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दुकानों-मकानों में आग लगाई, पुलिस पर पथराव; इंटरनेट सेवा पर रोक लगी

जोधपुर के सामराऊ में युवक की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज लोगों ने किया बवाल

Danik Bhaskar | Jan 16, 2018, 06:57 AM IST

ओसियां/लोहावट आंचलिक/जोधपुर. सामराऊ में रविवार को युवक हनुमान साईं की हत्या के दूसरे दिन भी जमकर बवाल हुआ। उग्र लोगों ने पुलिस पर पथराव किया व एक दर्जन दुकानों, मकानों और कुछ गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। उत्पात मचाने वालों को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। डेढ़ घंटे तक तबाही का मंजर लोगों की आंखों के सामने नाचता रहा। हालत यह रही कि पुलिस एक ओर तो भीड़ को काबू करती तो दूसरी ओर हंगामा होने लगता।

दूसरी ओर, लोहावट एसएचओ देवेंद्रसिंह, देचू एसएचओ बाघसिंह को लाइन हाजिर करने और मृतक के आश्रित को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने का प्रस्ताव सरकार को भेजने पर सहमति बनी। अब मंगलवार को शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इधर, देर रात पुलिस ने हत्या के पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोपहर बाद समझाने पर लोग घटनास्थल पर एफएसएल विशेषज्ञों को जांच करने देने को राजी हुए।


4 बार वार्ता टूटी तो युवकों ने गांव में उपद्रव मचाया
दोपहर 4 बजे के बाद से 6.30 बजे तक उपद्रव, सुबह से शांत थे, आरएसी के जवान ने डंडा मारा तो युवकों ने पथराव व आगजनी शुरू कर दी। पुलिस ने अश्रु गैस के गोले भी छोड़े।

दो SHO लाइन हाजिर, परिजनों को सहायता का आश्वासन

सामराऊ में दूसरे दिन भी उपद्रव की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लागू कर दी। अतिरिक्त संभागीय आयुक्त वंदना सिंघवी ने बताया कि लोहावट थानांतर्गत सामराऊ गांव में हत्या के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था प्रभावित होने व सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद करने का निवेदन किया गया था। इसी अाधार पर जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र को छोड़कर पूरे जिले में इंटरनेट व एसएमएस सेवा, वॉट्सएप, फेसबुक, ट्वीटर सहित तमाम सोश्यल मीडिया पर तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए गए हैं। इसके तहत ये सेवाएं आगामी आदेश तक निलंबित रहेगी।

जयपुर की एफएसएल की टीम ने जांच की

सामराऊ के निकटवर्ती भेड़ निवासी हनुमानराम जाट पुत्र तुलछाराम की रविवार को हत्या कर दी गई थी। सोमवार को भी सुबह से पुलिस अधिकारियों ने मृतक के परिजनों व अन्य से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन शाम तक वे सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों पर अड़े रहे। जयपुर से गई एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।