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बंजर जमीन पर उगा दिए फूल और फलों के पौधे, पत्नी के लिए किया था ऐसा

रिटायर होने के बाद बंजर जमीन को ऐसी उपजाऊ बनाया कि ले रहे कई फल-फूल

Bhaskar News | Last Modified - Mar 13, 2018, 07:29 AM IST

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    खेत में पौधे पर लगे संतरे और चीकू के पेड़

    जालोर(जोधपुर).एक वरिष्ठ नागरिक के जुनून ने वर्षों से बंजर पड़ी जमीन को उपजाऊ बना दिया और अब उसी जमीन पर अन्य कई बगीचे भी तैयार हो रहे हैं। हम बात कर रहे है जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर पहाड़ी के पीछे चितहरणी क्षेत्र की, जहां कुछ वर्ष पहले तक चितहरणी के धोरों की बंजर पड़ी जमीन को कोई देखना भी पसंद नहीं करता था, लेकिन सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद मेघाराम चौधरी के जुनून ने इस जमीन को उपजाऊ बना डाला। उसके बाद तो यह क्षेत्र धीरे-धीरे ऐसा पनपना शुरू हुआ कि अब फल-फूलों के पौधों से खुशबू फैला रहा है।

    पत्नी के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए चुना खेत


    - नागौर के रहने वाले करीब 68 वर्षीय मेघाराम चौधरी दो सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्त हुए हैं।

    - पहली सेवा उन्होंने भारतीय वायुसेना में दी। जहां से पन्द्रह वर्ष की नौकरी करने के बाद रिटायर हो गए। उसके बाद जीपीएफ में नियुक्ति मिली।

    - उन्हें जीपीएफ विभाग जालोर में नियुक्ति दी गई। करीब पच्चीस वर्ष जीपीएफ में सेवा देने के बाद वर्ष-2010 में सेवानिवृत्त हो गए। इसी बीच चौधरी की पत्नी की तबीयत ठीक नहीं रहने लगी। शहरी खान-पान व वातावरण अनुकूल नहीं होने के कारण रक्त की कमी होने लगी। इस कारण चौधरी ने सेवानिवृत्त होते ही शहर से दूर खेत में रहकर जीवनयापन करने की ठानी। नतीजा रहा कि अब पत्नी का भी स्वास्थ्य ठीक है और खेत भी एक बागवानी की तरह पनप गया।

    कमी कुछ नहीं, बस जुनून
    - चौधरी मेघाराम बेंधा ने बताया कि वैसे उनके जीवन में किसी की कोई कमी नहीं है। दो सरकारी सेवाओं की पेंशन मिल रही है।

    - दो बेटे सरकारी सेवाओं में है। एक चिकित्सक है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद के जीवन को अच्छे से जीने का जुनून था।

    - इस कारण यह फैसला लिया। इस प्रकार के जीवन से ताजगी और सुकून मिलता है।

    जहां कोई जाता नहीं, वहां पनपाए बीस प्रकार के फल

    - पहाड़ी के पीछे चितहरणी क्षेत्र के टीले सूनसान बंजर जमीन के रूप में पड़े थे। हालांकि, इस जमीन में पानी भरपूर और मीठा है, लेकिन उस क्षेत्र में कोई रहना भी पसंद नहीं करता था।

    - मेघाराम ने इस बंजर भूमि का चयन किया और करीब 18 बीघा जमीन खरीद ली। पिछले आठ वर्षों में मेहनत करके न केवल जमीन को खेती लायक बनाया। बल्कि एक ऐसा बगीचा तैयार किया, जिसमें मौसमी, चीकू, आम, निंबू, बादाम, बेर, पपीता, कटहल, गुलाब के फूल समेत बीस प्रकार के फूल व फलों की बागवानी तैयार कर दी।

    - इनसे प्रेरित होकर अब आसपास के खेतों में भी लोगों ने सब्जियों के लिए पॉली हाउस लगाने शुरू कर दिए।

    - इस वर्ष प्रतापराम गर्ग की ओर से पॉली हाउस तैयार किया गया। साथ ही अन्य कई जगह खेती शुरू हो गई। इससे यह क्षेत्र भी पनपने लग गया है।

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    बगीचे में लगे आम के पेड़
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Web Title: More Than 20 Flowers And Fruits Grown On Waste Land
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