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मोबाइल-आधार लिंक नहीं हो रहे, ट्रांसपोटर्स को ई-वे बिल जनरेट करने में आ रही परेशानी

एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच 50 हजार रुपए से अधिक व्यापार करने पर ई-वे बिल जनरेट करना आवश्यक होगा।

Dainik Bhaskar

Dec 28, 2017, 06:00 AM IST
Problems to transporters to generate e-way bills

जोधपुर. प्रदेश में ई-वे बिल प्रक्रिया शुरू हुए पांच से अधिक दिन हो गए हैं, लेकिन अभी भी कई ट्रांसपोर्टर को ई-वे बिल जनरेट करने में परेशानी आ रही हैं, क्योंकि वे जिस मोबाइल नंबर से ई-वे बिल जनरेट कर रहे हैं, उसका आधार से लिंक होना आवश्यक है। अगर किसी का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है तो उससे ई-वे बिल जनरेट नहीं होगा।

- कर्नाटक के बाद प्रदेश में 20 दिसंबर से ही ई-वे बिल प्रक्रिया शुरू हुई है। कुछ ट्रांसपोर्टर को ई-वे बिल जनरेट करने में परेशानी आ रही है और उनकी ओर से ई-वे बिल इश्यू नहीं हो रहा।

- इस बारे में जानकारी की, तो पता चला कि जिन ट्रांसपोर्टर के मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं हैं, उनको परेशानी आएगी। जिनके मोबाइल नंबर आधार से लिंक थे, उन्हें यह दिक्कत नहीं आई। पैन वेरीफिकेशन के कारण उनके नंबर आधार से लिंक हो चुके थे।


माल वापस आया तो नया ई-वे बिल जनरेट होगा
- एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच 50 हजार रुपए से अधिक व्यापार करने पर ई-वे बिल जनरेट करना आवश्यक होगा। माल मंगवाने या माल भेजने पर यह बिल जनरेट करना होगा। दो अलग-अलग राज्यों के व्यापारी के बीच माल मंगवाया जाता है और किसी कारणवश वो माल नहीं लेता है, तो इस परिस्थिति में भी सरकार ने प्रावधान रखा है कि माल भेजने वाला एक नया ई-वे बिल जनरेट करेगा और माल वापस मंगवा लेगा।

- इसी तरह, यदि एक शहर के व्यापारी ने दूसरे शहर माल भेजा और उसने सीधे ही उस माल का सौदा दूसरे राज्य के व्यापारी के साथ कर दिया है तो ऐसी परिस्थिति में दो ई-वे बिल बनेंगे, ताकि किसी को परेशानी नहीं आए।

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