नशे का जाल / बिना लाइसेंस बेच रहे थे नशीली टेबलेट, 3 गाेदाम पर छापे, 1 कराेड़ की दवाएं पकड़ी

तीनों गोदाम पर नशीली दवाओं से भरे कार्टन मिले। जांच में इन सभी को प्रतिबंधित पाया गया। तीनों गोदाम पर नशीली दवाओं से भरे कार्टन मिले। जांच में इन सभी को प्रतिबंधित पाया गया।
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तीनों गोदाम पर नशीली दवाओं से भरे कार्टन मिले। जांच में इन सभी को प्रतिबंधित पाया गया।तीनों गोदाम पर नशीली दवाओं से भरे कार्टन मिले। जांच में इन सभी को प्रतिबंधित पाया गया।

भट्टी की बावड़ी, बलदेव नगर व पाल बालाजी के सामने हुई छापेमारी
गाेदाम संचालक सहित तीन हिरासत में, 10 लाख की नकदी भी बरामद 
 

दैनिक भास्कर

Feb 02, 2020, 04:29 AM IST

जाेधपुर. शहर में स्मैक की लत के शिकार युवाअाें काे पुलिस की सख्ती से नशा मिलना मुश्किल हुअा ताे इसके विकल्प के रूप में नारकोटिक ड्रग्स का काराेबार शुरू हो गया है। पुलिस ने शनिवार देर शाम ऐसे ही एक गिरोह का खुलासा करते हुए तीन गोदामों पर छापा मार एक करोड़ से भी ज्यादा कीमत की टेबलेट्स (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक पदार्थ) बरामद की। साथ ही तीनों गोदाम के संचालक रितेश शर्मा सहित 3 लाेगाें काे हिरासत में लेकर 10 लाख रुपए की नगदी भी जब्त की है। पुलिस जिला पश्चिम की विशेष टीम की सूचना पर ये छापे देवनगर थानांतर्गत बलदेव नगर और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थानांतर्गत भट्टी की बावड़ी व पाल बालाजी मंदिर के सामने शांतिनगर इलाके में स्थित गोदामों पर मारे गए।

औषधि नियंत्रक विभाग की जांच में सामने आया कि इस दवा विक्रेताओं के पास ये ड्रग बेचने का लाइसेंस भी नहीं था।  ऐसे गंभीर मामले को देखते हुए जिला पश्चिम की विशेष टीम को ऐसी दवाओं की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए। कई दिनों की मशक्कत के बाद डीएसटी प्रभारी एसआई सरजिल मलिक, हैड कांस्टेबल जमशेद, कांस्टेबल महेंद्र चौधरी, रवींद्र, अविनाश और प्रेम चौधरी की टीम ने इन तीनों गोदामों के बारे में जानकारी जुटाई।

नशे की जद में फंसे युवकों ने बताया- स्मैक नहीं मिलने पर हम गोलियां लेते थे
डीसीपी (पश्चिम) प्रीति चंद्रा ने बताया कि पुलिस की ओर से युवाओं को नशा छुड़ाने के लिए मुहीम चलाई जा रही है। इसी के तहत मादक पदार्थ की तस्करी करने वालों पर लगातार कार्रवाई और नशे की जद में फंसे युवकों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इन्हीं में से कुछ युवाओं से पूछताछ में पता चला कि स्मैक नहीं मिलने पर वे नशे की गोलियां लेते थे। इन दवाओं के बारे में पता करने पर पुलिस टीम को चौंकाने वाली जानकारी मिली कि ऐसी दवाइयां, जो एनडीपीएस सबस्टेंसेस कैटेगरी में आती हैं, उन्हीं का उपयोग नशे के लिए किया जा रहा है। 

स्टाॅक करने के लिए चौथा गोदाम भी लिया, प्रदेशभर में सप्लाई का अंदेशा
डीसीपी ने बताया कि नशीली दवाअाें का स्टाॅक करने के लिए विक्रेता िरतेश शर्मा ने अलग-अलग इलाके में तीन गाेदाम ले रखे थे। इन दवाअाें की डिमांड इतनी अधिक थी कि उसने एक अाैर गाेदाम भी ले लिया था, लेकिन वहां दवाइयां स्टाॅक करने से पहले ही वह पकड़ा गया। भट्टी की बावड़ी स्थित गोदाम में करीब 60-70 लाख रुपए, शांति नगर के गोदाम से करीब 30 लाख व बलदेव नगर के गोदाम में 7 लाख रुपए कीमत की दवाएं मिली हैं। हालांकि, इनकी आधिकारिक रूप से कीमत और मात्रा गिनती पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी। इनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमे किए जा रहे हैं।

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