Hindi News »Rajasthan »Jodhpur »News» By Writing Something Notes Will Not Devalue Say Rbi

कुछ लिखने से अवैध नहीं होंगे नोट, लेकिन धार्मिक चिन्ह व राजनीतिक संदेश लिखा तो हो जाएंगे अवैध

कुछ लिखने से अवैध नहीं होंगे नोट, लेकिन धार्मिक चिन्ह व राजनीतिक संदेश लिखा तो हो जाएंगे अवैध

SUNIL CHOUDHARY | Last Modified - Nov 24, 2017, 12:25 PM IST

जोधपुर/नई दिल्ली.नोटबंदी के बाद जारी हुए 500 और 2000 के नोटों पर कुछ लिखा होने से बैंक इन्हें अवैध नहीं ठहरा सकते। नियम के मुताबिक, ऐसे नोट पूरी तरह मान्य होंगे और बैंकों को इन्हें जमा करना होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक आरटीआई के जवाब में यह साफ किया है। साथ ही, आरबीआई ने कहा कि केवल वही नोट अवैध करार दिए जा सकते हैं, जिन पर कोई धार्मिक चिह्न या राजनीतिक स्लोगन लिखे हों। बता दें कि नोटबंदी के दौरान पहले 10 और बाद में नए नोटों पर 'सोनम गुप्ता बेवफा है' लिखने का ट्रेंड सामने आया था।

किसने लगाई थी आरटीआई?

- आरटीआई राजस्थान हाईकोर्ट के वकील रजाक के. हैदर ने लगाई। उन्होंने आरबीआई से पूछा- ''500 और 2000 के नोटों पर पेन मार्कर से कुछ लिखने या स्टेपल किए जाने के बाद यह बैंक में जमा किए जाएंगे या नहीं?''
- दूसरा सवाल था, ''जिन नोटों पर धार्मिक चिह्न और राजनीतिक मैसेज लिखा होगा, बैंक उन्हें लेगा या नहीं?''

आरबीआई ने क्या जवाब दिया?

- बैंक के मुख्य सूचना अधिकारी पी. विजय कुमार की ओर से आरटीआई दाखिल करने वाले को जवाब भेजा गया।
- आरबीआई ने कहा, ''नए नोटों (500 और 2000) समेत भारतीय मुद्रा के सभी बैंक नोटों पर कुछ लिखने से ये अवैध नहीं होंगे। कस्टमर इन्हें बैंक में जमा करा सकते हैं।''
- दूसरे सवाल पर साफ किया, ''नोट रिफंड रूल के हिसाब से कोई धार्मिक स्लोगन या चित्र बने नोट और राजनीतिक चिह्न या स्लोगन लिखे नोट शून्य (रद्द) माने जाएंगे।''

क्या है मामला?

- वकील हैदर के मुताबिक, कुछ दिनों पहले राजस्थान के ज्यादातर बैंकों में नोटिस लगाए गए थे। इनमें कहा गया कि 500 और 2000 के नोट पर पेन से कुछ भी लिखा है तो इन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- अब आरटीआई से नोटों से जुड़ी बातें साफ हो गई हैं। जो बैंक नोट नहीं लेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इससे बैंकों में कस्टमर्स को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From News

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×