Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» Youth Office Asked How You Won Longewala War? Veteran War Hero Say By Courage

युवा ऑफिसर्स ने पूछा कैसे लड़ा था लोंगेवाला युद्ध? बूढ़े योद्धा बोले अपने जज्बे के दम पर

युवा ऑफिसर्स ने पूछा कैसे लड़ा था लोंगेवाला युद्ध? बूढ़े योद्धा बोले अपने जज्बे के दम पर

SUNIL CHOUDHARY | Last Modified - Dec 07, 2017, 01:25 PM IST

जोधपुर। वर्ष 1971 के युद्ध में पाकिस्तान की एक पूरी टैंक ब्रिगेड को नेस्तनाबूद कर इतिहास में अमर हो जाने वाले भारतीय सेना के 120 योद्धाओं में चौदह 46 बरस पश्चात एक बार इस युद्ध स्थल लोंगेवाला पहुंचे। अब बूढ़े हो चुके ये योद्धा बड़ी गर्मजोशी के साथ आपस में मिले और इस युद्ध की घटनाओं को याद किया तो थार का रेगिस्तान इन योद्धाओं के ठहाकों से गूंज उठा। साथ ही इन योद्धाओं ने भारतीय सेना के सौ से अधिकारियों को इस युद्ध से जुड़े प्रत्येक प्रश्न का जवाब दे उनका हौंसला भी बढ़ाया। जब युवा ऑफिसरों ने लगा दी सवालों की झड़ी...


- लोंगेवाला युद्ध लड़ने वाले तत्कालीन मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी सहित अन्य योद्धाओं से भारतीय सेना के सौ से अधिक युवा ऑफिसर से मुलाकात बहुत जोरदार रही। युवा अधिकारियों ने इनके समक्ष युद्ध से जुड़े सवालों की झड़ी लगा दी। युवा अधिकारी जानने को उत्सुक थे कि ऐसा क्या कारण रहा कि महज 120 भारतीय जवानों को दो हजार पाकिस्तानी सैनिक पूरी टैंक ब्रिगेड के साथ पराजित नहीं कर पाए? लोंगेवाला वार हीरोज ने सभी सवालों को बड़ी तसल्ली के साथ जवाब दे युवाओं से कहा कि विपरीत परिस्थितियों में जोश और जज्बे के साथ अपना हौंसला नहीं खोना चाहिये। संख्या बल में कम होते हुए भी हमने डट कर मुकाबला किया और यही इतिहास बन गया।


इस कारण पहुंचे थे लोंगेवाला...


- वर्ष 1971 में लोंगेवाला में भारतीय सेना को मिली अहम जीत के 46 बरस पूरे होने पर बैटल एक्स डिवीजन ने तीन दिवसीय एक विशेष समारोह का आयोजन किया। इस समारोह की शान बने 23 पंजाब की बटालियन का नेतृत्व करने वाले तत्कालीन मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर युद्ध को लड़ने वाले चौदह योद्धा।
- 46 बरस पूर्व जवानी के जोश में जिन योद्धाओं ने पाकिस्तान की पूरी टैंक ब्रिगेड और दो हजार सैनिकों से मुकाबला करने वाले इन योद्धाओं पर अब उम्र का असर अवश्य नजर आ रहा था, लेकिन उनका जोश और जज्बा आज भी पहले के समान बरकरार था।
- ब्रिगेडियर के पद से रिटायर्ड हुए महावीर चक्र विजेता कुलदीप सिंह और अन्य सभी जांबाज आपस में जब गले मिले तो वहां मौजूद सभी लोग उनके जिंदाबाद के नारे लगाने लग गए।
समारोह में बड़ी संख्या में मौजूद लोगों के बीच रियल वार हीरोज से मिलने की होड़ लग गई। इन्होंने किसी को निराश नहीं किया और बारी-बारी से सभी से मिले।
- इसके बाद लोंगेवाला से निकलने वाली तीन सड़कों का नामकरण चांदपुरी, रतनसिंह व आत्मासिंह मार्ग किया गया। इन मार्गों के नामकरण की पट्टिका का उद्घाटन भी इन योद्धाओं ने ही किया।


इस कारण फेमस है लोंगेवाला


- वर्ष 1971 के युद्ध में पश्चिमी मोर्चे पर लोंगेवाला में सबसे महत्वपूर्ण युद्ध लड़ा गया था। लोंगेवाला पोस्ट पर मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी के नेतृत्व में तैनात 23 पंजाब के 120 जवानों ने भीषण गोलाबारी के बीच पूरी रात पाकिस्तान की एक टैंक ब्रिगेड और दो हजार सैनिकों का सामना किया, लेकिन उन्हें पोस्ट पर कब्जा नहीं करने दिया। सुबह तक इन योद्धाओं ने पाकिस्तानी सेना के रोके रखा। और बाद में एयर फोर्स ने भीषण बमबारी कर अधिकांश टैंकों को उड़ा दिया। यह श्रेष्ठ युद्ध के रूप में दुनिया की अधिकांश सेनाओं को पढ़ाया जाता है। इस पर बनी फिल्म बॉर्डर भी सुपरहिट रही थी।

अगली स्लाइड्स में देखें अन्य फोटो

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×