मच्छर की मार / डेंगू रोकने में विभाग-निगम फेल, 4 दिन में 102 पॉजिटिव, अब तक 647 आ चुके हैं चपेट में

डेंगू मच्छर। डेंगू मच्छर।
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डेंगू मच्छर।डेंगू मच्छर।

  • जोधपुर में लगातार पांव पसार रहा है डेंगू

दैनिक भास्कर

Oct 30, 2019, 11:45 AM IST

जोधपुर. दीपावली पर दीपावली पर भी डेंगू के डंक ने लोगों को चैन से नहीं बैठने दिया। धनतेरस से रामा-श्यामा तक चार दिन में ही 102 पॉजिटिव सामने आए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम डेंगू से निपटने के लिए सरकारी तौर पर ही शहर के साथ है। ऐसे में अगर हम दिल्लीवासियों का 10 रविवार, 10 बजे, 10 मिनट हर घर सफाई का फार्मूला अपना लें तो डेंगू से जंग जीत सकते हैं। इससे हम साफ पानी में घर के अंदर ही पनपने वाले डेंगू मच्छर के अंडों के साथ पॉजिटिव मरीजों का बढ़ता आंकड़ा (जो 647 पहुंच चुका है) भी रोक लेंगे। 

 

शहर के लोगों को डेंगू ने 2016 में पहली बार डराया था। 2017 में शांत रहने के बाद 2018 में 533 लोग डेंगू पॉजिटिव मिले थे। अब इस साल तेजी से फैला। डेंगू मच्छर का अंडा 8 से 10 दिन में पूर्ण विकसित होकर मच्छर में बदल जाता है, इसलिए अगर हम साफ स्थिर पानी को 7-8 दिनों से अधिक समय तक रहने देते हैं, तो इससे निश्चित रूप से मच्छरों के प्रजनन की संभावना बढ़ जाती है। जोधपुर में ऐसा हो भी रहा है, इसी कारण शुक्रवार को एक ही दिन में सर्वाधिक 47 मरीज पॉजिटिव सामने आए थे। इसके अगले दिन 26 अक्टूबर को 12, 27 को 22 और 28 अक्टूबर को 21 मरीज सामने आए। दिल्ली में भी तीन साल पहले डेंगू का कहर नजर आया था। तब दिल्ली सरकार ने लोगों को जागरूक करने के लिए 10 रविवार, 10 बजे, 10 मिनट का फार्मूला दिया था, इसके बाद वहां पर दुबारा डेंगू नहीं फैला। यह जोधपुर में भी कारगर हो सकता है।


फोगिंग दावाें में ही, धरातल पर नहीं दिख रही
डेंगू के तेजी से पांव पसारने और लगातार बढ़ते मरीजों की संख्या के बावजूद जिम्मेदारी अभी पूर्णतया सक्रिय नहीं हुए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की ओर से शहर में कहीं भी फोगिंग होती नजर नहीं आई। दोनों ही विभागों के अधिकारी ये मानकर निश्चिंत हैं कि दिवाली पर चलने वाले पटाखों के धुएं से मच्छर मर जाएंगे। हालांकि दोनों ही विभाग शहर में फोगिंग करने का लगातार दावा कर रहे हैं, लेकिन उनके काम धरातल पर नजर नहीं आ रहे। इसी का नतीजा है कि मेडिकल कॉलेज में एलाइजा पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 647 और कार्ड टेस्ट पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 34,907 हो गया है।


दिल्ली में डेंगू विरोधी अभियान की सफलता को यूं समझिए
दिल्ली सरकार की ओर से सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक राजधानी में इस साल अब तक बीते पांच साल की तुलना में डेंगू के सबसे कम मामले दर्ज किये गए। वहां के स्वास्थ्य मंत्री की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल 26 अक्टूबर तक दिल्ली में डेंगू के 833 मामले सामने आए। इससे किसी की मौत नहीं हुई। यह बीते पांच साल में दिल्ली में डेंगू के सबसे कम मामले हैं। जबकि दिल्ली की जनसंख्या 2 करोड़ से भी अधिक है। वहीं जोधपुर में अब 647 पॉजिटिव सामने आ चुके हैं।


अस्पताल प्लेटलेट उपलब्ध नहीं करवा पा रहे
सरकारी अस्पताल डेंगू के इलाज में सबसे जरूरी प्लेटलेट उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। हाल यह है कि उम्मेद हाॅस्पिटल और एमजीएच में एक-एक और एमडीएमएच में एसडीपी की दो मशीन लगी हैं। इसके बावजूद सरकारी अस्पताल में आने वाले एसडीपी डोनर्स को कर्मचारी निजी ब्लड बैंक में भेज रहे हैं। एमडीएमएच में 27 अक्टूबर को 10 बजे 75 वर्षीय बुजुर्ग को एसडीपी की आवश्यकता पड़ने पर स्वयंसेवी ब्लड डोनर ग्रुप के एक सदस्य अस्पताल के ब्लड बैंक में एसडीपी देने पहुंचे। वहां उन्हें रोटरी क्लब जाने को कहा गया। जबकि एमजीएच और उम्मेद अस्पताल में भी एसडीपी मशीन है। डोनर ने यह जानकारी डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को भी फोन पर दी।
 

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