Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» Lime Industry Relief By Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने पेटकोक से रोक हटाई, मारवाड़ में 400 लाइम इंडस्ट्रीज को राहत

राजस्थान में- 2200 लाइम इंडस्ट्रीज सहित 2 पॉवर व 18 बड़े सीमेंट प्लांट को फायदा

Bhaskar News | Last Modified - Dec 14, 2017, 05:59 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने पेटकोक से रोक हटाई, मारवाड़ में 400 लाइम इंडस्ट्रीज को राहत

जोधपुर. सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय को राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में लाइम, सीमेंट और पॉवर इंडस्ट्री में काम आने वाले पेटकोक और फर्नेस ऑयल पर लगे प्रतिबंध को हटाते हुए इन उद्योगों में ईधन के रूप में उपयोग लेने की अनुमति दे दी है। इससे अकेले राजस्थान में 2200 लाइम इंडस्ट्रीज सहित दो पॉवर और 18 बड़े सीमेंट प्लांट को राहत मिलेगी। पेटकोक पर रोक के बाद से प्रदेश में 15 नवंबर से ज्यादातर लाइम इंडस्ट्रीज में काम ठप हो गया था। इनमें मारवाड़ के जोधपुर, पाली और नागौर जिले की करीब 400 इकाइयां भी शामिल हैं।

ऑल इंडिया लाइम मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के महासचिव महेंद्र पित्ती के अनुसार इन तीन जिलों में लाइम इंडस्ट्रीज का प्रतिमाह टर्नओवर करीब 200 करोड़ रुपए है, जबकि इस उद्योग से प्रत्यक्ष रूप से 50 हजार और अप्रत्यक्ष रूप से करीब दो लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है। कुल टर्नओवर में करीब 30 प्रतिशत वैल्यू पेटकोक की है। लाइम व सीमेंट उद्योगों में पेटकोक फीड स्टॉक के रूप में काम में लिया जाता है। ऐसे में यदि इस पर से रोक नहीं हटती तो दोनों उद्योगों को बड़े संकट का सामना करना पड़ता। वहीं लागत बढ़ने से दूसरे प्रदेशों से प्रतिस्पर्धा में यहां के उद्योग पिछड़ जाते।

#रोक क्यों लगी थी...

इसमें सल्फर के कारण प्रदूषण होना बताया

पेटकोक पर रोक लगाने का मुख्य कारण यह बताया गया था, कि इसके उपयोग से प्रदूषण होता है। कारण- इसमें सल्फर होता है, जो लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

...किस तर्क से हटी

लाइम तो सल्फर को एब्जॉर्ब कर लेता है
राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में बताया गया, कि डी-सल्फराइजेशन के लिए लाइम का उपयोग किया जाता है। लाइम सल्फर को एब्जॉर्ब कर लेता है, तो रोक क्यों?

रोक नहीं हटती तो यह होता असर

लाइम की लागत 20 फीसदी बढ़ जाती
पेटकोक का उपयोग लाइम स्टोन से लाइम बनाने के लिए फीड स्टॉक के रूप में किया जाता है। इसकी जगह अन्य कोक इंपोर्ट कर उपयोग किया जाता, तो लाइम की लागत करीब 20 प्रतिशत बढ़ जाती।

राज्य में सीमेंट 10% महंगी हो जाती
सीमेंट उद्योग में पेटकोक का उपयोग लाइम स्टोन के साथ पीस कर क्लिंकर बनाने केे लिए किया जाता है। यदि सीमेंट निर्माण की लागत बढ़ती है तो इन प्रदेशों की सीमेंट की कीमत करीब 10 फीसदी बढ़ जाती।

सब्सटिट्यूट से बढ़ जाता प्रदेश में प्रदूषण

इसके सब्सटिट्यूट के रूप में कोयला या इंपोर्टेड कोक काम में लिया जाता तो वह महंगा तो पड़ता ही, साथ ही धुंआ व प्रदूषण भी ज्यादा फैलाता, जबकि पेटकोक से धुंआ नहीं होता।

लोहिया की पहल से आगे बढ़ी बात

राजस्थान लघु उद्योग विकास बोर्ड के अध्यक्ष मेघराज लोहिया ने पेटकोक पर प्रतिबंध के कारण होने वाली परेशानी से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को अवगत कराया था। इस पर मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार मुख्य सचिव अशोक जैन, स्टेट लीगल टीम और पर्यावरण विभाग से जुड़े अफसरों ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से मिलकर स्थिति से अवगत कराया। इसके बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा। पेटकोक और फर्नेस ऑयल पर प्रतिबंध हटने के बाद मुख्यमंत्री ने लोहिया को फोन कर बधाई दी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×