Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» This Lady Lead No. One Hotel Of India

देश के नंबर वन होटल की बागडोर है इस महिला के हाथ

उम्मेद भवन पैलेस देश का नंबर वन होटल है। खासियत की बात यह है कि इसे एक महिला संचालित कर रही है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Mar 12, 2018, 05:04 PM IST

  • देश के नंबर वन होटल की बागडोर है इस महिला के हाथ
    +5और स्लाइड देखें
    देश के नंबर वन होटल उम्मेद भवन पैलेस की जीएम मेहरनवाज अवारी।

    जोधपुर। देश के नंबर एक व दुनिया के तीसरे सबसे बेस्ट होटल उम्मेद भवन पैलेस की बागडोर एक महिला के हाथ में है। बचपन में ताज होटल की मुरीद होने के बाद इसकी मालकिन बनने का ख्वाब देखने वाली मेहरनवाज अवारी इसकी मालकिन तो नहीं बन पाई अलबत्ता इसकी जीएम बन सर्वेसर्वा अवश्य बन बैठी। ऐसे हुई शुरुआत...


    - 36 वर्षीय मेहर के शब्दों में टाटा मोटर्स में कार्यरत पिता के तबादले पर पांच साल की उम्र में मुंबई आने पर पहली बार होटल ताज देखने का अवसर मिला। उस समय बाल सुलभ मन में ख्याल आया मेरी भी ऐसी कोई बिल्डिंग हो। समय के साथ ख्याल भी दिमाग से निकल गया। बाद में पढ़ाई पूरी कर नौकरी की आपाधापी में किस्मत उन्हें एक बार फिर ताज ले गई।
    - ओबेरॉय और ताज ग्रुप दोनों में मेहर का चयन हो गया, लेकिन उन्होंने ताज को तव्वजो दी। इसका कारण वे बताती है कि परिवार में कई लोग टाटा ग्रुप में काम करते है। ऐसे में हमने बहुत नजदीक से देखा है कि संकट के दौर में टाटा ग्रुप अपने कर्मचारियों का किस तरह परिवार के एक सदस्य के रूप में साथ निभाता है। और उन्होंने टाटा के ताज को चुना।
    - बरसों पश्चात ताज में एक बार फिर दाखिल होने के समय बचपन का वाक्या याद हो आया। उसी समय उन्होंने तय कर लिया कि इस बिल्डिंग की मालकिन भले ही न बन पाऊं लेकिन एक दिन इसकी जीएम अवश्य बनूंगी।


    हमेशा आगे बढ़ स्वीकार की चुनौती


    - मेहर बताती है कि उन्होंने हमेशा आगे बढ़ चुनौतीपूर्ण काम मांगे। इस मामले में वे स्वयं को लक्की भी मानती है कि प्रबंधन ने हमेशा उन पर भरोसा जताया। २९ साल की उम्र में ताज, मुंबई में एफएंडबी मैनेजर बनने वाली वे यंगेस्ट केंडिडेट थीं। तब सवाल उठा था कि एक यंग लेडी को इतनी जिम्मेदारी भरी पोस्ट कैसे मिल गई तो मेरे सीनियर्स ने कहा था, जब 28 साल का लड़का एचओडी बन सकता है तो फिर मेहरनवाज क्यों नहीं? मेहरनवाज कहती हैं, वे पांच साल काफी मुश्किल भरे रहे। ब्रेकफास्ट से रात के 3-4 बजे तक काम किया लेकिन मेरा पेशन था और मुझे मजा आता था। फिर मैंने चैलेंजिंग रोल मांगा।


    मुंबई से वाया दिल्ली पहुंची उम्मेद भवन


    - मुंबई से मेहर दिल्ली पहुंच गई। दिल्ली में करीब 14-15 महीने के कार्यकाल में होटल में कई बदलाव किए जो काफी पॉजिटिव रहे। उस समय कंपनी को लग गया कि मैं तेजी से भाग रही हूं तो मैनेजमेंट ने मुझसे पूछ लिया कि क्या तुम पूरा होटल चलाने को तैयार हो? एक दिन सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ने फोन पर पूछा, उम्मेद भवन जाओगे? मैंने कहा, देश का नंबर 1 होटल है, कौन नहीं जाना चाहेगा। मैंने हां की और यहां आ गई।


    सोच बदलना जरूरी


    - सोसायटी की सोच में बदलने की जरूरत है वह है कि पुरुषों की तरक्की को काबिलियत समझा जाता है जबकि महिलाओं की तरक्की पर लोग कयास लगाने शुरू कर देते हैं। वे यह नहीं सोचते कि महिला भी काबिल हो सकती है। यह मानना ही होगा कि कोई महिला भी आदमी से ज्यादा काबिल हो सकती है। मेरा मानना है कि तरक्की जेंडरबेस्ड नहीं होने चाहिए। आदमी या महिला, जिसकी जो काबिलियत है, उसे वह मिलना चाहिए।


    26/11 को जल्दी निकल गई थी ताज से


    - 26/11 हादसे को याद कर मेहर बताती है कि उस दिन पता नहीं क्या हुआ जो बरसों पश्चात मैं होटल से जल्दी निकल पड़ी। कुछ दोस्तों के साथ फिल्म देखने का प्लान बनाया, लेकिन फिर मूड बदल गया और घर पहुंच गई। रात साढ़े नौ बजे फोन आया कि होटल में गन लेकर कोई सिरफिरा घुस गया है। इसके बाद पता ही नहीं चल पाया कि क्या हो रहा है। बाद में स्थिति स्पष्ट हुई। देर रात होटल से बुलावा आया। ऐसे हालात में घर वाले भेजने को तैयार ही नहीं थे। बाद में मेरे पिताजी स्वयं छोड़ने वहां गए।सुबह जल्दी हमने मेहमानों व उनके रिश्तेदारों के फोन कॉल अटेंड करने एक कंट्रोल रूम शुरू किया। इसके माध्यम से लोगों तक पुख्ता जानकारी पहुंचाने में मदद की।

    ऐसा है उम्मेद भवन

    - वर्ष 1943 में निर्मित देश का अंतिम महल उम्मेद भवन पैलेस में मारवाड़ के शाही परिवार का निवास स्थान है। इसके एक हिस्से में होटल संचालित होता है। इसे इस वर्ष वैश्विक स्तर पर दुनिया का तीसरा और देश का सर्वश्रेष्ठ होटल चुना गया।

    अगली स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो

  • देश के नंबर वन होटल की बागडोर है इस महिला के हाथ
    +5और स्लाइड देखें
    मेहरनवाज को इस पद तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
  • देश के नंबर वन होटल की बागडोर है इस महिला के हाथ
    +5और स्लाइड देखें
    उम्मेद भवन के कॉरिडोर में मेहरनवाज।
  • देश के नंबर वन होटल की बागडोर है इस महिला के हाथ
    +5और स्लाइड देखें
    मेहरनवाज ने कभी ताज होटल का मालकिन बनने का ख्वाब देखा था।
  • देश के नंबर वन होटल की बागडोर है इस महिला के हाथ
    +5और स्लाइड देखें
    ऐसा नजर आता है जोधपुर का उम्मेद भवन पैलेस।
  • देश के नंबर वन होटल की बागडोर है इस महिला के हाथ
    +5और स्लाइड देखें
    उम्मेद भवन का निर्माण वर्ष 1943 में पूरा हुआ था।
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jodhpur News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: This Lady Lead No. One Hotel Of India
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×