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मेवाड़ की 40 साल पुरानी मांग पूरी, मावली-मारवाड़ ट्रैक ब्रॉडगेज, 1597 करोड़ का प्रोजेक्ट

बजट में उदयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन आमान परिवर्तन के लिए 422 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 04, 2017, 05:25 AM IST
Mavli Marwar broad gauge trac
उदयपुर. बजट में उदयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन आमान परिवर्तन के लिए 422 करोड़ रुपए आवंटित हुए हैं। साल 2008 में 270 किमी रेलखंड को ब्रॉडगेज में परिवर्तित करने की मंजूरी दी थी। इस काम की शुरुआती लागत 825 करोड़ थी। वर्तमान लागत 1500 करोड़ हो चुकी है। यूपीए सरकार ने 2009 से 2014 तक के बजट में 125 करोड़ दिए थे। मोदी सरकार ने 2015 के रेल बजट में 150 करोड़, 2016 के रेल बजट में 650 करोड़ दिए थे। अब तक इस पर 1347 करोड़ रुपए आवंटित हो चुके हैं। रेल मंत्रालय ने वर्ष 2018 में आमान परिवर्तन कार्य पूर्ण कर ट्रेनें चलाने का लक्ष्य घोषित किया है।

परियोजना की वर्तमान स्थिति
परियोजना मंजूरी के समय उदयपुर से अहमदाबाद वाया हिम्मत नगर 270 किलोमीटर मीटर गेज लाइनों को हटा कर ब्रॉडगेज लाइनें बिछाने की योजना थी। 2011 में इसमें बदलाव कर गुजरात के श्यामलाजी स्टेशन से मोड़ासा तक रेल बाइपास बनाना तय किया था। मोड़ासा से नड़ियाद तक बड़ी रेल लाइन पहले से बिछी हुई है। श्यामलाजी से नड़ियाद बाइपास बनाने की खास वजह यह है कि जिन ट्रेनों को अहमदाबाद जाने की आवश्यकता नहीं होगी, उन्हें बाइपास होकर चलाया जाएगा। उदयपुर से मुंबई या साउथ की तरफ जाने वाली ट्रेनों का समय बचाने के लिए बाइपास उपयोगी साबित होगा। बाइपास की लंबाई 30 किलोमीटर सहित परियोजना की कुल लंबाई 300 किमी हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि बजट पूर्व रेल मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को प्रस्तुत दस्तावेजों में 152 किमी लंबे मावली-मारवाड़ रेल मार्ग के आमान परिवर्तन की अनुमानित लागत 1597 करोड़ मानी थी, लेकिन उत्तर पश्चिम रेलवे के निर्माण विभाग के मुख्य इंजीनियर वेद प्रकाश ने नए सर्वे में 168 किमी ट्रैक का आमान परिवर्तन करने की आवश्यकता बताई। जिसकी लागत 2181.71 करोड़ होगी।
घाट सेक्शन हटेगा नई रेल लाइन खामलीघाट से बिछेगी
इस रेल लाइन के आमान परिवर्तन में बड़ा रोड़ा खामलीघाट, गोरमघाट, फुलाद में घाट सेक्शन से था। ज्यादा खर्चीला और घुमावदार रेलखंड में बड़ी लाइन बिछाने का काम इसी कारण स्वीकृत नहीं हो पा रहा था। अब बड़ी लाइन का सर्वे घाट सेक्शन को छोड़ते हुए नए रूट से किया है। सर्वे कर रूट रेल मंत्रालय को भेज दिया है। अब इस पर विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाएगी। इसमें करीब 20 किमी में घुमावदार और घाट सेक्शन को हटाते हुए नया रूट तय किया है। पिछले साल बजट में नए रूट का सर्वे घोषित करवाकर घाट सेक्शन को हटा दिया है। रेल अधिकारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री सी.आर.चौधरी के सुझावों पर विचार कर बड़ी लाइन ट्रैक घाट सेक्शन से बाहर निकालने का निर्णय लिया था। रेलवे ने घाट सेक्शन काे पर्यटकों के लिए विंटेज ट्रेन चलाने के लिए सुरक्षित रखते हुए 2016 में बड़ी लाइन का ट्रैक घाट सेक्शन के पहाड़ों के बाहर बिछाने का निर्णय लिया था।
152 किमी लंबे इस मीटर गेज ट्रैक पर ये हैं हॉल्ट स्टेशन
मावली, थामला मोगाणा, नाथद्वारा, कांकरोली, कुंवारिया, लावासरदारगढ़, चारभुजा रोड, खारा कमेरी, दौलाजी का खेड़ा, देवगढ़-मदारिया, खामलीघाट, गोरमघाट, फुलाद, राणावास, मारवाड़ जंक्शन।
16 में से सिर्फ 6 स्टेशन पर कर्मचारी, शेष सभी हॉल्ट स्टेशन
ट्रैक पर अभी मावली, नाथद्वारा, चारभुजा रोड, खामलीघाट, फुलाद, मारवाड़ जंक्शन स्टेशन पर ही रेलवे के कर्मचारी। रेलवे शेष सभी स्टेशनों से कर्मचारियों को हटा चुका है। कांकरोली स्टेशन पर बुकिंग क्लर्क ही है।
80 साल पुराने ट्रैक का 4 बार हुआ सर्वे, अब मंजूरी
80 साल पुराने मावली-मारवाड़ रेल लाइन का कई बार सर्वे कार्य हुआ। इस मार्ग पर गोरमघाट सेक्शक होने से हर बार मामला खटाई में पड़ जाता है। रेलवे विभाग ने इसका दूसरा रूट तलाश की गई। नाथद्वारा से जयपुर तक रेल लाइन सर्वे हो चुका है, नाथद्वारा से भीलवाड़ा, केकड़ी, टोडारायसिंह नगर होते हुए सांगानेर तक नई लाईन बिछाने के लिए आग्रह किया था।
मारवाड़ जंक्शन से उदयपुर के मावली तक मीटर गेज ट्रेन का ये सफर आपको शिमला की टॉय ट्रेन का अहसास कराता है।
- 1936से चल रही है ये ट्रेन। दुनिया के चुनिंदा मीटर गेज ट्रैक में से एक
- 152 किलोमीटर का है मारवाड़ जं. मावली तक का सफर
- 80% रास्ता पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है
नाथद्वारा स्टेशन तक बिछी है ब्रॉडगेज लाइन
मावली से नाथद्वारा (मंडियाना) रेलवे स्टेशन तक ब्रॉडगेज लाइन है। इसे 38 करोड़ की लागत में करीब सात साल पहले बिछाई थी। अभी इस ट्रैक पर सुबह-शाम चलने वाली ट्रेन में पांच-पांच डिब्बे हैं। रेलवे को आमान परिवर्तन की शुरुआत नाथद्वारा रेलवे स्टेशन से ही करनी है। रेलवे ने इस आमान परिवर्तन को मावली से मारवाड़ तक 152 किमी लंबा बताया है।
मारवाड़ और मालवा के व्यापारियों को राहत
मेवाड़, मारवाड़ और मध्यप्रदेश का व्यापारिक जुड़ाव बढ़ेगा। अभी उदयपुर की मारवाड़ के जोधपुर से ट्रेन से सीधी और सस्ती कनेक्टिविटी नहीं थी। इस रूट के बनने से व्यापारिक लाभ मिलेगा।
मेवाड़ से मारवाड़ और मालवा तक जुड़ाव
मावली और उदयपुर रेलवे स्टेशन का सीधा जुड़ाव मारवाड़ के जोधपुर रेलवे स्टेशन से होगा। अभी उदयपुर से ट्रैवल्स बसों में जाते हैं यात्री। फिर मारवाड़ जंक्शन, मारवाड़ से आबू रोड, पालनपुर होते हुए अहमदाबाद, मारवाड़ से अजमेर, जयपुर तक जुड़ाव।
3 जिलों से जुड़ाव, फिर तीन अंचल को जोड़ेगी
मेवाड़ में मावली जंक्शन रेलवे स्टेशन से रवानगी के बाद अभी उदयपुर, राजसमंद और मारवाड़ के पाली जिले को जोड़ने वाली यह मीटर गेज ट्रेन आमान परिवर्तन के बाद प्रदेश के मेवाड़, मारवाड़, बांगड़ अंचलों को जोड़ेगी। बड़ी लाइन मारवाड़ के पाली, जोधपुर स्टेशनों को जोड़ेगी। बांगड़ में आने वाली पाली, नागौर, सीकर, झुंझुनूं का कुछ भाग भी इससे जुड़ेगा।
मेवाड़-जोधपुर का पर्यटन सर्किट
उदयपुर, चित्तौड़गढ़, मध्यप्रदेश के पर्यटक स्थलों का मारवाड़ के ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र में महत्व रखने वाले शहरों से हो सकेगा। इन शहरों की सेंक्चुरियां भी जुड़ सकेगी। जोधपुर में नवलखा पार्श्वनाथ से कनेक्टिविटी हो सकेगी।

एमपी से रामदेवरा की कनेक्टिविटी
मध्यप्रदेश से हर साल भादवी बीज से पहले मारवाड़ में रामदेवरा के रुणीचा मेले में जाने वाले जातरूओं को बड़ा लाभ मिलेगा। पिछले कुछ साल में रतलाम से चित्तौड़गढ़ से अजमेर होते हुए जोधपुर तक सीधी ट्रेन चलने से जातरू मावली नहीं आकर सीधे ही निकल जाते हैं। इस लाइन से जातरूओं का जुड़ाव मावली होते हुए रामदेवरा जाने की तरफ बढ़ेगा।

तीन सैन्य छावनियां जुड़ेगी
मारवाड़ के जोधपुर में स्थित सेना के कैंट का उदयपुर से सीधा जुड़ाव होगा। इससे सैन्य गतिविधियों में सैनिकों के आने-जाने, सामान परिवहन में आसानी होगी। अभी चित्तौड़गढ़ होते हुए जोधपुर जाने का रूट है। मध्यप्रदेश में नीमच में और महू में सेना के कैंट है। यहां से भी ट्रेनों की कनेक्टिविटी हो सकेगी।
मावली-बड़ीसादड़ी ट्रैक पर 120 करोड़ मंजूर
मावली से बड़ीसादड़ी के आमान परिवर्तन के चालू काम के लिए 120 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। काम वर्ष 2016 में शुरू हुआ था। इसे जुलाई 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया जा रहा है। भविष्य में यह लाइन बड़ीसादड़ी से नीमच तक 45 किमी लंबा नया रेल ट्रैक डालने पर सीधे मध्यप्रदेश से जुड़ सकेगी। इसका रूट सर्वे हो चुका है। नई लाइन प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है। इधर, इस संबंध में प्रकाश मांडोत, अध्यक्ष मेवाड़ रेल विकास परिषद का कहना है कि पिछले कई साल से मावली-मारवाड़ रेल लाइन आमान परिवर्तन के लिए प्रयासरत हैं। अब संघर्ष रंग लाया है। इस लाइन के लिए मात्र 1 करोड़ रुपए जारी करना चिंता का विषय है। पर्याप्त बजट मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
ऐतिहासिक निर्णय है : जोशी
मावली से मारवाड़ के बीच आमान परिवर्तन स्वीकृत कराना रेलवे का ऐतिहासिक निर्णय है। एक करोड़ रुपए प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के लिए मिला है। हम जल्द ही इस पर बड़ा बजट स्वीकृत करवाने का प्रयास करेंगे। इससे पहले उदयपुर-अहमदाबाद, मावली-बड़ीसादड़ी आमान परिवर्तन का काम पूरा करवाएंगे। मावली-मारवाड़ आमान परिवर्तन का काम जल्द शुरू करवाने की कोशिश करेगी।
-सीपी जोशी, सांसद चित्तौड़गढ़
रतलाम-बांसवाड़ा-डूंगरपुर लाइन के लिए 50 करोड़
रतलाम से बांसवाड़ा होकर डूंगरपुर तक 177 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण के लिए बजट में 50 करोड़ रुपए दिए हैं। परियोजना की लागत 1056 करोड़ रुपए है।
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