Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» Thar Express Train Pessengers Return From Munabaw Station

थार एक्सप्रेस के 45 यात्री सीमा पार कर जाते तो रात में खुलवाना पड़ता इंडो-पाक बॉर्डर का गेट

थार एक्सप्रेस के 45 यात्री सीमा पार कर जाते तो रात में खुलवाना पड़ता इंडो-पाक बॉर्डर का गेट

Bhaskar News | Last Modified - Jan 15, 2018, 04:22 AM IST

  • थार एक्सप्रेस के 45 यात्री सीमा पार कर जाते तो रात में खुलवाना पड़ता इंडो-पाक बॉर्डर का गेट
    +1और स्लाइड देखें

    जोधपुर. भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार लिंक एक्सप्रेस के 45 यात्रियों को मुनाबाव स्टेशन से लौटाया गया है। ये सभी यात्री भारतीय थे और उन्हें पाकिस्तान हाई-कमिशन ने स्टेम वीजा दे रखा था। वीजा में कहीं भी उल्लेख नहीं था कि ये अटारी के रास्ते ही पाकिस्तान जा सकते हैं। यह तो गनीमत रही कि मुनाबाव स्टेशन पर भारतीय इमिग्रेशन ने तत्काल पाकिस्तान इमिग्रेशन से संपर्क किया और उन्हें सीमा पार करने से रोका, अन्यथा ये भारतीय पाकिस्तान के खोखरापार में फंस जाते। फिर पाकिस्तान उन्हें आगे जाने से रोकता और डिपोर्ट की कार्रवाई करता तो रात में गृह मंत्रालय से अनुमति लेकर बॉर्डर का गेट खुलवा कर उन्हें लाना पड़ता। यह बहुत मुश्किल काम तो होता ही, ये भारतीय वहां फंस भी सकते थे। इसमें रेलवे की भी भारी गलती है कि टिकट बनाने वालों को यह पता ही नहीं है कि किस वीजा वाले का टिकट कहां से बनाना है। इन लोगों का शुक्रवार को पूरे दिन टिकट नहीं बना था, शाम को ऐनवक्त पर चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर के कहने पर टिकट बनाया और ट्रेन में चढ़ा दिया।

    39 का ग्रुप था, वीजा पर रूट ही नहीं था

    मुनाबाव इमिग्रेशन इंचार्ज कैलाश मेघवाल ने बताया कि ट्रेन में 39 लोगों का एक ग्रुप था, उनके कागजात चैक किए तो सभी के पास स्टेम वीजा था। ऐसे वीजा पर रूट का नाम लिखा होता और सिर्फ अटारी के रास्ते ही पाकिस्तान जा सकते हैं, लेकिन इन लोगों के वीजा पर कुछ भी नहीं लिखा था इसलिए ये मुनाबाव के रास्ते आ गए। इमिग्रेशन यह जानता था कि यदि ये लोग पाकिस्तान चले गए तो वहां से लौटाए जाएंगे इसलिए उन्होंने पाक इमिग्रेशन से संपर्क कर लिया। पाक इमिग्रेशन ने उन्हें इजाजत नहीं दी इसलिए सभी यात्रियों के ऑफलाइन पेपर बना कर दे दिए।

    दो कॉपी में वीजा चाहिए, एक-एक में ही था
    एक महिला के पास जनरल वीजा तो था, लेकिन इमिग्रेशन को वीजा की दो ऑरिजनल कॉपी की जरूरत होती है। इसके पास एक ऑरिजनल व दूसरी फोटोकॉपी थी। उसे भी इसलिए रोका गया ताकि वह वीजा की दो कॉपी लाए अथवा फोटोकॉपी पर फोटाे लगवा कर पाक हाई-कमिशन के हस्ताक्षर कराए।

    रेलवे में टिकट में भी लापरवाही

    थार लिंक एक्सप्रेस का संचालन भगत की कोठी स्टेशन से होता है। यहां इमिग्रेशन की कोई व्यवस्था नहीं है और टिकट बनाने वालों को यह जानकारी नहीं है कि किस वीजा के यात्री किस रूट से जा सकते हैं और उनका टिकट कहां से बनेगा। शुक्रवार को देश के विभिन्न मदरसों से 55 लोग स्टेशन पर दिन भर टिकट बनाने की मशक्कत कर रहे थे, जिनमें रोके गए 39 लोग भी शामिल थे। पहली शिफ्ट वाला क्लर्क टिकट बना नहीं रहा था तब यात्रियों ने दिल्ली से फोन करवाए। शाम को स्टेशन के चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर ने दूसरी शिफ्ट में आए टिकट क्लर्क को टिकट बनाने के निर्देश दे दिए तो उसने बना दिए। यदि चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर यह गलती नहीं करता तो ये यात्री यहीं से ट्रेन में सवार नहीं हो पाते।

    नहीं राेकते तो यात्री पाक में कानूनी पेंच में फंस जाते

    यदि इन यात्रियों को पाक जाने देते तो वहां से एंटी-रिफ्यूज होते और डिपोर्ट की कार्रवाई होती। यह बेहद मुश्किल कानूनी पेंच होता। रात में बॉर्डर का गेट खुलवा कर लाना पड़ता जो बहुत ही विषम परिस्थितियों जैसा होता।

    - कैलाश मेघवाल, इमिग्रेशन इंचार्ज, मुनाबाव

  • थार एक्सप्रेस के 45 यात्री सीमा पार कर जाते तो रात में खुलवाना पड़ता इंडो-पाक बॉर्डर का गेट
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jodhpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Thar Express Train Pessengers Return From Munabaw Station
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×