैं। वहीं पर बैठकर लोग घंटों मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं।

सरकारी ऑफिसों में नेट चालू

सरकारी कार्यालयों में तो नेट चल रहा है। हालांकि अधिकांश काम ई-मित्र के जरिए ऑनलाइन होता है। ऐसे में सब काम ठप पड़े हैं। जिले से सटे लोग ऑनलाइन अपने जरूरी काम निपटाने के लिए इन जिलों की सीमा में जा रहे हैं।

इधर, सूरसागर में आगजनी-तोड़फोड़ के बाद भी इंटरनेट चालू था

गत दिसंबर की शुरुआत में सूरसागर में भी दो गुटों में आगजनी-तोड़फोड़ की घटना के बाद तनाव हो गया था। बावजूद इसके इंटरनेट पर पाबंदी नहीं लगाई गई। धारा 144 भी नहीं लगाई गई। इस संबंध में कमिश्नर अशोक राठौड़ ने कहा था कि दोनों कार्रवाई से ‘शांत शहर’ की धारणा पर चोट लगती। पुलिस के प्रबंध पुख्ता कर दें तो पूरे शहर को परेशान करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

पिछले साल एक बार भी शटडाउन नहीं
2017 राजस्थान में इंटरनेट पाबंदी वाला साल रहा है। सीकर में 15, नागौर में 9, बांसवाड़ा में 8, भीलवाड़ा में 5, बीकानेर-नवलगढ़ में 3, जयपुर में 2 व उदयपुर में 1 दिन इंटरनेट बंद रहा। जोधपुर में कभी बंद नहीं रहा।

- पीपाड़ के आईटीआई परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र जोधपुर से डाउनलोड करवाकर मंगवाना पड़ रहा।

- ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन आधार कार्ड, मूल निवास और जाति प्रमाण नहीं बन पा रहे।

- मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा व समाज कल्याण छात्रावास की स्कॉलरशिप के फाॅर्म नहीं भरे जा रहे हैं।