Hindi News »Rajasthan News »Jodhpur News »News» Marwari Spread In India And Stand There Business Empire

जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर

SUNIL CHOUDHARY | Last Modified - Dec 29, 2017, 11:12 AM IST

देश के प्रत्येक क्षेत्र में मारवाड़ी बिजनेसमैन ने अपनी सफलता का परचम लहराया है।
  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    ऐसी होती थी परम्परागत मारवाड़ी बिजनेसमैन की पैढ़ी।

    जोधपुर। हिन्दुस्तान में बिजनेस का नाम आते ही लोगों के जेहन में सबसे पहला शब्द मारवाड़ी का आता है। मारवाड़ी बिजनेसमैन में पूरे देश में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रखी है। कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जिसमें उनका दखल नहीं हो। यही कारण है कि मारवाड़ी लोगों के बारे में कहा जाता है कि जहां न पहुंचे रेलगाड़ी वहां पहुंचे बैलगाड़ी और जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी। मारवाड़ी न केवल वहां पहुंचे बल्कि अपना बिजनेस एम्पायर खड़ा कर दिया। इस कारण पूरे देश में फैले मारवाड़ी...


    - मारवाड़ी यानि मरु प्रदेश का रहने वाला। रेगिस्तानी राजस्थान में हमेशा अकाल का साया पड़ता रहा। ऐसे में यहां आगे बढ़ने की संभावनाएं बहुत कम थी। साथ ही अकाल के दौर में बढ़ती लूटपाट से बचने के लिए मारवाड़ी लोगों ने समय-समय पर यहां से पलायन कर सुरक्षित माने जाने वाले अन्य प्रदेशों में अपना ठिकाना बनाया। वहां इन लोगों ने अपना जीवन यापन करने के लिए बिजनेस करना शुरू किया।


    बंगाल से की शुरुआत


    - मुगल बादशाह अकबर के दौर में वर्ष 1564 में सबसे पहले कुछ व्यापारियों के बंगाल जाकर बसने के साथ मारवाड़ी बिजनेसमैन का पलायन शुरू हुआ। इसके बाद ये भी दर्ज है कि महाराजा रणजीतसिंह ने मारवाड़ियों की बिजनेस करने के तरीके से प्रभावित हो उन्हें अमृतसर में बसाया।


    सफलता का यह है मूल मंत्र


    - रेगिस्तान में अपना घर छोड़ कमाने के उद्देश्य से निकले मारवाड़ियों ने हमेशा से रिस्क उठाया। इसके अलावा उनके पास कोई विकल्प ही नहीं था। वापसी संभव नहीं थी। रिस्क उठाने के साथ उन्होंने हमेशा लम्बी अवधि के काम-धंधों में अपना हाथ आजमाया। साथ ही उन्होंने कभी बाजार में किसी चीज के बढ़ते क्रेज पर अपना ध्यान नहीं दिया. उनकी मान्यता रही कि किसी भी चीज का क्रेज कुछ दिन का होता है। ऐसे में इसमें पैसा लगाना फायदे का सौदा नहीं होगा।
    - बिजनस में सफलता के लिए समय के साथ चलना बहुत जरूरी है। मौके को अगर गंवा देते हैं तो बिजनस में सफलता के चांस कम हो जाते हैं। समय के साथ हो रहे तकनीकी व अन्य बदलावों को अपनाकर ही आगे बढ़ सकते हैं।

    - मारवाड़ी अपने कर्मचारियों पर पूरा विश्वास करते है और समय के साथ उन्हें आगे बढ़ाते है ताकि उनका भी विश्वास कंपनी के प्रति बना रहे।
    साझा परिवार का मिलता है लाभ
    - अधिकांश मारवाड़ी बिजनेसमैन का पूरा परिवार एक साथ रहता है। इससे परिवार के बच्चों को बचपन से ही बिजनेस की ट्रेनिंग मिलना शुरू हो जाती है। अन्य परिवार के बच्चों की अपेक्षा मारवाड़ी परिवार का बच्चा जल्दी काम सीखता है।


    ये है प्रसिद्ध मारवाड़ी परिवार


    - देश में बिड़ला, बजाज, गोयनका, रुइया, मोरारका, जिंदल परिवार के अलावा लक्ष्मीनारायण मित्तल सहित बड़ी संख्या में मारवाड़ी परिवारों ने अपनी धाक कायम कर रखी है।


    नए क्षेत्रों में भी किया प्रवेश


    - मारवाड़ी बिजनेसमैन सिर्फ अपने परम्परागत बिजनेस से ही नहीं जुड़े रहे। इन परिवारों के नए सदस्यों ने अपने दम पर नया बिजनेस भी शुरू किया है। मसलन फ्लिप कार्ट, मंत्रा, लैंस कार्ट, स्नैप डील, इंडिया मार्ट व ओला के फाउंडर सीईओ भी मारवाड़ी ही है।

    अगली स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो

  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    जीडी बिड़ला और एलएन मित्तल भी मारवाड़ी ही है।
  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    अग्रणी ऑटो बिजनेसमैन राहुल बजाज।
  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    बिड़ला परिवार। युवा कुमारमंगलम बिड़ला इसमें जीडी बिड़ला के साथ नजर आ रहे है।
  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    वर्ष 1940 में बिड़ला परिवार के चार भाई।
  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    रुइया फैमिली बिजनेस के क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है।
  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    स्नैप डील के को फाउंडर रोहित बंसल भी मारवाड़ी है।
  • जहां न पहुंचे बैलगाड़ी वहां पहुंचे मारवाड़ी...और खड़ा कर दिया अपना बिजनेस एम्पायर
    +7और स्लाइड देखें
    फ्लिप कार्ट के फाउंडर सचिन व बिन्नी बंसल ।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jodhpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Marwari Spread In India And Stand There Business Empire
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From News

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×