विरोध / केन्द्रीय मंत्री पीपी चौधरी के खिलाफ एकजुट हुए पाली लोकसभा क्षेत्र के भाजपा के विधायक व जनप्रतिनिधि

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2019, 10:11 AM IST


पीपी चौधरी पीपी चौधरी
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  • चिट्ठी वायरल हुई तो सब बोले पार्टी का फैसला ही मानेंगे

पाली. पाली सांसद व केंद्रीय मंत्री पीपी चौधरी के खिलाफ भाजपा के ही पाली लोकसभा क्षेत्र निर्वाचित विधायकों, प्रत्याशियों, पार्टी पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। राज्यसभा सांसद रामनारायण डूडी के साथ ये नेता गुरुवार को जयपुर में प्रदेश के प्रभारी मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, व प्रभारी अविनाश राय खन्ना से मिले। सभी ने अपने हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपकर पीपी चौधरी को दोबारा टिकट नहीं देने की मांग की।

 

चिट्ठी में आरोप लगाया गया है कि चौधरी ने पांच साल में भाजपा के विधायकों, पूर्व विधायकों, राज्यसभा सांसद, पूर्व सांसदों, जिला प्रमुख, प्रधान व पाटी के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है। केवल अपने निजी व्यक्तियों, जो कांग्रेस समर्थित थे, उनकाे तवज्जो दी। इसी कारण विधानसभा चुनाव में लोकसभा क्षेत्र की चार सीटों पर भाजपा प्रत्याशी हारे। क्षेत्र में सीएसआर से सौर ऊर्जा लाइटें लगाने में भी भ्रष्टाचार का आरोप पत्र में लगाया है। 


सांसद रामनारायण डूडी के साथ विधायकों, पराजित प्रत्याशियों, जिला प्रमुखों, पदाधिकारियों व टिकट चाहने वालों ने दो दिन जयपुर में डेरा डाला, जावड़ेकर, प्रदेशाध्यक्ष, वसुंधरा राजे सहित अन्य नेताओं काे ज्ञापन सौंपकर की चौधरी को टिकट नहीं देने की मांग की है। 

 

दो दिन में दो बार इन नेताओं से मिले 
राज्यसभा सांसद रामनारायण डूडी, जोधपुर जिला प्रमुख पुनाराम चौधरी, पाली जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी, बाली से विधायक एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री पुष्पेंद्रसिंह राणावत, पाली विधायक ज्ञानचंद पारख, ओसियां से पूर्व विधायक भैराराम सियोल, मारवाड़ जंक्शन के पूर्व विधायक केसाराम चौधरी, सोजत की पूर्व विधायक संजना आगरी, भोपालगढ़ की पूर्व विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री कमसा मेघवाल, सुमेरपुर के पूर्व विधायक मदन राठौड़, पाली विधायक ज्ञानचंद पारख, बिलाड़ा के पूर्व विधायक अर्जुनलाल गर्ग, भाजपा किसान मोर्चा के पाली जिलाध्यक्ष खीमाराम चौधरी व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष गिरधारीसिंह मंडली गुरुवार को जयपुर में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, भाजपा के प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी व संगठन महामंत्री चंद्रशेखर से मिल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें पाली लोकसभा क्षेत्र से पीपी चौधरी को उम्मीदवार नहीं बनाने की मांग की। शुक्रवार को इनमें से पाली विधायक ज्ञानचंद पारख को छोड़ बाकी के सभी नेता जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से उनके आवास पर मिले। 


सोशल मीडिया पर वायरल हुए पत्र में पाली विधायक ज्ञानचंद पारख व सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत के हस्ताक्षर नहीं हैं। चौधरी के विरोध में उतरे नेताओं का दावा है कि पारख उनके साथ जयपुर में थे। एक अन्य पत्र में उनके हस्ताक्षर भी हैं। वहीं पारख का कहना है कि न तो किसी पत्र में उनके हस्ताक्षर हैं, न ही वे किसी से मिले। पार्टी जिसे प्रत्याशी बनाएगी, वे उसके साथ रहेंगे। सुमेरपुर विधायक जोराराम कुमावत ने कहा कि वे चौधरी के साथ हैं, वे कहीं नहीं गए, न ही ऐसी मांग की।

 
बाली विधायक पुष्पेन्द्र सिंह ने कहा कि पार्टी में अपनी बात रखी है। टिकट पाली जिले के नेता को मिले। माधवसिंह दीवान, सुनील सीरवी या सुरेश चौधरी में से भी टिकट दिया जा सकता है।  
वहीं जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी ने कहा कि पाली लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बदलने की मांग को लेकर जयपुर में गुरुवार को केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर, प्रदेश प्रभारी, प्रदेशाध्यक्ष व संगठन महामंत्री से पाली जिले के अलावा जोधपुर जिले के सभी नेताओं के साथ उन्होंने भी मुलाकात की थी। शुक्रवार को पूर्व सीएम से मिलकर भी इस बारे में अवगत कराया, जिसमें सभी नेता साथ थे।

 

पूर्व विधायक केसाराम ने कहा कि हमने अपनी भावना से राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत करा दिया। पाली जिले के सभी नेताओं के साथ मैं भी जयपुर में शीर्ष नेतृत्व से मिला था। फिर भी हमारा उम्मीदवार कमल का फूल है। पार्टी जिसे भी टिकट देगी, उनके साथ रहेंगे। 


सुमेरपुर के पूर्व विधायक मदन राठौड़ ने कहा कि वे किसी के खिलाफ कहीं नहीं मिलने गए। न ही उनके हस्ताक्षर हैं। ऐसी किसी चिट्ठी पर कोई हस्ताक्षर है तो यह साजिश है, इसकी जांच होनी चाहिए। अर्जुन गर्ग व कमसा मेघवाल ने भी किसी चिट्ठी पर हस्ताक्षर से मना किया है। 
भाजपा किसान मोर्चा पाली के जिलाध्यक्ष खीमाराम चौधरी ने कहा कि सभी ने जयपुर में बड़े नेताओं को अपनी भावना से अवगत कराया है। चिट्ठी में जिनके हस्ताक्षर हैं, वे सभी मौजूद थे। अब यदि कोई नेता मुकर रहा है तो वे ही जाने। जयपुर में सभी नेताओं ने उम्मीदवार बदलने की मांग की है। 
 

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