Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» Barat Will Came From Pakistan But Groom Mother And Brother Yet Not Get Visa

पाकिस्तान से आएगी बारात, लेकिन दूल्हे की मां और भाई को अब तक नहीं मिला वीजा

पाकिस्तान से आएगी बारात, लेकिन दूल्हे की मां और भाई को अब तक नहीं मिला वीजा

SUNIL CHOUDHARY | Last Modified - Feb 08, 2018, 04:20 PM IST

जोधपुर। सरहद पर चले रहे तनाव का साया पाकिस्तान से शादी करने जोधपुर आ रहे एक युवक की बारात पर भी पड़ रहा है। पाकिस्तान के उमरकोट में डॉक्टर हमीर सिंह की शादी 18 फरवरी को जोधपुर में जालोर की युवती वंदना कुमारी के साथ प्रस्तावित है।इस शादी में शामिल होने के लिए भारत सरकार ने दूल्हे और उनके पिता को ही वीजा जारी किया है। दूल्हे की मां और उसके छोटे भाई को अभी तक वीजा नहीं मिल पाया है। यह है मामला...


- पाकिस्तान के उमरकोट जिले के सिनोई गांव निवासी डॉ. हमीर सिंह का रिश्ता जालोर जिला निवासी वंदना कुमारी के साथ तय हो रखा है। दूल्हे की बड़ी बहन कविता की शादी चार वर्ष पूर्व जोधपुर के अभिषेक सिंह के साथ हो रखी है। कविता ने ही अपने भाई के लिए यहां पर लड़की देखी। इसके बाद गत वर्ष उसकी मां पारस कंवर, पिता पदम सिंह और अन्य परिजन जोधपुर आए। इसके बाद रिश्ता तय हुआ। उस समय यह परिवार लड़की देखने और रिश्ता तय करने के लिए काफी दिन भारत में ठहरा।
- गत वर्ष सितम्बर में दोनों की शादी तय हो गई, लेकिन इस बीच दूल्हे के अंकल का निधन हो गया। ऐसे में पूरा परिवार शादी को स्थगित कर पाकिस्तान लौट गया।
- अब एक बार फिर दोनों की शादी 18 फरवरी को करना तय किया गया। शादी में शामिल होने के लिए डॉ. हमीर के साथ ही उनके माता-पिता व छोटे भाई प्रेम सिंह ने वीजा के लिए आवेदन किया।
- भारत सरकार ने दूल्हा व उसके पिता का ही वीजा जारी किया। उन्होंने दूल्हे की मां और छोटे भाई को इस आधार पर वीजा देने से इनकार कर दिया कि वे गत वर्ष भारत में काफी दिन ठहर कर गए थे।
- अब दूल्हे की मां अपने बेटे की शादी में शामिल होने को बेसब्र हुई जा रही है, लेकिन नियमों की तलवार आड़े आ रही है।

अब पूरी उम्मीद विदेश मंत्री से


- जोधपुर में रहने वाली दूल्हे की बहन कविता ने बताया कि वह गुरुवार को ही दिल्ली जाकर अधिकारियों से मिल कर लौटी है। वहां से सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला। अब जब शादी में महज दस दिन बचे है। ऐसे में उनकी पूरी उम्मीद केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर है कि वे कुछ पहल कर दूल्हे की मां और छोटे भाई को वीजा दिलाने में मदद करेगी। ताकि एक मां अपने बेटे की शादी में सम्मिलित हो सके।

बेटी की डीलिवरी में नहीं पहुंच पाने का मलाल

- कविता ने बताया कि उनके पांच माह की बेटी अयंतिका है। इसके जन्म के समय उनका पूरा परिवार पाकिस्तान से यहां आना चाहता था, लेकिन उस समय भी वीजा नहीं मिल पाया। ऐसे में पूरा परिवार इस नन्हे सदस्य को देखने को भी आतुर है।

अगली स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×