कार-स्कूटी पर सीमेंट से भरा ट्रेलर पलटा: 600 बाेरियों के नीचे दबे 5 लोग, भीड़ ने एक घंटे में सबको बचा लिया / कार-स्कूटी पर सीमेंट से भरा ट्रेलर पलटा: 600 बाेरियों के नीचे दबे 5 लोग, भीड़ ने एक घंटे में सबको बचा लिया

90 डिग्री मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण हुए हादसे में 600 कट्टों के नीचे दबी थी 5 जिंदगियां।

Bhaskar News

Apr 19, 2018, 04:52 AM IST
Five people rescued in cement loaded truck accident in Bilalda Rajasthan

जोधपुर(राजस्थान). बिलाड़ा बस स्टैंड के मोड़ पर बुधवार दोपहर सड़क किनारे खड़ी एक कार व स्कूटी पर तेज रफ्तार में आए सीमेंट के 600 कट्टों से भरा ट्रेलर पलट गया। कार में सवार 3 व स्कूटी पर बैठे 2 लोग नीचे दब गए। हादसे के तुरंत बाद लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मोबाइल से वीडियो बनाने और तमाशबीन बनने की बजाए सभी ने अपने स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। ट्रेलर को सीधा करने के लिए दो क्रेन व दो जेसीबी बुलाई गई। युवाओं ने भी एक-एक कट्टा उठाकर दूर फेंकना शुरू किया। करीब एक घंटे चला यह कड़ा संघर्ष रंग लाया। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल अस्पताल पहुंचाया। मौके पर पुलिस के आला अफसर भी मौजूद थे।

हैदराबाद से आए बेटे को रिसीव करने आए थे, कार में बैठाते ही हुआ हादसा

- भंवरलाल सीरवी अपने बेटे महेंद्र और रिश्तेदार हेमंत को रिसीव करने बस स्टैंड आये थे। परिवार में शादी होने के कारण दोनों ही हैदराबाद से आए थे।

- रिसीव करने के बाद महेंद्र और हेमंत कार में बैठ भी गए थे, लेकिन रवाना होते उससे पहले ही ट्रेलर आकर कार पर गिर गया। गनीमत रही की ट्रेलर गिरने के बाद कार थोड़ी खिसक गई, लेकिन सीमेंट के कट्टे कार पर गिर गए। कार पूरी क्षतिग्रस्त हो गई।

- वहीं स्कूटी पर संजय व उसका पुत्र रितिक था। संजय रिश्तेदार भंवरलाल को देखकर रुक गया। हादसे के बाद ड्राइवर व खलासी दोनों भाग गए। ट्रेलर जैतारण साइड से जोधपुर की तरफ जा रहा था। उसके केबिन में शराब की बोतलें मिली। हादसे के बाद शहर में एक घंटे तक जाम लगा रहा। दोनों ओर ट्रकों व कार के साथ दुपहिया वाहनों की कतारें लग गई। जाम खुलवाने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।

30 क्विंटल था वजन, क्रेन-जेसीबी पहुंचने से पहले कट्‌टे हटाने में जुटे युवा
ट्रेलर में सीमेंट के 600 कट्‌टे थे। एक कट्‌टे का वजन लगभग 50 किग्रा होता है। यानी जो लोग दबे हुए थे उनके ऊपर करीब 30 क्विंटल वजन था। एेसे में शहर के हर समुदाय के लोगों ने कार के ऊपर पड़े कट्‌टों को फटाफट हटाया और नीचे दबे सभी लोगों को समय रहते निकाल लिया। युवाओं ने एक-एक कट्‌टे को उठाकर दूर फेंका। रेस्क्यू एक घंटा चला। इस दौरान दो जेसीबी व क्रेन भी बुलाई गई।

भंवरलाल बोले - शुक्र है! मौत के भंवर से निकले... लोगों ने जज्बा दिखाया

- सीमेंट के कट्‌टों के नीचे दबे भंवरलाल सीरवी को जब बाहर निकाला गया तो वे हाथ जोड़कर सभी का आभार जताने लगे। मानो कह रहे हों, शुक्र है बच गए। सांस नहीं आने की शिकायत पर उन्हें जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल रेफर किया गया।

- यहां सीरवी ने बताया कि कट्‌टों में बुरी तरह फंसने के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा था, उन्हें भराेसा नहीं था कि वे बच जाएंगे, लेकिन लोगों ने उन्हें जीवित निकाल लिया तो विश्वास नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि धर्म और पुण्य काम आया, जिससे हमें नया जीवन मिला, ईश्वर का शुक्रिया।

मौत के मुंह से बचकर आए ये लोग

भंवरलाल सीरवी पुत्र लाबुराम (48), महेंद्र पुत्र भंवरलाल सीरवी (21), हेमंत पुत्र सोहनलाल सीरवी (16) और स्कूटी पर बैठे संजय पुत्र रणछोड़राम (29) व उनका बेटा रितिक (6) घायल हुए। भंवरलाल और रितिक को जोधपुर रेफर किया गया। महेंद्र व संजय को मामूली चोटें आई।

गनीमत रही स्टैंड पर बसों के इंतजार में नहीं खड़े थे यात्री

ऋतिक और भंवरलाल को जोधपुर रेफर किया गया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां अक्सर निजी बसें खड़ी रहती है और बसों के इंतजार में लोग भी खड़े रहते हैं। साथ ही कई हाथ ठेले वाले भी खड़े रहते हैं, लेकिन गनीमत रही कि हादसे के वक्त न तो बस थी और न ही बस का इंतजार करने वाले कोई यात्री, लेकिन भविष्य के लिए प्रशासन को चेतावनी दे गया कि यहां पर और हादसे हो सकते हैं। पूर्व में भी एक गैस टैंकर इसी जगह पलटा था।

हादसे में इस कदर पिचकी कार, बचना मुश्किल था। हादसे में इस कदर पिचकी कार, बचना मुश्किल था।
स्कूटी किनारे होने के कारण कम क्षति हुई। स्कूटी किनारे होने के कारण कम क्षति हुई।
हादसे में बचने के बाद भंवरलाल बोले - शुक्र है!  मौत के भंवर से निकले... लोगों ने जज्बा दिखाया हादसे में बचने के बाद भंवरलाल बोले - शुक्र है! मौत के भंवर से निकले... लोगों ने जज्बा दिखाया
शहर के हर समुदाय के लोगों ने कार के ऊपर पड़े कट्‌टों को फटाफट हटाया और नीचे दबे सभी लोगों को समय रहते निकाल लिया। शहर के हर समुदाय के लोगों ने कार के ऊपर पड़े कट्‌टों को फटाफट हटाया और नीचे दबे सभी लोगों को समय रहते निकाल लिया।
स्कूटी पर बैठे छह वर्षीय रितिक का उपचार चल रहा है। उसके पिता संजय और कार में सवार महेंद्र व हेमंत को मामूली चोटें आई। स्कूटी पर बैठे छह वर्षीय रितिक का उपचार चल रहा है। उसके पिता संजय और कार में सवार महेंद्र व हेमंत को मामूली चोटें आई।
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Five people rescued in cement loaded truck accident in Bilalda Rajasthan
हादसे में इस कदर पिचकी कार, बचना मुश्किल था।हादसे में इस कदर पिचकी कार, बचना मुश्किल था।
स्कूटी किनारे होने के कारण कम क्षति हुई।स्कूटी किनारे होने के कारण कम क्षति हुई।
हादसे में बचने के बाद भंवरलाल बोले - शुक्र है!  मौत के भंवर से निकले... लोगों ने जज्बा दिखायाहादसे में बचने के बाद भंवरलाल बोले - शुक्र है! मौत के भंवर से निकले... लोगों ने जज्बा दिखाया
शहर के हर समुदाय के लोगों ने कार के ऊपर पड़े कट्‌टों को फटाफट हटाया और नीचे दबे सभी लोगों को समय रहते निकाल लिया।शहर के हर समुदाय के लोगों ने कार के ऊपर पड़े कट्‌टों को फटाफट हटाया और नीचे दबे सभी लोगों को समय रहते निकाल लिया।
स्कूटी पर बैठे छह वर्षीय रितिक का उपचार चल रहा है। उसके पिता संजय और कार में सवार महेंद्र व हेमंत को मामूली चोटें आई।स्कूटी पर बैठे छह वर्षीय रितिक का उपचार चल रहा है। उसके पिता संजय और कार में सवार महेंद्र व हेमंत को मामूली चोटें आई।
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