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  • In The Village Of Kanana, Where Shehnai Was Echoing A Few Days Ago, Now The Eerie Silence, Nine Meanings Came Together In Balotra

कनाना गांव में चन्द दिन पहले जहां गूंज रही थी शहनाई अब पसरा सन्नाटा, बालोतरा में एक साथ उठी नौ अर्थियां

एक वर्ष पहले
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कनाना गांव के विक्रम व सीता की शादी 27 फरवरी को हुई थी। आज उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई। - Dainik Bhaskar
कनाना गांव के विक्रम व सीता की शादी 27 फरवरी को हुई थी। आज उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई।
  • जोधपुर जिले के सोइंतरा में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत

जोधपुर. सोइंतरा के पास शनिवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत के बाद बाड़मेर जिले के कनाना गांव में पसरे सन्नाटे के बीच केवलराम के घर से उठ रही चित्कार से लोगों के आंसू नहीं थम रहे है। चन्द दिन पूर्व पहले बेटी की विदाई और फिर बहू के स्वागत में केवलराम के घर शहनाई गूंज रही थी, लेकिन अब वहां मातम पसरा है। परिवार के 11 सदस्य खोने के पश्चात केवलराम कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। 

कनाना गांव निवासी केवलराम माली की छोटी बेटी डिम्पल की शादी 25 फरवरी को हुई थी। बेटी की शादी के पश्चात 27 फरवरी को उनके छोटे बेटे विक्रम की शादी बिठूजा निवासी सीता के साथ हुई थी। केवलराम ने आज सुबह जल्दी अपने बेटा-बहू की जात देने के लिए अन्य परिजनों के साथ रामदेवरा के लिए विदा किया। नौ बजे हादसा हो गया और थोड़ी देर में केवलराम के पास इस वज्रपात की सूचना पहुंच गई। इस हादसे में केवलराम बेटा-बहू के अलावा बड़ी बेटी विमला, उसके पति किशोर के अलावा उनके दोनों बेटा-बेटी की मौत हो गई। इसके अलावा केवलराम की बहन के बेटे कैलाश, उसकी पत्नी व पुत्री की भी मौत हो गई। केवलराम के घर में तीन जनों का पूरा परिवार समाप्त हो गया। केवलराम के घर में अब उसका बड़ा बेटा व सबसे छोटी बेटी, डिम्पल जिसका हाल ही विवाह हुआ था, बचे है। 
गमगीन माहौल में आज अपराह्न नवविवाहित विक्रम व सीता के दो शव कनाना गांव पहुंचे। जबकि केवलराम की बेटी-जवाई व उनके परिजनों तथा बहन के बेटे व उसके परिवार के सदस्यों के शव बालोतरा पहुंचे। सभी का आज शाम गमगीन माहौल अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। लेकिन मृतकों के परिजनों को सांत्वना देने को उनके पास शब्द ही नहीं थे। 

बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका पिता
केवलराम की बेटी विमला का ससुराल बालोतरा में है। ऐसे में घर में नवविवाहित बेटा-बहू का शव आने के कारण केवलराम अपनी बेटी-जवाई व उनके बच्चों के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाया। पेशे से किसान केवलराम ने काफी देर तक स्वयं को संभाले रखा, ताकि अन्य परिजनों का बुरा हाल न हो, लेकिन घर पर शव पहुंचते ही वह भी हिम्मत हार गए और दहाड़े मार रो पड़े। उनके बड़े बेटे की भी हालत बिगड़ गई। गांव के लोगों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें संभाला।

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