भास्कर इंपैक्ट / कोऑपरेटिव स्कैम: नया कानून बनाएगी सरकार, 20 लाख लोगों से ठगे पैसे दिलाने लिक्विडेटर नियुक्त होगा



Co-operative scam: Government will make new law
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Co-operative scam: Government will make new law

  • आदर्श क्रेडिट सोसायटी महाघोटाले में भास्कर के खुलासे के बाद सरकार हुई सक्रिय
  • सहकारिता मंत्री आंजना बोले-लिक्विडेटर नियुक्त करने के लिए सेंट्रल रजिस्ट्रार को पत्र भेजेंगे

Dainik Bhaskar

Sep 12, 2019, 02:14 AM IST

पाली. आदर्श क्रेडिट काे-ऑपरेटिव साेसायटी की ओर से 14 हजार 800 कराेड़ रुपए के घाेटाले के मामले में निवेशकाें के लिए राहत की खबर है। आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के 14 हजार 800 करोड़ रुपए के घोटाले और 20 लाख लोगों से ठगी के मामले में भास्कर खुलासे के बाद सरकार सक्रिय हो गई है। प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने कहा है कि सरकार इस तरह के घोटालों से सहकारिता क्षेत्र की बदनामी हो रही है। इसलिए ऐसी ठगी राेकने लिए राज्य सरकार नया कानून बनाएगी, ताकि लोगों को ठगी से बचाया जा सके।


इधर, राज्य सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए लिक्विडेटर नियुक्त कराने का फैसला लिया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की ओर से काेर्ट में पेश की गई चार्जशीट की पड़ताल के बाद दैनिक भास्कर ने बुधवार के अंक में चार्जशीट के प्रमुख तथ्याें काे प्रकाशित किया था। इसके बाद राज्य सरकार ने निवेशकाें के हित में यह फैसला लिया है। सहकारी विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने कहा कि एसओजी की कार्रवाई कानूनी प्रकिया के तहत हुई है, लेकिन राज्य के जिन निवेशकों ने इस सोसायटी में अपनी जमा पूंजी दांव पर लगाई है, उन्हें पैसा दिलाना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

 

जानिए, लिक्विडेटर नियुक्त होने से निवेशकों को कैसे मिलेगी उनकी जमा पूंजी: कोर्ट में विचाराधीन प्रकरण में संबंधित कोर्ट लिक्विडेटर नियुक्त कर सकता है। सहकारिता के क्षेत्र में रजिस्‍टर्ड किसी फर्म अथवा सोसायटी में जमा पूंजी को लेकर विवाद है तो सेंट्रल रजिस्ट्रार लिक्विडेटर नियुक्त कर सकता है। नियुक्ति के बाद सोसायटी का प्रबंधन लिक्विडेटर ही करता है।

 

आदर्श मामले में भी लिक्विडेटर की नियुक्ति हाेने के बाद बिना देरी के लिक्विडिशन की प्रक्रिया हो सकेगी और निवेशकों को शीघ्र पैसा मिल सकेगा। हालांकि सेंट्रल रजिस्ट्रार ने दिसंबर 2018 में गुजरात के एचएस पटेल को लिक्विडेटर नियुक्त किया था, लेकिन वह राजस्थान राज्य के निवेशकों की पैरवी के लिए उपस्थित नहीं हो रहे थे। ऐसे में राज्य सरकार के आग्रह पर राजस्थान का लिक्विडेटर नियुक्त होने पर सबसे पहले वह सोसायटी का प्रबंधन अपने हाथ में लेगा और उधारी वसूल करेगा।

 

लिक्विडेटर नियुक्त करने का अधिकार सेंट्रल रजिस्ट्रार अथवा कोर्ट के अधीन, रजिस्ट्रार को जल्द लिखेंगे पत्र : सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने बताया कि केंद्रीय सहकारिता रजिस्ट्रार से राजस्थान सहकारिता विभाग लिक्विडेटर नियुक्त कराएगा, ताकि सोसायटी की संपत्तियों का आकलन किया जा सके। लिक्विडेटर कानूनी प्रावधानों के तहत सोसायटी की प्रोपर्टी को बेचकर सबसे पहले राजस्थान के उन निवेशकों का पैसा लौटाने की व्यवस्था करेगा, जिन निवेशकों की लेनदारियां सोसायटी में बकाया है।

 

हालांकि सेंट्रल रजिस्ट्रार ने दिसंबर 2018 में गुजरात का लिक्विडेटर नियुक्त किया है, लेकिन वह राजस्थान के निवेशकों की सही ढंग से पैरवी नहीं कर पाया। ऐसे में राज्य सरकार की मंशा है कि निवेशकों की डूबी हुई राशि जल्द ही उनको दिलाने के लिए राजस्थान का लिक्विडेटर इसमें नियुक्त हो। लिक्विडेटर नियुक्त करने का अधिकार सेंट्रल रजिस्ट्रार अथवा कोर्ट के अधीन है। सेंट्रल रजिस्ट्रार को पत्र लिख हालात से अवगत कराया जाएगा।

 

आदर्श क्रेडिट काे-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाले को लेकर राज्य सरकार गंभीर : आंजना: सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का कहना है कि आदर्श क्रेडिट काे-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाले को लेकर राज्य सरकार बहुत गंभीर है। इससे सहकारिता विभाग भी बदनाम हो रहा है। अब जल्द ही राजस्थान लिक्विडेटर नियुक्त कराएंगे।

 

हालांकि इसके लिए लिक्विडेटर केंद्र सरकार नियुक्त करती है। इस मामले में पहले जो लिक्विडेटर नियुक्त हुए, वे अहमदाबाद के हैं, जबकि शिकार हुए अधिकांश निवेशक राजस्थान के हैं। उनको अपना क्लेम पेश करने के लिए वहां जाने में भी दिक्कत हाे रही है। इसलिए हम राजस्थान का ही लिक्विडेटर नियुक्त करने के लिए सेंट्रल रजिस्ट्रार को पत्र भेज रहे हैं, ताकि जल्दी से जल्दी परिसंपतियों का परिसीमन कर लेनदारों को पैसा चुकाया जा सकें।

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