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2 बार सर्जरी से नहीं निकले 15 mm के स्टोन, अब बिना-चीर फाड़ निकाला

प. राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में पहले ऑपरेशन का दावा, मणिपुर के युवक ने जोधपुर में रेट्रोग्रेड इंट्रा रीनल सर्जरी से

Dainik Bhaskar

Jan 15, 2018, 04:55 AM IST
Operation from Retrograde Intra Renal Techniques

जोधपुर. किडनी में फंसे 15 एमएम (डेढ़ सेमी) की पथरी का दो बार ऑपरेशन करा चुके मणिपुर के गोजेंद्र को जोधपुर आकर राहत मिली। यहां मथुरादास माथुर अस्पताल के डॉक्टरों ने रेट्रोग्रेड इंट्रा रीनल तकनीक से ऑपरेशन कर बिना चीर-फाड़ मूत्र मार्ग से पथरी बाहर निकाल ली। यह ऑपरेशन काफी जटिल था, क्योंकि मरीज के गुर्दे (किडनी) का घुमाव सामान्य से ज्यादा था। इस कारण पथरी बाहर निकालना मुश्किल था। डॉक्टरों का दावा है कि यह पश्चिमी राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में इस तरह का पहला ऑपरेशन है।

यूरोलॉजी विभाग के सह आचार्य डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि गाेजेंद्र तीन माह से गंभीर पेट दर्द से परेशान था। सोनोग्राफी व एक्सरे आईवीपी की रिपोर्ट में किडनी स्टोन होना पाया गया। साथ ही यह भी सामने आया कि मरीज के गुर्दे की संरचना आम गुर्दे से अलग और ज्यादा घुमावदार थी, इसी कारण पहले दो ऑपरेशन में स्टोन नहीं निकल पाया। इसलिए हमने से रेट्रोग्रेड इंट्रा रीनल सर्जरी का पहला प्रयोग किया, जो सफल रहा।

- ऑपरेशन करने वाली टीम में यूरोलॉजी के सह-आचार्य डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा, डॉ. आरके सारण, डॉ. गोरधन, निश्चेतना विभाग की डॉ. नीलम मीणा, नर्सिंग स्टाफ अरविंद, सलीम व पुखराज देवड़ा शामिल थे।

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Operation from Retrograde Intra Renal Techniques
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