--Advertisement--

नीट में 40 पर्सेंटाइल से भी कम अंक वाले छात्रों को हाईकोर्ट से मिली राहत

बीडीएस प्रथम वर्ष का परिणाम घोषित करने के आदेश दिए

Dainik Bhaskar

Aug 04, 2018, 08:31 AM IST
High court relief for NEET students

राज्य सरकार की छूट से भी कम अंक वाले छात्रों को डेंटल कोर्स में प्रवेश देने का मामला
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग व न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ ने शुक्रवार को अपील याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए वर्ष 2016-17 के डेंटल कोर्स में राज्य सरकार द्वारा दी गई छूट 40 पर्सेंटाइल से भी कम अंक पर प्रवेश पाने वाले छात्रों के प्रथम वर्ष के परिणाम घोषित करने तथा इसमें उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को द्वितीय वर्ष में बिठाने के अंतरिम आदेश दिए हैं।

विभिन्न अपील याचिकाओं में वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर व अन्य अधिवक्ताओं ने बहस करते हुए कोर्ट को बताया कि ऐसे छात्र जिन्हें राज्य सरकार की छूट द्वारा निर्धारित पर्सेंटाइल भी कम पर प्रवेश दे दिया है। उनके डिस्चार्ज पर तो अंतरिम रोक लगा दी गई है, लेकिन उनके परिणाम घोषित नहीं किए जा रहे हैं। इस वजह से वे अगली कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसलिए उनका प्रथम वर्ष का परिणाम घोषित किया जाए और उत्तीर्ण छात्रों को द्वितीय वर्ष कोर्स में प्रवेश दिया जाए। कोर्ट ने ऐसे छात्रों का बीडीएस प्रथम वर्ष का परीक्षा परिणाम घोषित करने तथा सफल छात्रों को द्वितीय वर्ष बीडीएस की परीक्षा में बैठने की अनुमति देने के अंतरिम आदेश दिए हैं।

यह है मामला: उल्लेखनीय है, कि वर्ष 2016-17 में पूरे देशभर में नीट परीक्षा का पहली बार आयोजन हुआ था, केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को अपने प्रदेश में लागू करने या नहीं करने का विकल्प दिया था। राजस्थान सरकार ने उसी वर्ष नीट को स्वीकार कर लिया था। बीडीएस में भी नीट के आधार पर प्रवेश होना था। डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार बीडीएस में दाखिले के लिए नीट में कम से कम 50 पर्सेंटाइल अंक होने जरूरी है। इस पर आधार पर प्रवेश दे दिया गया, लेकिन इसके बावजूद विभिन्न डेंटल कॉलेज में तीन-चाैथाई सीटें खाली रहने पर कॉलेजों की ओर से केंद्र सरकार से आग्रह किया, इस पर उन्होंने इस संबंध में फैसला लेने का राज्य सरकार को अधिकार दे दिया। राज्य सरकार ने नीट में न्यूनतम 50 पर्सेंटाइल में छूट देते हुए 40 पर्सेंटाइल कर दिए। इसके अलावा एससी एसटी छात्रों के लिए 35 पर्सेंटाइल कर दी। इस आधार पर छात्रों को प्रवेश दे दिए गए।

खंडपीठ ने दो महीने की रोक लगाई: कुछ कॉलेज में 40 पर्सेंटाइल से भी कम पर्सेंटाइल पर भी जनरल केटेगरी के छात्रों को प्रवेश दे दिया गया। बाद में यह छूट वापस लेने पर छात्रों ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने राज्य सरकार की छूट के आधार पर प्रवेश लेने वाले छात्रों को तो राहत दे दी, लेकिन इससे भी कम पर्सेंटाइल पर प्रवेश लेने वाले छात्रों को डिस्चार्ज करने के आदेश दिए। इस आदेश पर हालांकि खंडपीठ ने पिछले दो महीने पहले ही रोक लगा दी थी, लेकिन ऐसे छात्रों का अभी भी परीक्षा परिणाम घोषित नहीं किया जा रहा था।

X
High court relief for NEET students
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..