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शाम 5:21 शुरू होकर 8:45 पर मोक्ष हुआ, आकाश साफ होने से लोगों ने देखे नजारे, मंदिरों में रात 9 बजे खुले कपाट

कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर इस साल का बुधवार को पहला खंडग्रास चंद्रग्रहण रहा। खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 01:15 PM IST
शाम 5:21 शुरू होकर 8:45 पर मोक्ष हुआ, आकाश साफ होने से लोगों ने देखे नजारे, मंदिरों में रात 9 बजे खुले कपाट
कम्युनिटी रिपोर्टर | जोधपुर

इस साल का बुधवार को पहला खंडग्रास चंद्रग्रहण रहा। खगोलीय घटनाओं में रुचि रखने वालों के लिए यह कौतूहल का विषय रहा। लोगों ने घरों की छत पर खड़े होकर ग्रहण देखा। आकाश साफ होने की वजह से इसके नजारे देखे गए। हालांकि यहां आंशिक असर रहा। कई लोगों ने फोटोग्राफी भी की। ग्रहण शाम 5:21 बजे शुरू हुआ और 3 घंटे 24 मिनट तक संक्रांति काल रहा। रात 8:45 बजे मोक्ष हुआ। सुबह आठ बजे के आसपास मंदिरों के कपाट मंगल हो गए, जो मोक्ष होने के बाद ही खुले। सुबह सवा आठ बजे ही ग्रहण का सूतक शुरू हो गया था जो नौ घंटे तक रहा। माघी पूर्णिमा होने से शास्त्रों में इसका बड़ा महत्व बताया गया है।

खगोलीय घटना को लेकर रहा कौतूहल, 3 घंटे 24 मिनट तक रहा संक्रांति काल

चंद्र ग्रहण से मंदिरों के कपाट भी बंद रहे।

दिन भर चलता रहा दान-पुण्य का दौर, भजन-कीर्तन भी हुए

चंद्रग्रहण को लेकर भीतरी शहर में और शहर भर में दान-पुण्य का सिलसिला चलता रहा। सेवाभावी लोगों ने भजन-कीर्तन भी किए। दिन भर मंत्रोच्चार और जाप भी चलते रहे। लोगों ने अपने-अपने इष्ट का स्मरण भी किया। धार्मिक मान्यता अनुसार लोगों ने पवित्र सरोवरों में स्नान व पूजन किया। रातानाडा गणेश मंदिर में सुबह आठ बजे से दर्शन बंद हो गए। ग्रहण से निवृत्ति के बाद रात नौ बजे मंदिर के पट खुले और श्रद्धालुओं ने आरती की। ज्योतिष मान्यता अनुसार जिन ग्रह व राशियों में चंद्रग्रहण का प्रभाव बताया गया, उससे जुड़े जातकों ने नियमों व दिनचर्या का पालन किया।

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शाम 5:21 शुरू होकर 8:45 पर मोक्ष हुआ, आकाश साफ होने से लोगों ने देखे नजारे, मंदिरों में रात 9 बजे खुले कपाट
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