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बेजान हुआ बब्बर: शांत हुई प्रदेश के सबसे उम्रदराज शेर ‘लव’ की दहाड़

माचिया सफारी पार्क में सोमवार रात मौत, 20 साल 6 माह का था, अंतिम संस्कार हुआ

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 07:26 AM IST

जोधपुर. माचिया सफारी पार्क में एक सप्ताह से जीने के लिए संघर्ष कर रहा राजस्थान का सबसे उम्रदराज बब्बर शेर ‘लव’ का सोमवार रात निधन हो गया। करीब 20 साल 6 माह के ‘लव’ को सोमवार रात नौ बजे पलटी खिलाई गई थी। इसके बाद वन कर्मचारी मंगलवार अलसुबह पांच बजे उसे पलटी खिलाने आए तो वो अपनी कंबल पर मृत मिला। वन विभाग ने तीन सदस्यों के डॉक्टर्स का मेडिकल बोर्ड गठित कर उसका पोस्टमार्टम करवाया। इसके बाद माचिया सफारी पार्क के गेट नंबर तीन के पास दोपहर साढ़े बारह बजे उसका अंतिम संस्कार किया गया।


‘लव’ उम्रदराज होने से पिछले 6 माह से बीमार चल रहा था। उसकी रेस्क्यू सेंटर की मेडिकल टीम द्वारा इलाज किया जा रहा था। पिछले एक सप्ताह से उसकी हालत ज्यादा खराब हो गई। घुटने खराब होने से चल-फिर नहीं पा रहा था। ऐसे में लिवर और किडनी पर भी इसका असर हुआ। रविवार के बाद उसने खाना पीना भी छोड़ दिया। रविवार की रात और सोमवार का दिन उसने बिना कुछ खाए-पीए ही गुजारा। मेडिकल टीम ने उसे ग्लूकोज दिया, लेकिन उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता उम्र के लिहाज से खत्म हो गई थी और चमड़ी भी गलने लगी थी। लिहाजा मेडिकल टीम ने उसे आईसीयू मेडिकल का ट्रीटमेंट दिया। चौबीस घंटे उसकी देखरेख में कर्मचारी लगाया, लेकिन उसे कोई बचा नहीं सका।

मेडिकल बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम

‘लव’ के पोस्टमार्टम के लिए डॉ.श्रवणसिंह राठौड़, डॉ.नरेंद्रसिंह व डॉ.मोहम्मद रफीक के निर्देशन में तीन सदस्यों के डॉक्टर्स का मेडिकल बोर्ड गठित किया गया। डिप्टी कमिश्नर जेडीए वीरेंद्रसिंह तथा पुलिस की ओर से एसआई महिपाल सिंह के अलावा माचिया का तमाम स्टाफ मौजूद था। इसके बाद वनकर्मियों ने नम आंखों से उसे मुखाग्नि दी।

दिनभर ‘गौरी’ रही उदास

अपने साथी को खोने का गम कोटा से लाई गई शेरनी ‘गौरी’ के चेहरे पर साफ झलक रहा था। वो दिनभर उदास चेहरे से हर कर्मचारी को देख रही थी। दिनभर अपने पिंजरे में एक जगह बैठी रही। दरअसल, कोटा से 17 साल पूर्व लाए गए हाईब्रिड नस्ल बब्बर शेर ‘लव’ के साथ जोड़ा बनाने के लिए बीस साल की उम्रदराज शेरनी ‘गौरी’ को करीब एक साल पूर्व कोटा से लाया गया था।


सभी वन्यजीवों ने रखा सामूहिक उपवास
अपने साथी के चले जाने के गम में मंगलवार को किसी भी जानवर ने खाना नहीं खाया। सभी वन्यजीवों ने सामूहिक उपवास रख अपने साथी को अंतिम विदाई दी। माचिया सफारी पार्क में मंगलवार के दिन सभी वन्यजीव उपवास रखते हैं और इसी दिन उनके बीच दहाड़े मारने वाले शेर ‘लव’ का अंतिम संस्कार किया।