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हर साल 62 हजार लोग तंबाकू सेवन के चलते दे रहे अपनी जान : डॉ. सेठ

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), संबंध हेल्थ फाउंडेशन और वॉयस ऑफ तंबाकू विक्टिम्स के संयुक्त तत्वावधान...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:50 AM IST
हर साल 62 हजार लोग तंबाकू सेवन के चलते दे रहे अपनी जान : डॉ. सेठ
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), संबंध हेल्थ फाउंडेशन और वॉयस ऑफ तंबाकू विक्टिम्स के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को प्रदेश के कैंसर चिकित्सकों के साथ कैंसर अवेयरनेस और वर्तमान तंबाकू परिप्रेक्ष्य पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। संबंध हेल्थ फाउंडेशन के संजय सेठ ने बताया, कि कैंसर की रोकथाम और उनके बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए डॉक्टर्स एकजुट होकर कार्य करें। प्रदेश में 62 हजार लोग प्रतिवर्ष तंबाकू सेवन के कारण अपनी जान दे रहे हैं। वर्ष 2016-17 में हुए ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे के अनुसार राजस्थान में 39.6 प्रतिशत पुरुष और 9 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती है। इसके अलावा 24.7 आबादी ऐसी है जो कि किसी ना किसी प्रकार से तंबाकू सेवन करती है। इसमें भी 22.2 प्रतिशत पुरुष और 3.7 प्रतिशत महिलाएं स्मोकिंग करते हैं। इसमें 13.2 प्रतिशत आबादी वयस्क है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 22 प्रतिशत पुरुष, 5.8 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो धूम्रपान रहित तंबाकू का सेवन करते हैं। इसमें 14.1 प्रतिशत वयस्क आबादी है जो धूम्रपान रहित तंबाकू का सेवन कर रही है। सर्वे अनुसार सिगरेट पीने वालों की संख्या में पिछले सात साल में कोई कमी नहीं आई है।

एम्स के डीन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया, कि अवेयरनेस कार्यक्रमों के लिए सोशल प्लेटफार्म को भी काम में लिया जाना चाहिए। टाटा ट्रस्ट के डाॅ. कुणाल ओसवाल ने बताया, कि कैंसर रोगियों को समय पर उपचार मिले इसके लिए सरकार व अन्य संस्थाओं ने मिलकर काम करने की योजना बनाई है, जिसे जल्द ही राजस्थान व अन्य प्रदेशों में लागू किया जाएगा। एम्स के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल ने कहा, कि प्रदेश में तंबाकू की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में राजस्थान के सभी संभाग मुख्यालयों के कैंसर चिकित्सक, वीओटीवी की डायरेक्टर आशिमा सरीन, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी सर्जन डॉ. नवनीत अग्रवाल के अलावा नगर निगम जोधपुर के कमिश्नर ओपी कसेरा ने भाग लिया।

एम्स में डॉक्टरों ने कैंसर से बचने के लिए नशा नहीं करने की सलाह दी।

हेल्थ रिपोर्टर | जोधपुर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), संबंध हेल्थ फाउंडेशन और वॉयस ऑफ तंबाकू विक्टिम्स के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को प्रदेश के कैंसर चिकित्सकों के साथ कैंसर अवेयरनेस और वर्तमान तंबाकू परिप्रेक्ष्य पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। संबंध हेल्थ फाउंडेशन के संजय सेठ ने बताया, कि कैंसर की रोकथाम और उनके बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए डॉक्टर्स एकजुट होकर कार्य करें। प्रदेश में 62 हजार लोग प्रतिवर्ष तंबाकू सेवन के कारण अपनी जान दे रहे हैं। वर्ष 2016-17 में हुए ग्लोबल एडल्ट तंबाकू सर्वे के अनुसार राजस्थान में 39.6 प्रतिशत पुरुष और 9 प्रतिशत महिलाएं तंबाकू का सेवन करती है। इसके अलावा 24.7 आबादी ऐसी है जो कि किसी ना किसी प्रकार से तंबाकू सेवन करती है। इसमें भी 22.2 प्रतिशत पुरुष और 3.7 प्रतिशत महिलाएं स्मोकिंग करते हैं। इसमें 13.2 प्रतिशत आबादी वयस्क है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 22 प्रतिशत पुरुष, 5.8 प्रतिशत महिलाएं ऐसी हैं जो धूम्रपान रहित तंबाकू का सेवन करते हैं। इसमें 14.1 प्रतिशत वयस्क आबादी है जो धूम्रपान रहित तंबाकू का सेवन कर रही है। सर्वे अनुसार सिगरेट पीने वालों की संख्या में पिछले सात साल में कोई कमी नहीं आई है।

एम्स के डीन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया, कि अवेयरनेस कार्यक्रमों के लिए सोशल प्लेटफार्म को भी काम में लिया जाना चाहिए। टाटा ट्रस्ट के डाॅ. कुणाल ओसवाल ने बताया, कि कैंसर रोगियों को समय पर उपचार मिले इसके लिए सरकार व अन्य संस्थाओं ने मिलकर काम करने की योजना बनाई है, जिसे जल्द ही राजस्थान व अन्य प्रदेशों में लागू किया जाएगा। एम्स के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित गोयल ने कहा, कि प्रदेश में तंबाकू की रोकथाम के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में राजस्थान के सभी संभाग मुख्यालयों के कैंसर चिकित्सक, वीओटीवी की डायरेक्टर आशिमा सरीन, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के ईएनटी सर्जन डॉ. नवनीत अग्रवाल के अलावा नगर निगम जोधपुर के कमिश्नर ओपी कसेरा ने भाग लिया।

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