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गेहूं घोटाले में फरार हैं IAS निर्मला मीणा, अब केरोसिन कालाबाजारी की शिकायत

एसीबी मुख्यालय ने जांच शुरू की, आठ करोड़ का गेहूं घोटाला व आय से अधिक संपत्ति के बाद अब तीसरा मामला

Bhaskar News | Last Modified - May 02, 2018, 08:42 AM IST

गेहूं घोटाले में फरार हैं IAS निर्मला मीणा, अब केरोसिन कालाबाजारी की शिकायत

जोधपुर. आठ करोड़ के गेहूं घोटाले के केस में फरार जोधपुर की निलंबित जिला रसद अधिकारी आईएएस निर्मला मीणा पर एसीबी की एक और तलवार लटक रही है। अपने कार्यकाल के दौरान जिस तरह बिना डिमांड अतिरिक्त गेहूं मंगवाकर आठ करोड़ का घपला किया, उसी तरह केरोसिन में कालाबाजारी के खेल का संदेह जताया जा रहा है। रोक के बावजूद केरोसिन मंगवाकर कालाबाजारी की शिकायत मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय ने परिवाद दर्ज किया है। जोधपुर सिटी चौकी ने इसकी जांच शुरू कर दी है। ये पड़ताल पूरी होने के बाद ही पूरे घोटाले का खुलासा हो पाएगा। मीणा के खिलाफ गेहूं घोटाला, आय से अधिक संपत्ति के बाद ये तीसरा प्रकरण है। वहीं दूसरी ओर गेहूं घोटाले में मीणा को पकड़ने के लिए टीमें विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है, लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लगा हैं।

रोक के बावजूद केरोसिन मंगवाया

- जोधपुर के तत्कालीन डीएसओ महावीरसिंह ने सितंबर व अक्टूबर 2015 में मांग नहीं होने के कारण केरोसिन का कोटा शून्य कर दिया था। इसके बाद जनवरी 2016 में जब निर्मला मीणा ने कार्यभार संभाला तब जोधपुर शहर की राशन की दुकानों पर बिना डिमांड ही केरोसिन मंगवाकर इसे बेच दिया गया। इसके लिए राशन डीलरों के फर्जी बिल तैयार किए गए। पहले प्रति राशन कार्ड 4 लीटर और बाद में ढाई लीटर प्रति परिवार केरोसिन दिया जाता था। इनमें बिना एलपीजी वाले उपभोक्ताओं को ही केरोसिन दिया जा रहा था। इसके बाद जुलाई 2017 से नीले केरोसिन की सप्लाई बंद कर दी गई है। शिकायत में पांच थोक विक्रेताओं की मिलीभगत बताई जा रही है। इस मामले में केरोसिन आवंटन के लिपिक तथा एक निरीक्षक की भूमिका भी पूरी तरह संदेह के घेरे में है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जोधपुर शहर के रसद कार्यालय से केरोसिन आवंटन का रिकार्ड तलब किया है। इसकी जांच के बाद ही घोटाले से पूरी तरह से पर्दा उठ पाएगा।

सिर्फ 15 दिन में गेहूं घोटाला

- डीएसओ रहते हुए निर्मला मीणा ने महज 15 दिन में 8 करोड़ का गेहूं घोटाले को अंजाम दे दिया। उन्होंने 7 लाख लोगों का गेहूं बाजार में बेच दिया। 15 लाख की आबादी वाले शहर की आबादी को डेढ़ गुणा बता दिया और वे सभी पंद्रह दिन में गायब भी हा़े गए। मार्च 16 में निर्मला मीणा ने जयपुर रसद विभाग को तीन लाइन की चिट्ठी लिखी कि शहर में 33 हजार परिवार बढ़ गए हैं इसलिए 35 हजार क्वटल अ िं तिरिक्त गेहूं आवंटित किया जाए। एसीबी ने मीणा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण भी दर्ज करने के लिए मुख्यालय भेजा है।

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