जोधपुर

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दो घंटे बाजार-मकान जलाते रहे उपद्रवी, बच्चों और महिलाओं ने भागकर बचाई जान

सामराऊ में युवक की हत्या के बाद जुटे हजारों लोग, इन्हीं में से 700-800 युवाओं ने गांव में मचा दिया उपद्रव

Danik Bhaskar

Jan 16, 2018, 07:09 AM IST

ओसियां/लोहावट/जोधपुर. सामराऊ में सोमवार सुबह से ही हजारों लोग आकर जुट गए। सुबह से दोपहर तक तो मौके पर शव के पास बैठी भीड़ शांत रही। सुबह 11 बजे से पुलिस-प्रशासन एवं लोगों के बीच वार्ता शुरू हुई। एसपी और ग्रामीणों में भी वार्ता हुई। अपराह्न चार बजे तक 4 बार वार्ता टूटी तो युवकों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। वार्ता चल ही रही थी कि 700-800 युवाओं की भीड़ सामराऊ गांव की तरफ बढ़ गई। उपद्रवियों ने वहां 4 दुकानों व एक ढाबे को आग के हवाले कर दिया। मुख्य बाजार में कई दुकानों से सामान लूट लिया गया। दर्जनों दुकानों के ताले तोड़ सामान फेंक आगजनी की। कई घरों में व मुख्य रावला में भी आगजनी व हिंसा की।

इस बीच आरएसी व पुलिस के 15-20 जवान आए। उन्होंने भीड़ को खदेड़ने के लिए डंडे फटकारे। भड़की भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। एकाएक पथराव से घबराए जवानों ने भागकर जान बचाई। इसके बाद तीन दर्जन जवान दुबारा आए, लेकिन भीड़ के आगे वे बेबस रहे। उपद्रवी आरओ प्लांट गए और वहां तोड़फोड़ की। पलंग को आग लगा दी। यहां से उपद्रवी गांव के पुराने कोट गए और उसमें आग लगा दी। सूना कोट व पुराना सामान राख हो गया। बाद में घरों में आग लगा दी। बच्चों व महिलाओं ने भागकर जान बचाई। उपद्रवियों ने आरोपियों की गाड़ी व एक अन्य वाहन भी जलाया। दो घंटे के इस उत्पात के बाद जब वार्तास्थल पर सहमति बनने लगी तब ये उपद्रवी रुके।


गत अगस्त में ही जानलेवा हमले का आरोपी था हनुमान, अभी जमानत पर
हनुमानराम भंवरी हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी कैलाश जाखड़ और विशनाराम को छुड़ाने के लिए कोर्ट परिसर में फायरिंग के साथ ही गत अगस्त में भी जानलेवा हमले का आरोपी था। दोनों मामलों में वह जमानत पर था। वह लोहावट विशनावास में दिनेश गोदारा के नाम से आवंटित शराब ठेका चलाता था। इसकी ब्रांच गांव में खोलने को लेकर शराब माफिया से रंजिश चल रही थी। उसने वो ब्रांच बंद कर दी थी।

कलेक्टर की अपील: स्थिति नियंत्रण में माहौल नहीं बिगाड़े

कलेक्टर डॉ. रवि कुमार सुरपुर ने बताया कि सामराऊ में सुरक्षा के लिए पर्याप्त जाब्ता तैनात किया जा चुका है। पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। घटना के बाद तनाव लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। लोगों से बातचीत कुछ हद तक सफल रही है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर सामराऊ पहुंचने संबंधी मैसेज पर ध्यान नहीं देने व माहौल नहीं बिगाड़ने की अपील की।

नोक झोंक: सियोल-दिव्या घटनास्थल पर ही उलझे

पीसीसी सदस्य दिव्या मदेरणा भी सुबह घटनास्थल पर ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठीं। कुछ देर बाद संसदीय सचिव भैराराम सियोल भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों व परिजनों से वार्तालाप के दौरान दोनों में कई बार नोक-झोंक हुई। दिव्या ने सियोल से कहा कि आपकी सरकार है, और आप सरकार के नुमाइंदे हैं, आपके कहने पर भी कलेक्टर और एसपी मौके पर नहीं पहुंचे।

2 घंटे चला यह तांडव
हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। उपद्रवियों ने पथराव कर पुलिस को भगा दिया। फिर जुटी पुलिस व उपद्रवी दो घंटे आमने-सामने रहे। उपद्रवी उत्पात मचाते रहे तो पुलिस उन्हें खदेडऩे में जुटी रही। पुलिस का अधिकतर जाब्ता पचपदरा में पीएम की रैली में तैनात होने से यहां 200 से भी कम जवान थे।

सामंती सोच वाली सरकार: बेनीवाल
सामराऊ पहुंचे खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा, कि सरकार सामंती सोच से काम कर रही है। धारा 302 के आरोपी इस सरकार में मंत्री बने हुए हैं। जिनके इशारों पर निर्दाेष युवाओं की हत्याएं हो रही है। इसको लेकर हम बड़ा आंदोलन करेंगे। राज्य की पुलिस आपराधिक तत्वों को बढ़ावा दे रही है।

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