फ्रॉड / क्रेडिट को-ऑपरेटिव ने लगाया बैंक का बोर्ड, ग्राहकों से कहा- आरबीआई से मिलने पर दे देंंगे आपके रुपए



fraud: Credit Co-operative put bank's board
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fraud: Credit Co-operative put bank's board

  • स्वरूप क्रेडिट सोसायटी ने लिखा बैंक, पदाधिकारी कर रहे ग्राहकों को भ्रमित
  • सहकारिता विभाग में सोसायटी रजिस्टर्ड, लेकिन लिख दिया बैंक

Dainik Bhaskar

Sep 14, 2019, 12:59 AM IST

बाड़मेर. बाड़मेर में पांच साल में क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों की बाढ़ सी आ गई। 2009 से 2014 तक 45 क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों ने उप रजिस्ट्रार समितियां बाड़मेर में रजिस्ट्रेशन करवा दिया। यह दौर भी ऐसा था कि बाड़मेर के हर क्षेत्र में बूम थी। तेल-गैस खोज से लेकर लिग्नाइट और पॉवर प्लांट, भूमि अधिग्रहण से किसानों और गरीबों के पास भी जमीन बिकने से करोड़ों रुपए आ गए।

 

ये ही वजह है कि इन पांच साल में चार दर्जन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां खुल गई। 2014 के बाद मंदी का दौर शुरू हुआ और क्रूड तेल के दाम 130 प्रति डॉलर से गिरने शुरू हुए तो इन क्रेडिट सोसायटियों पर भी असर आया। जनता की जमा पूंजी को लेकर कई सोसायटियों ने दफ्तरों पर ताले लगा दिए। सोसायटियों को सहकारिता समितियों से सिर्फ सोसायटी का लाइसेंस दिया गया है जबकि बाड़मेर में खुली को-ऑपरेटिव सोसायटियां बैंकिंग कारोबार करती रही। खाते खोलने से लेकर उनकी जमाओं को दुगुना, तिगुना और चार गुणा करने के लिए लालच, गिफ्ट और विदेश यात्रा तक के ऑफर दिए गए।

 

शहर के अंबेडकर चौराहे के पास स्वरूप क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी का कार्यालय है। कार्यालय उप रजिस्ट्रार समितियां बाड़मेर से बचत एवं साख समितियां से 19 अक्टूबर 2012 को स्वरूप क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी का रजिस्ट्रेशन करवाया था। इसके रजिस्ट्रेशन नंबर 1587/सी है। सहकारी के रिकार्ड में यह क्रेडिट सोसायटी बंद है, लेकिन अभी भी मां संतोषी टॉवर में प्रधान कार्यालय चल रहा है।

 

दिहाड़ी मजदूरी करने वाले सब्जी ठेला संचालक, सड़कों पर थड़ी लगाकर सामान बेचने वाले लोग, किराणा, मोबाइल व अन्य छोटे दुकानदार जिनकी रोज की कमाई में से कुछ बचत कर इस सोसायटी में जमा करवाई। जब दुगुने-तिगुने के लालच में लोगों ने रकम तो जमा करवा दी, लेकिन अब वापस देने का समय आया तो सोसायटी को बंद कर दिया।  क्रेडिट सोसायटी की शाखा के बाहर बैंक का बोर्ड लगा दिया। बोर्ड पर ‘स्वरूप अरबन को-ऑपरेटिव बैंक लि.’ लिख दिया। ग्राहकों को भ्रमित किया जा रहा है कि अब सोसायटी बैंक बन गई है। बोर्ड लग गया है, आरबीआई से बैंक को लोन मिलने वाला है, जल्द ही निवेशकों के पैसे वापस लौटा देंगे।

 

सोसायटी का बैंक लिखना बहुत ही गंभीर मामला
स्वरूप क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी का हमारे यहां से रजिस्ट्रेशनहै, लेकिन सोसायटी की जगह बैंक का बोर्ड लगा कारोबार करने की कोई शिकायत हमारे पास नहीं आई है। अगर ऐसा है तो यह गंभीर है। कोई भी क्रेडिट सोसायटी बैंक शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकती है। इसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -ईश्वर जाखड़, निरीक्षक, सहकारिता विभाग, बाड़मेर।

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