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राजस्थान: कलेक्टर की मंजूरी बगैर धर्म परिवर्तन नहीं, 5 साल की हो सकती है सजा

मनोज शर्मा | Last Modified - Nov 14, 2017, 09:15 AM IST

राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2008 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल सकती है। कांग्रेस इसका विरोध करती रही है।
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    बिना नियम धर्म परिवर्तन हो सकता है या नहीं, इस पर राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को बहस होगी। -सिम्बॉलिक इमेज
    जयपुर. राजस्थान में धर्म परिवर्तन कराने के लिए कलेक्टर की मंजूरी जरूरी हो सकती है। जबर्दस्ती धर्म बदलवाने पर 5 साल तक की सजा हो सकती है। दरअसल, राज्य में एक और विवादित बिल कानून बनने जा रहा है। 11 साल तक कांग्रेस के विरोध की वजह से अटके राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2008 को राष्ट्रपति से मंजूरी मिल सकती है। उम्मीद की बड़ी वजह यह भी बताई जा रही है कि बीजेपी के ही पूर्व नेता रामनाथ कोविंद अब राष्ट्रपति हैं।
    कोर्ट ने पूछा था- क्या धर्म परिवर्तन का कोई नियम है?
    - बता दें कि हाल ही में जोधपुर में 22 साल की लड़की के धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवक से निकाह का मामला सामने आया था। राज्य सरकार इसके बाद हरकत में आई है। उसने इस बिल को पास कराने के लिए पूरा जोर लगा दिया है।
    - मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी पूछा था कि क्या धर्म परिवर्तन का कोई नियम है? या ऐसी कोई गाइडलाइन जो नियम तय करती हो? अगर नियम नहीं है तो ऐसे में किसी भी शख्स का धर्म सुबह, शाम और रात को बदल जाएगा।
    ऑब्जेक्शन्स दूर करके जानकारी केंद्र को भेजी
    - केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले दिनों राज्य सरकार के अफसरों को केंद्र सरकार के पास अटके राज्य के बिलों के रिव्यू के लिए बुलाया था। इसमें लॉ और होम डिपार्टमेंट के अफसर मौजूद थे।
    - इसके बाद होम डिपार्टमेंट के सीनियर डिप्टी सेक्रेटरी जगदीप सिंह कुशवाह ने होम मिनिस्ट्री के एडीशनल सेक्रेटरी को लेटर लिखा और बताया कि राज्य सरकार का बिल कॉन्स्टीट्यूशन के प्रॉविजन्स के मुताबिक है। बिल में एटार्नी जनरल ने जो ऑब्जेक्शंस बताए थे उन्हें ठीक कर लिया गया है। पिछले दिनों ही यह जानकारी केंद्र सरकार को भेजी गई है।
    5 प्वॉइंट्स में पूरा बिल
    1. जबरन धर्म बदलवाने पर..?
    जबरन धर्म बदलवाना, लालच देकर या फिर धोखे से धर्म बदलवाने के मामले में आरोपियों को एक से तीन साल की सजा हो सकेगी साथ ही 25 हजार रुपए जुर्माना किया जा सकेगा।
    2. बच्चों/महिला/एससी-एसटी मामलों में सजा?
    18 साल से कम उम्र के बच्चों या महिला या एससी-एसटी कैटेगरी के शख्स का धर्म बदलवाने पर दो से 5 साल की सजा और 50 हजार तक जुर्माना होगा।
    3. ऑर्गनाइजेंशन दोषी हुआ तो...?
    गैर कानूनी तरीके से धर्म बदलवाने का काम करते पाई जाने वाले ऑर्गनाइजेशन का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है।
    4. खुद धर्म बदल रहे हैं तो ?
    खुद धर्म बदल रहे हैं तो कलेक्टर को 30 दिन में जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने पर 1000 जुर्माना लगाया जा सकेगा। कलेक्टर जांच करने के बाद ही धर्म परिवर्तन की इजाजत देंगे।
    5. धर्म में वापस लौटना है तो..?
    - कोई शख्स मूल धर्म में वापस लौटता है तो उसे इसकी सूचना जिला मजिस्ट्रेट को नहीं देनी होगी। मूल धर्म में लौटना कोई गुनाह नहीं माना जाएगा।
    11 साल क्यों अटका: कांग्रेस लगातार बिल का विरोध कर रही है
    - अप्रैल 2006 में जब पहली बार बिल विधानसभा ने पास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। प्रॉविजंस के गलत इस्तेमाल की आशंका को लेकर कांग्रेसी उस वक्त की राज्यपाल प्रतिभा पाटील से मिले।
    - राज्यपाल ने बिल राज्य सरकार को लौटा दिया था। राज्य सरकार ने जून 2006 में बिल दोबारा राज्यपाल को भेजा, जिसे राजभवन ने जून 2007 में राष्ट्रपति को भेज दिया।
    - मार्च 2008 में राज्य सरकार नया बिल लाई, जिसे राष्ट्रपति को भेजा गया है। फिलहाल बिल गृह मंत्रालय में अटका है।
    मध्य प्रदेश के कानून से 5 गुना कठोर
    - राजस्थान सरकार का दावा है कि धर्म परिवर्तन को लेकर बनाए गए उनके बिल के प्राॅविजन मध्य प्रदेश के धर्म परिवर्तन काननू से पांच गुना सख्त हैं।
    - मध्य प्रदेश में माइनर की मैक्सिमम एज 8 साल मानी गई है। यहां बिल में 18 से कम को माइनर माना है। यानी 18 साल तक के बच्चे का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकता।
    - मध्य प्रदेश में जबरन, लालच देकर या धोखे से धर्म परिवर्तन पर एक साल की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माने का प्रॉविजन है। यहां एक से तीन साल की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माना रखा गया है।
    - एमपी में बच्चों, महिला, एससी-एसटी के शख्स के धर्म परिवर्तन पर दो साल की सजा और 10 हजार का जुर्माना, लेकिन राजस्थान के बिल में दो से पांच साल की सजा और 50 हजार जुर्माना।
    - धर्म परिवर्तन में लगी संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द करने का प्रॉविज है, जबकि मध्य प्रदेश में ऐसा नहीं।
    बीजेपी v/s कांग्रेस
    कांग्रेस तो हमेशा से ही सरकार का विरोध करती आई है: परनामी
    बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने कहा, "बिल का स्टेटस मुझे पता नहीं है। रही बात कांग्रेस के विरोध कि तो वह हमेशा ही सरकार का विरोध करती आई है।"
    बिल की जानकारी लेने के बाद ही कुछ कहूंगा : सचिन पायलट
    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, "राष्ट्रपति को भेजे गए बिल को लेकर मुझे जानकारी नहीं है। यह जानकारी होने के बाद भी कुछ कहना मुमकिन होगा।"
    धर्म परिवर्तन के सवाल पर मंगलवार को HC में सुनवाई
    - बिना किसी नियम-कानून के धर्म परिवर्तन हो सकता है या नहीं, इस पर राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को बहस होगी।
    - यह प्वॉइंट पायल सिंघवी उर्फ आरिफा के धर्म परिवर्तन कर फैज मोहम्मद से निकाह करने के मामले की सुनवाई में सामने आया था, जिसमें सरकार ने जवाब दिया था कि राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2008 बनाया गया था, लेकिन यह लागू नहीं हो पाया।
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    जोधपुर में 22 साल की लड़की का धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम युवक से निकाह का मामला सामने आया था। -फाइल
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Web Title: Hearing On Changing Religion For Marraige Bill
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