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जोधपुर. पूरे विश्व में कोरोना वायरस के बढ़ रहे प्रकोप के बीच ईरान सहित विश्व के कई देशों में फंसे हुए भारतीयों को एयरलिफ्ट करने की बात चल रही है। जिसके तहत बड़ी संख्या में ईरान में फंसे हुए भारतीयों को जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन में लाने की तैयारियां की जा रही हैं।
मिलिट्री स्टेशन पर आइसोलेशन वार्ड तैयार
भारतीय सेना ने भारत सरकार द्वारा साथ एयर लिफ्ट करके ला रहे भारतीय नागरिकों को एहतियात के तौर पर बचाव व जांच पड़ताल के लिए जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन में खास तौर पर एक आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया हैं। जिसमें प्रथम चरण में शुक्रवार को ईरान से 200 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को स्पेशल एयरक्राफ्ट के जरिए यहां लाया जा रहा हैं। जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन पर देश भर की कई स्पेशल डॉक्टरों की टीमें भी पहुंच गई है। गुरुवार को जोधपुर में सेना व वायुसेना के बीच एक अहम बैठक का भी आयोजन किया गया। जिसमें सेना की मेडिकल कोर द्वारा भारतीय नागरिकों की जांच पड़ताल के लिए की जाने वाली विशेष प्रकार की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। हालांकि शुक्रवार को ईरान से विशेष विमान से 200 से ज्यादा लोगों को एयर लिफ्ट कर जैसलमेर लाया जाएगा। वहीं शहर से भी मिलिट्री स्टेशन दूर होने से लोगों को इससे डरने या घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वहीं इसके बाद अलग अलग चरणों में विभिन्न देशों से 2 हजार से ज्यादा लोगों को जैसलमेर लाने की भी संभावना है।
स्थानीय लोगों ने जताया विरोध
ईरान से 200 से ज्यादा भारतीयों को जैसलमेर के मिलिट्री स्टेशन लाने की सूचना के बाद स्थानीय लोगों में रोष बढ़ गया है। लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर विरोध किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि यहां जनसंख्या कम होने को लेकर सरकार हर परीक्षण यहीं करती है। जिसके बाद उसका खमियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ता है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि जैसलमेर गर्म स्थान होने की वजह से ईरान से लाए जा रहे लोगों को रखने के लिए जैसलमेर का चुनाव हुआ है क्योंकि 30 डिग्री तापमान में कोरोना वायरस के फैलने की संभावना कम रहती है और 25 डिग्री से ज्यादा तापमान में वायरल खत्म होने की संभावना ज्यादा है।
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