Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» इनोवेशन के बिना एक्सपोर्ट बाजार में टिकना मुश्किल: रंगा

इनोवेशन के बिना एक्सपोर्ट बाजार में टिकना मुश्किल: रंगा

एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से बुधवार को संपन्न हुए नोएडा फेयर के चेयरमैन राधेश्याम रंगा का...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 04:35 AM IST

इनोवेशन के बिना एक्सपोर्ट बाजार में टिकना मुश्किल: रंगा
एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से बुधवार को संपन्न हुए नोएडा फेयर के चेयरमैन राधेश्याम रंगा का मानना है कि नए और युवा एक्सपोर्टर्स के लिए भी नोएडा फेयर एक बेहतर प्लेटफार्म है। लेकिन इनोवेशन के बिना इस बाजार में टिकना बेहद मुश्किल भी है। फेयर से लौटने के बाद भास्कर से बातचीत में रंगा ने माना कि जीएसटी की उलझनें अभी परेशान कर रही हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्रियों से हुई बातचीत में राहत के संकेत भी मिले हैं।

भास्कर: हैंडीक्राफ्ट फेयर इस बार जोधपुर केे एक्सपोर्टर्स के लिए कैसा रहा?

रंगा: फेयर अच्छा रहा। हालांकि कुछ निर्यातक निराश भी थे, इसके पीछे जीएसटी की उलझनें हैं। कुछ सेग्मेंट में ऑर्डर्स कुछ कम मिले हैं।

भास्कर: ...और देशभर के एक्सपोर्टर्स के लिए?

रंगा: जीएसटी के तहत कुछ आइटम्स को फ्री किया गया है तो कुछ उत्पादों पर वेट के मुकाबले जीएसटी के साथ टैक्स बढ़ गया है। इस वजह से प्रतिस्पर्धा बढ़ी हैं, लेकिन समय के साथ सुधार आने की उम्मीद है।

भास्कर: दिल्ली के प्रगति मैदान से शुरू हुआ यह फेयर आज एक्सपो मार्ट में पहुंच गया, कई देशों के ग्राहक अब भी नहीं आ रहे। क्यों?

रंगा: दिल्ली के प्रगति मैदान से ग्रेटर नोएडा पहुंचने के बाद फेयर का स्वरूप पूर्ण रूप से बदल कर व्यवस्थित हो गया है। ईपीसीएच हर बार नए बाजार तलाशती है। इस बार भी ईपीसीएच का दावा है कि गत वर्ष के मुकाबले 9 नए देशों को जोड़कर वहां के बायर्स को बुलाया गया है।

भास्कर: क्या युवा और नए एक्सपोर्टर्स के लिए भी दिल्ली फेयर अच्छा प्लेटफार्म हैं?

रंगा: हां, यह अच्छा प्लेटफॉर्म है। मौजूदा समय में नए एक्सपोर्टर्स को तो देश विदेश के फेयर में ईपीसीएच जोधपुर मेगा क्लस्टर की योजनाओं का लाभ भी दे रही है। लेकिन इनोवेशन के बगैर बाजार में टिकना मुश्किल है।

भास्कर: फेयर बहुत बड़ा मंच था, जोधपुर के एक्सपोर्टर्स के 600 करोड़ का जीएसटी रिफंड अटका हुआ है, यह मुद्दा मंत्रियों के सामने कितनी ताकत से उठा पाए?

रंगा: चेयरमैन के नाते एमएसएमई राज्यमंत्री गिरिराज सिंह व केंद्रीय वस्त्र राज्यमंत्री अजय टम्टा को दस्तावेजों के साथ प्रमाणित तथ्यों के आधार पर जीएसटी के रिफंड के मुद्दे से अवगत करवाया। उन्होंने होली के बाद राहत के संकेत भी दिए।

रंगा के फर्श से अर्श तक का सफर

मूलत: फलौदी के रंगा महज 12 वर्ष पहले ही एक्सपोर्ट बिजनेस में आए। और इतने ही समय में लीडरशिप हासिल कर ली। 24 साल तक जबलपुर में टिंबर का बिजनेस करने के बाद 2006 में तीन बेटों के साथ एक्सपोर्ट बिजनेस में उतरे। सालाना महज 25 लाख के निर्यात से शुरू किया और 2016 में जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन की ओर से उन्हें सर्वाधिक एक्सपोर्ट के लिए सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jodhpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: इनोवेशन के बिना एक्सपोर्ट बाजार में टिकना मुश्किल: रंगा
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×