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जरूरत पड़े तो अस्पतालों की रिपोर्ट की सीबीआई जांच करेंं: हाईकोर्ट

जोधपुर के अस्पतालाें से जुड़ी रिपोर्टों में अनियमितताओं का मामला

Danik Bhaskar | Mar 13, 2018, 02:30 AM IST

जोधपुर. हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास और मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा, कि शहर के अस्पतालों से जुड़ी रिपोर्ट पड़ी है, इसमें कई अनियमितताएं उजागर हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ी तो सीबीआई जांच कराई जा सकती है। खंडपीठ ने यह टिप्पणी डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. अमीलाल भाट काे इस पद पर दुबारा एक्सटेंशन नहीं दिए जाने के आदेश के विरुद्ध दायर उनके प्रार्थना पत्र पर सोमवार को सुनवाई के दौरान की।

कोर्ट ने इस पर भी नाराजगी जताते हुए स्पष्टीकरण मांगा है, कि अन्य मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल पद पर तो नियुक्ति दे दी, केवल जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति क्यों रोक रखी है? इस मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद मुकर्रर की है। कोर्ट ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान शहर के अस्पतालों की दयनीय दशा को लेकर स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया था।

कोर्ट ने इसकी सुनवाई के दौरान ही डॉ. भाट काे सेवानिवृत्ति के बाद एक्सटेंशन दिए जाने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही 8 नवंबर 2017 को जारी आदेश में उन्हें इस पद पर आगे एक्सटेंशन नहीं दिए जाने के निर्देश दिए थे।

कोर्ट ने कहा था, कि डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल पद पर डॉ. भाट को 31 दिसंबर 2017 के बाद एक्सटेंशन नहीं दें, क्योंकि उनके पुनर्नियुक्ति कार्यकाल में न तो खरीदे गए उपकरण लगाए गए और न ही मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर शुरू किए गए, जबकि राज्य सरकार ने इसके लिए बड़ा बजट स्वीकृत किया था।

डॉ. भाट ने कोर्ट में आवेदन पेश कर एक्सटेंशन पर रोक लगाने का आदेश वापस लेने की गुहार की थी। शुरुआत में डॉ. भाट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता महेश बोड़ा ने पूर्व में दिया गया आदेश वापस लेने का आग्रह किया।

इधर, कोर्ट ने दिए बनास में अवैधखनन की मॉनीटरिंग के निर्देश

हाईकोर्ट ने बनास नदी में हो रहे अवैध बजरी खनन को लेकर दायर जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया है, साथ ही अवैध खनन रोकने की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता हेमंत मोजावत की ओर से दायर जनहित याचिका में बताया गया, कि बनास नदी में अवैध रूप से बजरी खनन हो रहा है।

इस पर राजसमंद जिला प्रशासन से जवाब तलब किया था। कलेक्टर राजसमंद की ओर से एडिशनल एफिडेविट पेश कर बताया गया, कि अवैध खनन रोकने के लिए सात टीमें गठित की गई हैं, नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।