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अनासक्ति ही संसार व मोक्ष के

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:55 AM IST

News - अनासक्ति ही संसार व मोक्ष के सुख का मूल आधार: संबुद्ध सागर जोधपुर | मुनि संबुद्ध सागर ने कहा, कि अनासक्ति ही...

अनासक्ति ही संसार व मोक्ष के
अनासक्ति ही संसार व मोक्ष के

सुख का मूल आधार: संबुद्ध सागर

जोधपुर |
मुनि संबुद्ध सागर ने कहा, कि अनासक्ति ही संसार और मोक्ष के सुख का मूल आधार है। लक्ष्मीजी कमल पर बैठी है। कमल पानी में डूबता नहीं। कमल की पंखुड़ी पानी से भीगती नहीं। ठीक उसी प्रकार जो व्यक्ति आसपास के माहौल और वातावरण से पैदा होने वाली परेशानियों और समस्याओं से अप्रभावित रहता है, वही व्यक्ति संसार की दौलत और आध्यात्मिक दौलत को भी पाता है। वे रविवार को दिगंबर जैन मंदिर में धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, कि कुछ लोग धर्मग्रंथों में बताई राह पर चलते हैं, फिर भी उनका मन और जीवन नहीं बदलता। उन्होंने कहा, सत्संग सभा में यदि आप कुछ देर ही बैठें, मगर आपका दिमाग ठंडा होना चाहिए।

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अनासक्ति ही संसार व मोक्ष के
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