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यौन उत्पीड़न केस में आसाराम को जेल में ही सुनाया जाएगा फैसला

यौन उत्पीड़न के इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट पच्चीस अप्रेल को अपना फैसला सुनाएगा।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Apr 17, 2018, 02:49 PM IST

यौन उत्पीड़न केस में आसाराम को जेल में ही सुनाया जाएगा फैसला

जोधपुर।यौन उत्पीड़न के मामले में आसाराम प्रकरण का फैसला जोधपुर जेल में ही सुनाया जाएगा। इसके लिए जेल में ही कोर्ट लगाई जाएगी। आसाराम के समर्थकों के बड़ी संख्या में जोधपुर आने और गुरमीत राम रहीम की सजा के दौरान हुए उपद्रव के समान यहां हालात बिगड़ने की आशंका को ध्यान में रख राज्य सरकार ने राजस्थान हाईकोर्ट से जेल में ही फैसला सुनाने का आग्रह किया था। इस पर हाईकोर्ट ने आसाराम को जेल में ही फैसला सुनाने का आदेश दिया। यौन उत्पीड़न के इस मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट पच्चीस अप्रेल को अपना फैसला सुनाएगा। राज्य सरकार ने दायर की थी अपील...

- स्थानीय पुलिस प्रशासन खुलकर बता नहीं पा रहा है कि पच्चीस अप्रेल को फैसला सुनाए जाने के दौरान आसाराम के कितने समर्थकों के जोधपुर आने की संभावना है। लेकिन माना जा रहा है कि यह संख्या एक लाख को पार कर सकती है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने में दिक्कत आ सकती है। इसे ध्यान में रख राज्य सरकार ने शुक्रवार को एक हाईकोर्ट में एक अपील कर इस फैसले को जेल के भीतर ही सुनाए जाने की अपील की। उनका तर्क था कि आसाराम के समर्थकों की बड़ी संख्या के कारण शहर की कानून व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। आसाराम के समर्थकों के कारण शहर के लोगों को परेशान नहीं किया जा सकता है।

- एक नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में आसाराम साढ़े चार साल से जोधपुर जेल में बंद है। इस प्रकरण से जुड़ी सुनवाई ट्रायल कोर्ट में पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने पच्चीस अप्रेल को फैसला सुनाने की तिथि तय कर दी है। साढ़े चार साल की अवधि में आसाराम को कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान देशभर से बड़ी संख्या में उनके समर्थक जोधपुर आते रहे है। आसाराम के बेकाबू समर्थक हमेशा पुलिस के लिए परेशानी का सबब बने रहे। समर्थकों को काबू में करने को पुलिस ने कई बार डंडे फटकारे, लेकिन इनकी संख्या पर अंकुश नहीं लग पाया।

- दोनों पक्ष को सुनने के बाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास और न्यायाधीश रामकृष्ण सिंह की खंडपीठ ने आज आसराम प्रकरण का फैसला जेल में ही सुनाने का आदेश दिया। अब जेल में ही अदालत लगेगी। आसाराम समर्थकों के शहर में बढ़ते उत्पात को ध्यान में रख हाईकोर्ट पूर्व में इस मामले की सुनवाई जेल में कराने का आदेश जारी कर चुका है। बाद में आसाराम की अपील पर उन्हें कुछ शर्तों की पालना करने पर ही नियमित कोर्ट में सुनवाई का हाईकोर्ट ने आदेश दिया था।

इस कारण पुलिस की उड़ी नींद

- गत वर्ष अगस्त में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक रेप केस में अदालत ने दोषी करार दिया था। इसके बाद उनके समर्थक हिंसा पर उतर आए थे। इस कारण बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे और व्यापक स्तर पर तोड़फोड़ होने से भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद अदालत ने सजा की घोषणा जेल में ही कोर्ट लगाकर की थी। ताकि कानून व्यवस्था न बिगड़े। पुलिस अब आसाराम के समर्थकों से घबरा कर जेल में ही सजा का फैसला सुनवाना चाहती है ताकि समर्थकों को आसानी से नियंत्रित रखा जा सके।

यह है मामला

- आसाराम आसाराम के गुरुकुल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने आरोप लगाया कि पंद्रह अगस्त 2013 को आसाराम ने जोधपुर के निकट मणाई गांव में स्थित एक फार्म हाउस में उसका यौन उत्पीड़न किया।

- बीस अगस्त 2013 को उसने दिल्ली के कमला नगर पुलिस ताने में आसाराम के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जोधपुर का मामला होने के कारण दिल्ली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच करने के लिए उसे जोधपुर भेजा।

- जोधपुर पुलिस ने आसाराम के खिलाफ नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने का मामला दर्ज किया। जोधपुर पुलिस 31 अगस्त 2013 को इन्दौर से आसाराम को गिरफ्तार कर जोधपुर ले आई।

- उसके बाद से आसाराम लगातार जोधपुर जेल में ही बंद है।इस दौरान उनकी तरफ से उच्चतम व उच्च न्यायालय सहित जिला न्यायालय में ग्यारह बार जमानत हासिल करने के प्रयास किए गए। उनकी तरफ से राम जेठमलानी, सुब्रहमण्यम स्वामी, सलमान खुर्शीद सहित देश के कई जानेमाने विधिवेत्ता पैरवी कर चुके है।

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Web Title: yaun utpiड़n kes mein aasaaraam ko jail mein hi sunaayaa jaaegaaa faislaa
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)
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