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8 साल पहले पैरोल से फरार, फायरिंग में भागा; पुलिस ने जंगल में पीछा कर दबोचा

मुठभेड़ के समय साथियों के साथ वॉलीबाॅल खेल रहा था, सहयोगियों ने पुलिस की दो गाड़ियों के शीशे फोड़े, 10 बदमाशों की पहचान

Dainik Bhaskar

Jan 09, 2018, 06:54 AM IST
police arrested most wanted criminal in filmy style

जोधपुर. नटवर हत्याकांड में बीकानेर जेल में आजीवन जेल की सजा काट रहा और आठ साल पहले पैरोल पर फरार हुआ हार्डकोर अपराधी शंकरिया खाेखर पुलिस से आमने-सामने की मुठभेड़ के बाद सोमवार शाम पकड़ा गया। मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस टीम पर तीन राउंड फासर किए, जवाब में पुलिस ने भी दो राउंड फायर किए। शंकर के साथ वॉलीबाॅल खेल रहे उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर उनकी दो गाड़ियों के कांच फोड़ डाले और पत्थरबाजी कर चार पुलिसकर्मियों को चोटिल कर दिया। इसका फायदा उठाकर शंकर फरार हो गया। पुलिस ने जंगल में एक किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ा। इस बीच उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की और उसके पास से देसी कट्टा उसका साथी ले भागा। पुलिस ने शंकर के करीब दस साथियों की पहचान की है, जिनकी धरपकड़ के लिए टीमें देर रात तक जुटी रहीं।

फरारी के दौरान भी करता रहा अपराध
- तिलवासनी निवासी शंकरलाल उर्फ शंकरिया खोखर नटवर हत्याकांड में आजीवन सजा का मुजरिम है। उसे पहले जोधपुर सेंट्रल में रखा गया। बाद में उसे बीकानेर जेल शिफ्ट कर दिया गया। वहां उसे 8 जनवरी 2010 को पैराेल मिली। तब से वह फरारी काट रहा है। इस दौरान उसने कई अपराध भी किए।

- ग्रामीण पुलिस की टीम ने उसे 8 जनवरी को ठीक आठ साल बाद गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है।

18 मामले दर्ज, इनमें 4 हत्या के
- शंकरिया के खिलाफ पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने दो हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। इसके अलावा पुलिस महानिदेशक ने भी इसे पकड़ने के आदेश दे रखे हैं।

- नटवर हत्याकांड के मुख्य आरोपी शंकरिया के खिलाफ जोधपुर शहर व ग्रामीण, पाली, नागौर, सिरोही, बीकानेर में 4 हत्या, 10 हत्या प्रयास के अलावा राजकार्य में बाधा, आर्म्स एक्ट, मारपीट सहित कुल 18 मामले दर्ज हैं।

5 दिन पहले भी पुलिस को चकमा देकर भागा
- पांच दिन पूर्व डांगियावास पुलिस थाने के पीछे शंकरिया वॉलीबाॅल खेल रहा था। इस दौरान उसे पकड़ने पुलिस की टीम पहुंची तो उसके साथियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। बाद में वह अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने राजकार्य में बाधा व जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था।

- वहीं सोमवार को हुई कार्रवाई में बिलाड़ा पुलिस ने जानलेवा हमला, राजकार्य में बाधा, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न मामलों में उसे गिरफ्तार किया है।

हथियार तस्करों से संपर्क का संदेह
- गत 28 दिसंबर को पाली से जोधपुर के बीच स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर उनसे 14 पिस्टल, 18 मैगजीन व 56 कारतूस बरामद किए थे। इनमें पाली जैतारण के मांगीलाल रेबारी के अलावा तिलवासनी गांव पीपाड़ शहर निवासी बाबूलाल विश्नोई व देवाराम देवासी पकड़े गए थे।

- पुलिस को संदेह है कि शंकरिया इन बदमाशों के संपर्क में था और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए उनसे हथियार मंगवा रहा था। इससे पहले ही आरोपी पकड़े गए। इसके बावजूद शंकरिया के पास हथियार था, जिससे उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की।


पकड़ने के लिए निजी वाहन में गई पुलिस
- पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. रवि ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी को सोमवार शाम करीब छह बजे गिरफ्तार किया था।

- इसके लिए पुलिस उपअधीक्षक सेठाराम बंजारा के निर्देशन में बिलाड़ा थानाधिकारी गौतम जैन के नेतृत्व में एसआई भंवरलाल व सुनील टाडा, एएसआई सुनील कुमार, हैड कांस्टेबल समुंद्र सिंह व पवन कुमार, कांस्टेबल लखपत की टीम बनाई गई। यह टीम निजी वाहन से तिलवासनी गई और कार्रवाई को अंजाम दिया।

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