वायुशक्ति / थार के रेगिस्तान में 138 लड़ाकू विमानों के जरिए दुनिया को अपनी ताकत दिखाएगी वायु सेना

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 02:21 PM IST


देश में विकसित अटैक हेलिकॉप्टर रुद्र। देश में विकसित अटैक हेलिकॉप्टर रुद्र।
लक्ष्य की तरफ बढ़ता सुखोई फाइटर जेट। लक्ष्य की तरफ बढ़ता सुखोई फाइटर जेट।
एयरफोर्स के पाइटर जेट के हमले के बाद उठता गुबार। एयरफोर्स के पाइटर जेट के हमले के बाद उठता गुबार।
रात को बमवर्षा के बाद नजर आया ऐसा नजारा। रात को बमवर्षा के बाद नजर आया ऐसा नजारा।
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देश में विकसित अटैक हेलिकॉप्टर रुद्र।देश में विकसित अटैक हेलिकॉप्टर रुद्र।
लक्ष्य की तरफ बढ़ता सुखोई फाइटर जेट।लक्ष्य की तरफ बढ़ता सुखोई फाइटर जेट।
एयरफोर्स के पाइटर जेट के हमले के बाद उठता गुबार।एयरफोर्स के पाइटर जेट के हमले के बाद उठता गुबार।
रात को बमवर्षा के बाद नजर आया ऐसा नजारा।रात को बमवर्षा के बाद नजर आया ऐसा नजारा।
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  • एयरफोर्स के सबसे बड़े युद्धाभ्यास ऑपरेशन वायुशक्ति का समापन 16 फरवरी को
  • लड़ाकू विमानों के अलावा हेलिकॉप्टर और अन्य अत्याधुनिक हथियारों का होगा प्रदर्शन

जोधपुर. भारतीय वायु सेना 16 फरवरी को थार के रेगिस्तान में दुनिया के सामने अपने फायर पावर का प्रदर्शन करेगी। पोकरण में 20 दिन से जारी युद्धाभ्यास ऑपरेशन वायुशक्ति में एयरफोर्स 138 फाइटर जेट्स के अलावा लड़ाकू हेलिकॉप्टर और कई तरह के अत्याधुनिक हथियारों से अपनी क्षमता दर्शाएगी। इस युद्धाभ्यास के समापन समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द सहित कई देशों के राजनयिक एयरफोर्स की दक्षता के साक्षी बनेंगे।

 

 

पोकरण स्थित फील्ड फायरिंग रेंज कई दिन से फाइटर जेट्स के माध्यम से गिराए जा रहे बम के धमाकों से गूंज रही है। रात-दिन चलने वाले इस युद्धाभ्यास में जोधपुर, जैसलमेर, फलोदी, उत्तरलाई, नाल, हिंडन व आगरा एयरबेस से फाइटर जेट्स मिग-21, मिग-27, मिग-29, जगुआर व सुखोई के अलावा देश में विकसित तेजस भाग ले रहे हैं। कई सुधार के पश्चात नए सिरे से तैयार किया गया मिग-29 पहली बार अपनी नई क्षमता को यहां दर्शाएगा।

 

वहीं गरुड कमांडो भी आतंकी हमले विफल करने की अपनी ताकत का परिचय देंगे। अस्त्र मिसाइल बियोंड विजुअल रेंज अपने लक्ष्य भेदेगी। जबकि आकाश मिसाइल हवा में अपने लक्ष्य को मार गिराने का प्रदर्शन दिखाएगी। इसके अलावा एयरफोर्स में गत तीन वर्ष में सामिल किए गए विभिन्न क्षमताओं के गहराई तक मार करने वाले बम सहित अन्य हथियारों को इस युद्धाभ्यास में परखा जाएगा। 


आकर्षण का केन्द्र होगा अटैक हेलिकॉप्टर रुद्र
युद्धाभ्यास में पहली बार स्वदेशी अटैक हेलिकॉप्टर एएलएच मार्क 4 (एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर) ‘रुद्र’ ताकत दिखाएगा। जमीन और हवा में दुश्मन को नेस्तनाबूद करने में सक्षम रूद्र 70 एमएम रॉकेट दागकर दुश्मन के टैंक, गोलियों से दुश्मन तथा मिसाइल को हवा में ही नेस्तनाबूद करेगा। शॉर्ट नोटिस पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई को बखूबी अंजाम देने में माहिर इस हेलिकॉप्टर की क्षमता भी इससे परखी जा रही हैं।
 
आयरन फीस्ट की बजाय इस बार वायु शक्ति नाम
वायुसेना अपनी ताकत को परखने के लिए हर तीन साल बाद पोकरण फील्ड फायरिंग में युद्धाभ्यास करती है। पहले इस युद्धाभ्यास का नाम वायु शक्ति था। वर्ष 2013 में हुए इस युद्धाभ्यास का नामकरण ‘आयरन फीस्ट’ यानी फौलादी मुक्का रखा गया। साल 2016 में युद्धाभ्यास के दौरान भी यहीं नाम था। इस बार वायुसेना ने इसका नाम पुन: वायु शक्ति रख दिया है। युद्धाभ्यास के दिन करीब 138 फाइटर जेट उड़ान भरेंगे। सबसे ज्यादा जोधपुर एयरबेस से उड़ेंगे।  


पीएम के आने की संभावना कम, राष्ट्रपति आएंगे
वारगेम के साक्षी बनने के लिए तीनों सेनाओं के सुप्रीम कमांडर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के आने की संभावना है। इनका अंतिम कार्यक्रम एयरफोर्स व प्रशासन को नहीं मिला है। राष्ट्रपति इसमें आ सकते है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी व्यस्तताओं के चलते यहां आने की संभावनाएं कम ही जताई जा रही है । इसके अलावा 40 से ज्यादा देशों के रक्षा अटैची (रक्षा विशेषज्ञ) इसमें शिरकत करेंगे।

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