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सरकार ने किराए की दुकानों की लीज अवधि का 30 साल तक नवीनीकरण का दिया था आदेश, कोर्ट ने कहा- सरकार को ऐसे आदेश जारी करने का अधिकार नहीं

निगम तय करेगा लीज अवधि कितनी की जाए, इस फैसले से घंटाघर के 800 से अधिक दुकानदार होंगे प्रभावित

Dainik Bhaskar

Aug 02, 2018, 07:46 AM IST
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जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ ने घंटाघर की दुकानों की लीज के नवीनीकरण के संबंध में स्वायत्त शासन विभाग ने पिछले साल मई में जारी आदेश को निरस्त करते हुए लीज तय करने के अधिकार नगर निगम को दिए हैं। विभाग ने एक आदेश जारी कर स्थानीय निकायों को अपनी किरायाशुदा संपत्तियों का 30 वर्ष की अवधि के लिए लीज का नवीनीकरण किए जाने के निर्देश दिए थे।

याचिकाकर्ता निर्मला कुमारी की ओर से दायर याचिका में स्वायत्त शासन विभाग की ओर से गत 10 मई 2017 को जारी परिपत्र को चुनौती दी थी। विभाग की ओर से इस जारी परिपत्र में स्थानीय निकायों के तहत लघु व निश्चित अवधि की लीज या किराए पर आवंटित संपत्ति का नवीनीकरण कराना जरूरी बताया गया था। निकाय द्वारा लघु अवधि या किराया या ग्राउंड रेंट पर विभिन्न व्यवसायों के लिए भूखंड या स्थल या दुकान जो 40 वर्ग मीटर या उससे कम क्षेत्रफल की संपत्तियां लीजधारकों या किरायदारों को दी गई है और जिसकी लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, ऐसे 40 वर्ग मीटर तक की संपत्तियों को 30 वर्ष की अवधि के लिए लीज का नवीनीकरण किया जा सकेगा।

यह निगम का क्षेत्राधिकार, सरकार कोई आदेश नहीं दे सकती: याचिकाकर्ताओं की ओर से इस बात पर आपत्ति की गई कि लीज 99 वर्ष के लिए होती है, लेकिन सरकार ने लीज की अवधि 30 वर्ष कर दी जो कि अनुचित है। निगम की ओर से अधिवक्ता सुनील पुरोहित ने पैरवी की और कहा, कि राज्य सरकार लीज का नवीनीकरण करने का आदेश नहीं दे सकती, यह निगम का क्षेत्राधिकार है, कि वह कितनी अवधि के लिए लीज का नवीनीकरण करें। जबकि सरकार की ओर पेश हुए अधिवक्ता सुनील जोशी ने इस परिपत्र को उचित बताया और कहा, कि राज्य सरकार नवीनीकरण के आदेश जारी कर सकती है। सभी पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने गत 10 मई 2017 को जारी परिपत्र को निरस्त करने के आदेश दिए। कोर्ट ने कहा, कि यह निगम का क्षेत्राधिकार है, सरकार इस संबंध में कोई आदेश नहीं दे सकती है। तीस साल की लीज नवीनीकरण के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को आंशिक रूप से स्वीकार किया, लेकिन 99 साल की लीज जारी करने के प्रार्थना पत्र को अस्वीकार कर दिया और लीज अवधि तय करने का अधिकार निकायों को दिया है।

800 से अधिक दुकानदार होंगे प्रभावित : घंटाघर में फिलहाल 800 से अधिक दुकानें लीज या किराए पर दी हुई हैं। ये दुकानें मूल आवंटी, सबलेटी और मूल आवंटियों से खरीदने वालों के पास हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश से 800 से अधिक दुकानदार प्रभावित होंगे।

कल होगी मार्केटिंग कमेटी की बैठक : नगर निगम की मार्केटिंग कमेटी की बैठक तीन अगस्त को होगी। इस बैठक में दुकानों की लीज अवधि के संबंध में भी चर्चा होगी। महापौर घनश्याम ओझा ने बताया, कि दुकानों की अवधि कितनी होगी, उस संबंध में बैठक में विचार कर निर्णय किया जाएगा।

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