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हनी ट्रैप के 5 मामले: कोई अमेरिका में जॉब के लिए, तो कोई सिर्फ 5 हजार रु. के लिए खुफिया सूचना लीक कर देश से कर बैठा गद्दारी

Dainik Bhaskar

Jan 13, 2019, 02:39 PM IST

इस जवान के फोन में मिली अश्लील तस्वीरें, एजेंट ने न्यूड वीडियो कॉल कर अपने जाल में फंसाया

जोधपुर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की लेडी एजेंट के हनीट्रैप में फंसे जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के आर्म्ड (टैंक यूनिट) सिपाही सोमवीर सिंह ने खुलासा किया कि उसने महज 5 हजार रुपए में खुफिया जानकारी लीक की। सिर्फ यही नहीं महिला एजेंट उसे वीडियो कॉल के दौरान बेपर्दा होकर डांस भी दिखाती थी। हनीट्रैप के ऐसे ही मामले पहले भी हुए हैं जिनमें सेना से जुड़े अफसरों-जवानों यहां तक कि साइंटिस्ट ने पैसों से लेकर शादी के वादे और अच्छी जॉब तक के लिए खुफिया जानकारी लीक कर दी। आइए डालते हैं ऐसे ही कुछ मामलों पर एक नजर....


केस 1: क्या है सोमवीर से जुड़ा पूरा मामला

- जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के आर्म्ड (टैंक यूनिट) सिपाही सोमवीर सिंह को जयपुर में दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि लेडी एजेंट ने ‘अनिका चौपड़ा’ नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर जवानों से दोस्ती की थी।
- एजेंट जिस नंबर से कॉल करती थी उसका आईपी एड्रेस कराची का है। सोमवीर सहित कई जवानों से सूचनाएं उगलवाने के लिए ये महिला वीडियो कॉल के दौरान बेपर्दा होकर डांस दिखाती थी। सोमवीर के मोबाइल से उसकी नग्न तस्वीरें भी मिली हैं।
- जून-2018 में सोमवीर के खाते में 5 हजार रु. दिल्ली के लाजपत नगर की डिपॉजिट मशीन से जमा कराए गए। जबकि जुलाई में सोमवीर ने 10 हजार रुपए मांगे तो जैसलमेर में किसी एजेंट के माध्यम से भेजे थे, पर सोमवीर को मिल नहीं पाए।

केस 2: एंटी पाकिस्तानी बातों और शादी के वादे से फंसाया

सितंबर 2018 में बीएसएफ के जवान अच्युतानंद मिश्रा को यूपी एटीएस की नोएडा यूनिट ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मिश्रा मूल रूप से मध्यप्रदेश के रीवा का रहने वाला था।
- जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर ISI की एक महिला एजेंट के हनीट्रैप में फंसकर वह जासूसी कर रहा था। महिला ने खुद को मिस्र की नागरिक और सेना का रिपोर्टर बताया था।
- दोनों की शुरुआत में फेसबुक पर चैट हुई। बाद में वीडियो कॉल हुईं। मिश्रा ने पूछताछ में बताया था कि एजेंट ने पाकिस्तानी विरोधी बातें और शादी का वादा करके अपने जाल में फंसाया था।

केस 3: जॉब के चक्कर में दे दी खुफिया जानकारी

- अक्टूबर 2018 में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के हनी ट्रैप में फंसे डीआरडीओ के वैज्ञानिक निशांत अग्रवाल को नागपुर से अरेस्ट किया गया था।
- निशांत ने वर्ष 2013 में डीआरडीओ के ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्रोजेक्ट के प्रोडक्शन डिपार्टमेंट में बतौर सीनियर सिस्टम इंजीनियर ज्वाइन किया था। वह रुड़की का रहने वाला था।
- जांच में पता चला कि ISI की महिला एजेंट से दो साल पहले उसकी फेसबुक फ्रेंडशिप हुई थी। चैटिंग के दौरान महिला एजेंट ने निशांत को यूएस में अच्छे पैकेज पर जॉब ऑफर किया था।

केस 4: होटल में न्यू ईयर सेलिब्रेशन का था प्लान

- जनवरी 2016 में एयरफोर्स में लीड एयरक्राफ्ट मैन रंजीत के.के. को अरेस्ट किया गया था। वह बठिंडा में पोस्टेड था।
- पूछताछ में उसने बताया था कि 3 साल पहले इंडियन ओरिजिन की महिला ने मैक्नॉट दामिनी नाम से फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी। प्रोफाइल में उसका ऐड्रेस बीस्टन लीड्स, ब्रिटेन का था।
- दामिनी ने खुद को एक मीडिया फर्म की एग्जीक्यूटिव बताया था। दोनों में काफी प्राइवेट किस्म की बातचीत होती थी। जानकारी देने के बदले बोनस मिलने की बात कही थी।
- जांच में पता चला कि रंजीत इस महिला के साथ दिल्ली के एक लग्जरी होटल में न्यू ईयर सेलिब्रेशन का प्लान बना रहा था पर अरेस्ट कर लिया गया।

केस 5: अंतरंग बातों के लिए कर दी जानकारी लीक

- 31 जनवरी 2018 में सेना की खुफिया जानकारी लीक करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने इंडियन एयरपोर्स के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को गिरफ्तार किया था।
- मामले में ISI एजेंट खुद को मॉडल बताकर मारवाह से बात करता था। जांच में सामने आया कि मारवाह अंतरंग बातों के बदले जानकारियां साझा किया करता था।

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