पाली / परंपरा बचाने की अनूठी पहल, 10 किलोमीटर दूर बैलगाड़ी से गए बाराती

Dainik Bhaskar

May 17, 2019, 10:07 AM IST



बैलगाड़ी पर जाती बारात। बैलगाड़ी पर जाती बारात।
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बैलगाड़ी पर जाती बारात।बैलगाड़ी पर जाती बारात।

  • 225 लाेग थे बारात में, जिसमें 100 महिलाएं भी 
  • दादा की इच्छा पूरी की बैलगाड़ी पर बारात ले जाएं

रायपुर-मारवाड़. जिले में शादी ब्याह में पुरानी परंपराओं को निभाने में आज भी फिजूलखर्ची की जाती है। दिखावे के लिए घोडी और कार, बस में भरकर बारातियों का आना आम बात हो गई है। फिजूलखर्ची रोकने के लिए मन में ठानी पिपलिया के दिनेश ने अपनी शादी को अनूठा ही रूप दे डाला। सड़कों पर निकली इस बारात को लोग टकटकी लगाए देखते रहे।

 

बैलगाड़ी के आगे रथ पर सवार दूल्हा चल रहा था। जी हां, यह अनूठी बारात पिपलिया कलां से 10 किलोमीटर दूर दाेरनड़ी तक निकली। पिपलिया निवासी दिनेश ने संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखते हुए पुराने समय में निकलने वाली बैलगाड़ी पर बारात की परंपरा को निभाया। दूल्हे के पिता देवाराम ने बताया कि उनके पिता की भी इच्छा थी कि बारात बैलगाड़ी पर निकले। उन्हाेंने अपने पिता की इच्छा को पूरा किया है। उल्लेखनीय है कि मारवाड़ में बरसों पहले सभी बारातें अमूमन बैलगाड़ी या ऊंटों पर जाती थी। समय के साथ वाहनों ने इनका स्थान ले लिया। 
 

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