जोधपुर

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पूर्व CM जयनारायण व्यास गोविंद काका को अपना चेला मानते थे, लेकिन उनसे सलाह भी लेते थे

काका के नाम से विख्यात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद श्रीमाली का 86 साल की उम्र में निधन

Danik Bhaskar

Dec 13, 2017, 08:54 AM IST

जोधपुर. शेरे राजस्थान और पूर्व मुख्यमंत्री रहे जयनारायण व्यास गोविंद श्रीमाली ‘काका’ को अपना चेला मानते थे, लेकिन कई बार उनकी सलाह भी लेते थे। श्रीमाली भी अपने गुरु के सिद्धांतों पर ही चले। पूर्व मुख्यमंत्री बरकतउल्लाह खान से भी उनके मधुर संबंध थे। जब जयनारायण व्यास पार्लियामेंट के सदस्य थे तो उन्होंने गोविंद श्रीमाली को 25 पैसे का मनीऑर्डर भेजा, लेकिन अपने उसूलों पर रहने वाले श्रीमाली ने बड़ी विनम्रता के साथ उसे लौटा दिया। जब जयनारायण व्यास जोधपुर आए तो उन्होंने अपनी ही बात को समेटते हुए कहा कि ये पैसे तो उन्होंने अपने काम के लिए भेजे ताकि कोई काम रुके नहीं। तब उन्होंने मनीआॅर्डर हाथ में थामा। मैं जब महापौर चुना गया तो उन्हें भनक लगी कि घंटाघर की संपत्ति को बेच रहे हैं। फिर क्या, वे दूसरे दिन निगम ऑफिस आ गए। मेरे से बात की और जब बात झूठी निकली तो चैन की सांस ली। मुझसे बोले, कि तुम भूल कर भी किसी भी परिस्थिति में संपत्ति को बेचने की मत सोचना। (जैसा पूर्व महापौर व कांग्रेस नेता रामेश्वर दाधीच ने भास्कर के राजेश त्रिवेदी को बताया)

मंगलवार को अस्पताल में भर्ती हुए थे
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और स्वतंत्र पत्रकार गोविंद श्रीमाली काका का मंगलवार रात मथुरादास माथुर अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे 86 वर्ष के थे। उन्हें मंगलवार दोपहर में तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनके निधन की सूचना से कांग्रेस में शोक की लहर छा गई।

उनकी अंतिम यात्रा बुधवार सुबह 9 बजे ब्रह्मपुरी स्थित निवास स्थान से रवाना होकर चांदपोल श्मशान घाट जाएगी। यहां उनका अंतिम संस्कार होगा। उसके परिवार में एक पुत्र व तीन पुत्रियां हैं, जबकि उनकी पत्नी का देहांत हो चुका है। उनके निधन पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक जताया है।

19 जून 1931 को गिरधारीलाल त्रिवेदी के घर जन्मे गोविंद श्रीमाली बचपन से ही राजनीति में सक्रिय थे। उन्होंने वर्ष 1958 में ‘युग जीवन’ साप्ताहिक पत्रिका से पत्रकारिता में कदम रखा।

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