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हौसला / परीक्षा से 2 घंटे पहले पिता की मृत्यु, शिक्षकों के ढांढ़स बंधाने पर पेपर देने के बाद दिया कांधा

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 09:18 AM IST


पिता का अंतिम संस्कार करता गोविंद पिता का अंतिम संस्कार करता गोविंद
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पिता का अंतिम संस्कार करता गोविंदपिता का अंतिम संस्कार करता गोविंद
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  • रूपपुरा निवासी गोविंद रावत राउमावि सतपुड़ा में दसवीं का छात्र है
  • गुरुवार सुबह पहला पेपर था, दो घंटे पहले ही पिता का निधन हो गया

चित्तौड़गढ़. रूपपुरा निवासी गोविंद रावत राउमावि सतपुड़ा में दसवीं का छात्र है। गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे पहला पेपर था। उसके दो घंटे पहले ही पिता प्रेमसिंह का आकस्मिक निधन हो गया। परिजन दाह संस्कार की तैयार में लगे हुए थे। इस खबर से गोविंद का स्कूल शोकमग्न होने के साथ सकते में भी आ गया। कारण, महज डेढ़ घंटे बाद गोविंद को दसवीं बोर्ड का पहला पेपर देना था। प्रिंसिपल सहित स्टाफ घर पहुंचा। परिजनों को ढांढस बंधाते हुए गोविंद को परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। गोविंद ने भी ठान ली कि आज एक साथ दो इम्तिहान दूंगा। वह शिक्षकों के साथ ही गांव से पांच किमी दूर घोसुंडा पहुंचा। पेपर देते ही घर लौटा। तब तक पिता की अर्थी सज चुकी थी। बड़ा बेटा होने के नाते सबसे पहले उसी ने अर्थी का कांधा दिया। फिर श्मशान में पिता की चिता को मुखाग्नि दी। 
 

शनिवार को भी दिया दोहरा इम्तिहान

  1. शनिवार सुबह भी ऐसा ही दोहरा इम्तिहान दिया। तीये का दिन होने से पहले श्मशान जाकर पिता की अस्थियां सहेजी। उसके तत्काल बाद परीक्षा केंद्र पहुंच कर पेपर दिया। विपदा के बीच पढ़ाई के प्रति गोविंद के इस हौसले को हर कोई सलाम कर रहा है। 
     

  2. प्रधानाचार्य मूलसिंह चौहान ने परिजनों से कहा कि अनहोनी को नहीं टाला जा सकता पर बच्चे को परीक्षा से वंचित करना उचित नहीं। गोविंद कई दिन से परीक्षा की तैयारी कर रहा है। काफी कोशिश के बाद दुख की इस घड़ी में परिजन दाह संस्कार बाद में करने को तैयार हो गए। गोविंद शेष परीक्षा भी देगा। 

  3. शिक्षक विकास अग्रवाल एवं सूरजमल रैगर ने बताया कि पढ़ाई और परीक्षा इसलिए भी जरूरी क्योंकि गोविंद को ही घर चलाना है। गोविंद का कहना है कि शिक्षकों के अनुकरणीय प्रयास एवं परिजनों के सहयोग से मेरा एक साल बच गया। यदि प्रिंसिपल साहब सहित शिक्षक घर आकर समझाते नहीं तो मैं शायद ही परीक्षा दे पाता। परिजनों ने भी सपोर्ट किया। 

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