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रिटायमेंट से 6 दिन पहले हो गए शहीद, 13 साल के बेटे ने दी चिता को आग

इसी 31 जनवरी को रिटायर होने वाले थे, लेकिन छह दिन पहले ही एक हमले में वे शहीद हो गए।

Danik Bhaskar | Jan 27, 2018, 03:34 AM IST

बीकानेर/जोधपुर. अरुणाचल प्रदेश में शहीद हुए राकेश कुमार चोटिया का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके पैतृक गांव में लाया गया, जहां उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

- शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ के गांधी पार्क में सुबह नौ से 11 बजे तक शहीद का शव दर्शनार्थ रखा गया।

- वहां सैनिकों, राजनेताओं सहित बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने शहीद राकेश कुमार को श्रद्धांजलि दी।
- इस दौरान राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता रामेश्वर डूडी, खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल और कलेक्टर अनिल गुप्ता एसपी सवाई सिंह गोदरा समेत कई लोग श्रद्धांजलि देने आए।

ब्लास्ट में शहीद
- अरुणाचल के मनकाख क्षेत्र में माओ उग्रवादियों की ओर से बिछाई गई इंप्रोवाइज एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) में धमाका होने से बीकानेर के सपूत राकेश कुमार चोटिया शहीद हो गए।
- शहीद राकेश बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ तहसील में धीरदेसर चोटियान गांव के रहने वाले थे।

31 जनवरी हो रिटायर होने वाले थे
- वे इंडियन आर्मी की 11 ग्रेनेडियर रेजीमेंट में नायक थे और 1999 में सेना में भर्ती हुए थे।
- इसी 31 जनवरी को रिटायर होने वाले थे, लेकिन छह दिन पहले ही एक हमले में वे शहीद हो गए।
- वे अपने पीछे पत्नी इंद्रा के अलावा बेटी पूजा (8) और बेटा मनीष (13) को छोड़ गए हैं।