Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» After Travel Six Thousand Kilometer Travel Demoiselle Crane Reached Here

छह हजार किलोमीटर की यात्रा कर यहां पहुंचते है हजारों पक्षी, देखने को उमड़ते है लोग

छह हजार किलोमीटर की यात्रा कर यहां पहुंचते है हजारों पक्षी, देखने को उमड़ते है लोग

SUNIL CHOUDHARY | Last Modified - Dec 14, 2017, 12:11 PM IST

जोधपुर। जोधपुर जिले का खींचन गांव एक बार फिर हजारों प्रवासी पक्षी कुरजां के कलरव से गुंजायमान है। करीब छह हजार किलोमीटर लम्बा सफर तक कर साइबेरिया से यहां पहुंचे इन हजारों प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे है। खींचन के लोग भी मेहमान बन यहां पहुंचे इन परिंदों का दिल खोल कर स्वागत कर रहे है। ऐसे कर रहे है सेवा...


- इन परिंदों की बरसों से सेवा कर रहे सेवाराम का कहना है कि अब तक करीब 18 हजार कुरजां यहां पहुंच चुकी है। अगले कुछ दिन में इनकी संख्या पच्चीस हजार को पार कर जाएगी।
- इन विदेशी मेहमानों को अभी रोजाना बारह क्विन्टल ज्वार खिलाई जा रही है। अब पक्षी बढ़ने के साथ इसकी मात्रा भी बढ़ाई जा रही है।
- कुरजां के लिए दाना-पानी की व्यवस्था खींचन का जैन समाज करता है। कई बार अन्य समाज के लोग भी दिल खोलकर मदद करते है।
- खींचन में हजारों कुरजां के एक साथ दाना चुगने के लिए बनाए गए चुग्गाघर का आकार भी इस बार ग्रामीणों के सहयोग से दो गुना कर दिया गया है।
- ये पक्षी रात को गांव के निकट स्थित खेतों में चले जाते है। दिन निकलते ही भोजन के लिए गांव पहुंच जाते है। भोजन करने के बाद दोपहर में गांव के तालाब किनारे धूप में बैठे रहते है।
- गांव के लोग सामूहिक रूप से इन मेहमानों की सुरक्षा करते है। इस गांव के आसपास आजतक किसी कुरजां का शिकार नहीं हो पाया है। वहीं घायल या बीमार पक्षियों के इलाज की भी अलग से विशेष व्यवस्था की हुई है।
- इन पक्षियों के कारण गांव में पर्यटकों की आमद काफी बढ़ गई है। इससे कई लोगों को रोजगार मिलना शुरू हो गया है।


इनकी टाइमिंग के कायल है पक्षी विशेषज्ञ


- पक्षी विशेषज्ञ हेमसिंह गहलोत का मानना है कि कुदरत ने पक्षियों को कुछ विशेष क्षमता प्रदान की है। इस क्षमता के बल पर कुरजां साइबेरिया के मौसम में शुरू होने वाले बदलाव को पहले से जान लेती है कि अब मौसम बदलने वाला है।
- मौसम में बदलाव शुरू होते ही हजारोंं की तादात में कुरजां भारतीय मैदानों की तरफ उड़ान भरना शुरू कर देती है। बगैर किसी जीपीएस की मदद के ये पक्षी करीब छह हजार किलोमीटर का सफर तय कर मारवाड़ पहुंच जाती है।
- इन पक्षियों की टाइमिंग की गणना इतनी सटीक है कि इतने लम्बे सफर में एक दिन भी ऊपर-नीचे नहीं होता। खींचन में इनकी देखभाल करने वाले सेवाराम का कहना हैै कि कुछ बरस से कुरजां लगातार तीन सितम्बर को यहां पहुंच रही है और इस बार भी ऐसा ही हुआ।
- इस बारे में गहलोत का कहना है कि विशेषज्ञ भले ही मौसम चक्र में बदलाव का दावा करें लेकिन कुरजां की यात्रा और इसके आगमन से स्पष्ट है कि साइबेरिया के मौसम चक्र में कोई बदलाव नहीं आया है।
- सर्दी के आगमन के साथ ही कुरजां के समूह वहां से उड़ान भरना शुरू कर देते है और मारवाड़ में रातों के ठंडा होना शुरू होने के साथ यहां पहुंच जाती है।

सभी फोटो सेवाराम

अगली स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो

India Result 2018: Check BSEB 10th Result, BSEB 12th Result, RBSE 10th Result, RBSE 12th Result, UK Board 10th Result, UK Board 12th Result, JAC 10th Result, JAC 12th Result, CBSE 10th Result, CBSE 12th Result, Maharashtra Board SSC Result and Maharashtra Board HSC Result Online
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jodhpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Cheh hazaar kilomitr ki yaatraa kar yaha phunchte hai hazaaron pksi, dekhne ko umड़te hai loga
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×