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ड्राइवर ने 22 लोगाें के नाम खरीदी 3993 बीघा जमीन, वाड्रा की 4 कंपनियों को बेची

दैनिक भास्कर ने ढूंढकर निकाले वे 21 लोग जिनके नाम पर जमीनें खरीदी गई...इन्हें खुद नहीं पता कहां और कितनी है इनकी जमीन।

ओमप्रकाश शर्मा | Last Modified - Dec 23, 2017, 07:02 AM IST

  • ड्राइवर ने 22 लोगाें के नाम खरीदी 3993 बीघा जमीन, वाड्रा की 4 कंपनियों को बेची
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    फरीदाबाद निवासी महेश नागर को रॉबर्ट वाड्रा का करीबी माना जाता है।

    जयपुर. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद व प्रियंका के पति रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी के बीकानेर के गजनेर में फर्जी दस्तावेज से जमीन आवंटित करने के मामले में सीबीआई की जांच कुछ नोटिस जारी करने के बाद अटक गई है। मगर इस खरीद-फरोख्त का दायरा सिर्फ एक भूखंड से कहीं आगे है। हकीकत ये है कि बीकानेर के कोलायत और जैसलमेर के पोखरण में वाड्रा की चार कंपनियों की 1260 बीघा जमीन है। चौंकाने वाली बात ये है कि ये सारी जमीन इन कंपनियों ने गिनती के 22 लोगों से खरीदी है...और इनमें से कोई भी यहां का रहने वाला नहीं है। ये सभी हरियाणा के फरीदाबाद, गुड़गांव या दिल्ली के रहने वाले हैं और फरीदाबाद के तिगांव से कांग्रेस विधायक ललित नागर के भाई महेश नागर से जुड़े हैं।

    जमीन के मालिकों से बात की तो ज्यादातर को इस बात का पता भी नहीं
    2010 से 2015 के बीच इन्हीं चंद लोगों के नाम से कोलायत और पोखरण में करीब 3993 बीघा जमीनें खरीदी गईं। इसमें कुछ जमीन एससी कैटेगरी की भी है। अब तक इसमें से करीब एक तिहाई जमीनें वाड्रा की चार कंपनियों को बेची जा चुकी हैं, जबकि 2733 बीघा से ज्यादा जमीन इन्हीं लोगों के नाम है। इससे जुड़े दस्तावेज भास्कर के पास मौजूद हैं, लेकिन जब इस विषय में हमने जमीन के मालिकों से बात की तो ज्यादातर को इस बात का पता भी नहीं था कि उनके नाम से राजस्थान में कोई जमीन भी है। जब महेश नागर से संपर्क किया गया तो उन्होंने इन लोगों को जानने से भी इनकार कर दिया।

    जिन लोगों के नाम बता रहे हो, मैं उन्हें नहीं जानता

    महेश नागर ने बात करने पर कहा "मैं जोगेन्द्र, कैलाश, भरत, संदीप, ऋषिपाल किसी को भी नहीं जानता हूं। मेरी बीकानेर में जमीन तो है, लेकिन दस्तावेज देख कर बता सकूंगा कि कितनी है। मैंने वाड्रा के लिए खुद के व परिचितों के नाम से जमीनें नहीं खरीदी। उनकी तो वहां पर अलग जमीनें है। "

    महेश नागर के कर्मचारियों-रिश्तेदारों के नाम पर जमीनें...

    1. वाड्रा का करीबी माना जाता है महेश नागर

    फरीदाबाद निवासी महेश नागर को रॉबर्ट वाड्रा का करीबी माना जाता है। ये घोटाले की पहली कड़ी है। महेश नागर के भाई ललित नागर फरीदाबाद के तिगांव से कांग्रेस विधायक है।

    ...और दो नंबर में ऐसे चलता है जमीनों का कारोबार

    महेश नागर ही वाड्रा की कंपनियों के लिए जमीनों की खरीद-फरोख्त करता है। उसने वर्ष 2011 से 2015 के बीच परिचितों के नाम से बीकानेर व पोखरण में जमीनी खरीदी। महेश नागर के खुद के नाम से बीकानेर कोलायत मुलाजमान कस्बे में 21.84 बीघा और कोटडी में 46.96 बीघा जमीन है।

    2733 बीघा से ज्यादा जमीन अभी महेश नागर के परिचितों के ही नाम है, इसका सौदा नहीं हुआ

    2. उद्योगपति पता लगाते हैं-कहां कौन सा सरकारी प्रोजेक्ट

    बीकानेर और जैसलमेर में कांग्रेस सरकार के समय सोलर व विंड पावर की परियोजनाएं आने की चर्चा थी। विशेषज्ञों के मुताबिक कॉरपोरेट कंपनियां ऐसे सरकारी प्रोजेक्ट्स की खबर पहले ही निकाल लेते हैं, फिर उस क्षेत्र में जमीनें खरीदते हैं। यहां भी ऐसा ही हुआ।

    3. लोकल प्रॉपर्टी डीलरों के जरिये काम

    हालांकि सीधे जमीनों की खरीद में दिक्कत होती है। कई बार ये जमीनें रिजर्व्ड कैटेगरी की होती हैं। ऐसे में बड़े उद्योगपति महेश नागर व स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर्स के माध्यम से जमीनें खरीदना शुरू करते हैं। बीकानेर के एक ऐसे ही प्रॉपर्टी डीलर जयप्रकाश को ईडी ने शुक्रवार को गिरफ्तार भी किया है।

    4. वाड्रा को यूं हुआ फायदा...कीमतें अब दोगुनी

    बीकानेर व जैसलेमेर में रॉबर्ट वाड्रा की लंबोदर आर्ट कंपनी, रियल अर्थस्टेट, आरटेक्स फर्म, नॉर्थ इंडिया आईटी पार्क व स्काई लाइट कंपनी के नाम से 1260 से बीघा से ज्यादा जमीन है।
    यह जमीन 2011 से 2015 के बीच महेश नागर व उसके परिचितों से एक लाख से लेकर 6.50 लाख रुपए प्रति बीघा के हिसाब से खरीदी गई। वर्तमान में कीमत दो गुनी हो गई है।

    जिसे ईडी ने अब पकड़ा उसके नाम से 268 बीघा जमीन और
    फरीदाबाद निवासी अशोक कुमार नागर का सबसे ज्यादा करीबी कर्मचारी है। अशोक के नाम से वर्ष 2010 से 2015 की अवधि में कोलायत के मुलाजमान कस्बे में अलग-अलग समय में 268.88 बीघा जमीन खरीदी गई। अशोक की जमीन को बाद में वाड्रा की कंपनियों के नाम पॉवर अर्टानी करा दी गई।

    महेश नागर से बात की तो बाकी सभी के फोन स्विच ऑफ
    हमने उन लोगों से संपर्क का प्रयास किया, जिनके नाम ये जमीनें हैं। मगर खास बात ये कि महेश नागर से बात होने के बाद हमने जिससे भी बात करने का प्रयास किया उसने फोन नहीं उठाया। हरियाणा के फरीदाबाद, गुड़गांव व दिल्ली के इन लोगों से मिलने का भी प्रयास किया, लेकिन सभी ने मिलने से इनकार कर दिया।

    महेश मेरे भाई...मगर मेरी कोई जमीन नहीं

    नागर का भांजा जोगेंद्र(बीकानेर और जैसलमेर में इसके नाम जमीनें हैं) ने बताया कि महेश नागर मेरे भाई हैं। उन्होंने मुझे पहचानने से इंकार क्यों किया इस बारे में तो उनसे ही बात करो। मेरे नाम से बीकानेर व पोखरण में जमीन नहीं है। वाड्रा से कोई लेना-देना नहीं है।

    नागर ने मेरे नाम पर भी खरीदी थी जमीन...

    नागर का कर्मचारी संदीप भाटी का कहना है "मैंने जमीन बीकानेर में खरीदी थी, कितनी है, रिकॉर्ड देखना पड़ेगा। महेश नागर के पास मैं पहले काम करता था, तब उसने मेरे नाम से भी जमीनें खरीद एक कंपनी को बेच दी थी। अब मैं नागर से अलग हो गया हूं।"

    ...इसलिए अंदरखाते चलता है बेनामी खरीद-फरोख्त का खेल

    - महेश नागर ने कर्मचारियों, परिचितों व रिश्तेदारों के नाम से बीकानेर-जैसलमेर में जमीनें खरीदीं।
    - जमीन मालिकों को इस खरीद का पता न होना दर्शाता है कि ये संपत्तियां बेनामी हैं।
    - बाद में ये जमीनें अलग-अलग रॉबर्ट वाड्रा की चार कंपनियों को बेची गईं।
    - कुछ दिनों पहले ईडी ने भी महेश नागर व अशोक कुमार के ऑफिस में छापा मारा था।

    आगे की स्लाइड्स में पढ़ें, दैनिक भास्कर ने ढूंढकर निकाले वे 21 लोग जिनके नाम पर जमीनें खरीदी गई...इन्हें खुद नहीं पता कहां और कितनी है इनकी जमीन...

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    ऋषिपाल : महेश नागर का मामा।

    पुन्हाना हरियाणा का ऋषिपाल महेश नागर का मामा है। उसके नाम से बीकानेर के चक मुलाजमान में 2012 में 101.20 बीघा जमीन खरीद वाड्रा की कंपनी को बेच दी। चक गुर्जर सिंह वाला एन-15 में 132.24 और समोरखी कस्बे में 50.6 बीघा उसी के नाम है।

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    जोगेन्द्र : महेश नागर का भांजा

    पलवल हरियाणा का जोगेन्द्र महेश नागर का भांजा है। उसके नाम बीकानेर के चक मुलाजमान में 283.32 बीघा जमीन खरीद वॉड्रा की कंपनी के नाम पॉवर अर्टानी की गई। पोखरण के छायण में जोगेन्द्र के नाम से अभी 424.9 बीघा जमीन है।

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    देवराज नागर व राकेश वर्मा : कर्मचारी

    फरीदाबाद का देवराज नागर महेश नागर का कर्मचारी है। उसके नाम से 2011-12 में कोलायत के मुलाजमान में 40.44 बीघा और राकेश वर्मा के नाम से 37.92 बीघा जमीन खरीदी गई। दोनों जमीन की वाड्रा की कंपनी के नाम से पॉवर अर्टानी करा दी।

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    रणवीर सिंह : महेश नागर का पीए

    फरीदाबाद निवासी रणवीर सिंह के नाम से पोखरण के सुजासर में 2012 से 2014 के बीच 30.08 बीघा, छायन में 50 बीघा व बीकानेर के डेह में 25.28 व कोटड़ी में 75.04 बीघा जमीन खरीदी।

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    विकल नागर : महेश नागर का बॉडीगार्ड

    फरीदाबाद के विकल नागर के नाम 2012 से 2015 के बीच बीकानेर के समोरखी में 50.56 व पोखरण के छायन में 150.78 बीघा जमीन ली जो उसके नाम ही है।

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    नरेन्द्र सिंह : महेश नागर का ड्राइवर

    फरीदाबाद के नरेन्द्र सिंह के नाम से बीकानेर के कोटड़ी में 25.28, समोरखी में 75.88 व डेह में 53.04 बीघा जमीन है। जमीन अभी नरेन्द्र सिंह के नाम से ही है।

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    सुरेन्द्र सिंह : महेश नागर का कर्मचारी

    फरीदाबाद के सुरेन्द्र सिंह के नाम मुलाजमान में 177 बीघा जमीन 2012-13 में खरीद वाड्रा की कंपनियों को दी। यहां 125 व समोरखी में 50 बीघा जमीन सुरेंद्र के नाम है।

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    संदीप : महेश नागर का कर्मचारी

    फरीदाबाद का संदीप, महेश नागर के लिए काम करता है। उसके नाम से चक मुलाजमान में 25.32 व छायन में 35.32 बीघा एससी कैटेगरी की जमीन है।

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    दीपक सिंह व भरत कुमार : महेश नागर के परिचित

    फरीदाबाद के दीपक सिंह के नाम से पोखरण के गोविंदपुरा में 105, सुजासर में 17 बीघा और भरत कुमार के नाम सुजासर में 328 व छायन में 91 बीघा जमीन खरीदी।

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    राजकुमार नागर : महेश नागर का भाई

    फरीदाबाद निवासी राजकुमार नागर महेश नागर का भाई है। उसके नाम से सुजासर में 12.38 बीघा जमीन है।

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    अमिल पायला : नागर का साला

    हरियाणा निवासी अमित कुमार पायला नागर का साला है। उसके नाम से बीकानेर के आरजीजीतू सिंह कस्बे में 91.6 बीघा जमीन है। जो 2013 से 2015 के बीच खरीदी।

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    मनोज नागर : महेश नागर का छोटा भाई

    फरीदाबाद निवासी मनोज नागर महेश नागर का छोटा भाई है। उसके नाम से बीकानेर के कोटडी कस्बे में 162.96 बीघा जमीन है। ये अभी उसी के नाम से रिकॉर्ड में है

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    प्रवेश कुमार : नागर का साला

    हरियाणा निवासी प्रवेश कुमार महेश नागर का साला है। उसके नाम से कोटड़ी में 95.6 और समोरखी में 17.24 बीघा जमीन है। ये जमीन अभी उसी के नाम से है।

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    मंदिरा गोयनका : नागर की परिचित

    फरीदाबाद निवासी मंदिरा गोयनका नागर की परिचित है व वाड्रा की कपंनी से जुड़ी है। उसके नाम से बीकानेर के समोरखी में 50.6 और डेह में 25.6 बीघा जमीन है।

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    मालती शैलेन्द्र कोठारी : नागर की परिचित

    दिल्ली निवासी मालती शैलेन्द्र कोठारी नागर की परिचित है। उसके नाम से 2011 से 2014 के बीच बीकानेर के डेह कस्बे में 174.52 बीघा जमीन खरीदी गई है।

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    उमेश कुमार : महेश नागर का कर्मचारी

    फरीदाबाद का उमेश कुमार महेश नागर के ऑफिस में काम करता है। उसके नाम से बीकानेर डेह कस्बे में 277.88 बीघा जमीन खरीदी गई है।

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    राजपाल : महेश नागर के साथ काम करता है

    फरीदाबाद निवासी राजपाल महेश नागर के साथ काम करता है। उसके नाम से बीकानेर के डेह कस्बे में 202.44 बीघा जमीन खरीदी गई है।

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    रजनीश खारी : महेश नागर का भांजा

    फरीदाबाद निवासी रजनीश खारी महेश नागर का भांजा है। उसके नाम से पोखरण के छायन कस्बे में वर्ष 2012 से 2015 की अवधी में 428.8 बीघा जमीन खरीदी गई है।

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    कैलाश : महेश नागर का पीए का काम देखता है

    फरीदाबाद निवासी कैलाश महेश नागर के पीए का काम देखता है। उसके नाम से एससी कैटेगरी की भूमि 160.76 बीघा जमीन खरीदी गई है।

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    भास्कर इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ओमप्रकाश शर्मा ।
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Web Title: Special Report On Robert Vadra Land Scam
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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