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जेएनवीयू: सेमेस्टर बैक हटाने की मांग, छात्रों ने एमबीएम कॉलेज बंद कर प्रदर्शन किया

3 वर्ष पहले
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जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में सेमेस्टर बैक के नियम में संशोधन की मांग को लेकर स्टूडेंट्स ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर तीन घंटे प्रदर्शन किया और फिर डीन प्रो. एसके ओझा को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि राजस्थान टेक्नीकल यूनिवर्सिटी व आईआईटी में जिस तरह के नियम हैं, उसी तरह के नियम यहां लागू किए जाएं तथा सेमेस्टर बैक के नियम में संशोधन किया जाए।

इंजीनियरिंग के ये स्टूडेंट्स छात्रसंघ उपाध्यक्ष दिनेश पंचारिया के नेतृत्व में इंजीनियरिंग कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और फिर एक-एक विभाग जाकर बंद करवाया तथा वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य द्वार पर बैठ गए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन व कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 11 बजे कॉलेज का गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू किया, सभी तीन बजे तक प्रदर्शन करते रहे। विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में छात्रसंघ सलाहकार डॉ. सुरेश सांखला पहुंचे और स्टूडेंट्स को शांत करवाया। उन्होंने मांग रखी कि प्रो. एसके ओझा उनसे मिलें तथा सभी विभागाध्यक्षों को बुलाकर समस्याओं का समाधान के लिए प्रयास करें। बाद में छात्रों ने निर्णय लिया कि यदि कॉलेज व यूनिवर्सिटी की ओर से इस संबंंध में कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे। उनका कहना था कि ऐसी कई शिक्षा प्रणाली नहीं है, जैसा एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में है। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा में स्टूडेंट परीक्षाओं के परिणाम में कितने भी सब्जेक्ट में फेल होने के बावजूद अगले सेमेस्टर में बैठ सकता है, अगले सेमेस्टर के साथ व पिछले सेमेस्टर की परीक्षाएं दे देता है, लेकिन जेएनवीयू के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में 12 में से 3 से ज्यादा पेपर में फेल होने पर उसे सेमेस्टर बैक दे दी जाती है और उसे अगली परीक्षा में फिर से उसी सेमेस्टर की परीक्षा देनी पड़ती है और उसका एक साल बर्बाद हो जाता है। स्टूडेंट्स ने नियमों में टेक्नीकल यूनिवर्सिटी की तर्ज पर संशोधन करने की मांग की है। इस अवसर पर छात्रनेता अजयसिंह टाक, मोइनुद्दीन खान, राजवीर सिंह, त्रिवेंद्र सिंह, कपिल, कुलदीप मीणा, धीरज पांडे, राजेश सैनी, सिद्धार्थ राठौड़, अमन दीक्षित, परीक्षित शर्मा, देवेंद्र, घनश्याम, जितेंद्र सिंह नांदड़ी के अलावा एमबीएम इंजीनियरिंग के कई स्टूडेंट्स मौजूद थे।

एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।

एजुकेशन रिपोर्टर | जोधपुर

जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में सेमेस्टर बैक के नियम में संशोधन की मांग को लेकर स्टूडेंट्स ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर तीन घंटे प्रदर्शन किया और फिर डीन प्रो. एसके ओझा को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि राजस्थान टेक्नीकल यूनिवर्सिटी व आईआईटी में जिस तरह के नियम हैं, उसी तरह के नियम यहां लागू किए जाएं तथा सेमेस्टर बैक के नियम में संशोधन किया जाए।

इंजीनियरिंग के ये स्टूडेंट्स छात्रसंघ उपाध्यक्ष दिनेश पंचारिया के नेतृत्व में इंजीनियरिंग कॉलेज के मुख्य द्वार पर एकत्र हुए और फिर एक-एक विभाग जाकर बंद करवाया तथा वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य द्वार पर बैठ गए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन व कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब 11 बजे कॉलेज का गेट बंद कर प्रदर्शन शुरू किया, सभी तीन बजे तक प्रदर्शन करते रहे। विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि के रूप में छात्रसंघ सलाहकार डॉ. सुरेश सांखला पहुंचे और स्टूडेंट्स को शांत करवाया। उन्होंने मांग रखी कि प्रो. एसके ओझा उनसे मिलें तथा सभी विभागाध्यक्षों को बुलाकर समस्याओं का समाधान के लिए प्रयास करें। बाद में छात्रों ने निर्णय लिया कि यदि कॉलेज व यूनिवर्सिटी की ओर से इस संबंंध में कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे। उनका कहना था कि ऐसी कई शिक्षा प्रणाली नहीं है, जैसा एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में है। राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी कोटा में स्टूडेंट परीक्षाओं के परिणाम में कितने भी सब्जेक्ट में फेल होने के बावजूद अगले सेमेस्टर में बैठ सकता है, अगले सेमेस्टर के साथ व पिछले सेमेस्टर की परीक्षाएं दे देता है, लेकिन जेएनवीयू के एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज में 12 में से 3 से ज्यादा पेपर में फेल होने पर उसे सेमेस्टर बैक दे दी जाती है और उसे अगली परीक्षा में फिर से उसी सेमेस्टर की परीक्षा देनी पड़ती है और उसका एक साल बर्बाद हो जाता है। स्टूडेंट्स ने नियमों में टेक्नीकल यूनिवर्सिटी की तर्ज पर संशोधन करने की मांग की है। इस अवसर पर छात्रनेता अजयसिंह टाक, मोइनुद्दीन खान, राजवीर सिंह, त्रिवेंद्र सिंह, कपिल, कुलदीप मीणा, धीरज पांडे, राजेश सैनी, सिद्धार्थ राठौड़, अमन दीक्षित, परीक्षित शर्मा, देवेंद्र, घनश्याम, जितेंद्र सिंह नांदड़ी के अलावा एमबीएम इंजीनियरिंग के कई स्टूडेंट्स मौजूद थे।

केएन कॉलेज की छात्राओं ने सात सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा
कमला नेहरू महिला महाविद्यालय की छात्राओं ने रेणुका भाटी के नेतृत्व में 7 सूत्री मांगों का ज्ञापन कॉलेज निदेशिका प्रो. बीना भाटिया को सौंपा। ज्ञापन में डिफॉल्टर लिस्ट में जिनका एडमिशन हुआ है, उन सभी छात्राओं को आई कार्ड जल्द से जल्द उपलब्ध कराने, लाइब्रेरी में सभी क्लासेज की बुक्स उपलब्ध करवाने, कॉलेज में ऑनलाइन सिस्टम शुरू करने, नियमित कक्षाओं का सुचारू संचालन, कॉलेज परिसर तथा क्लास रूम में सफाई व्यवस्था, कॉलेज के सभी शौचालय की सफाई, पानी की टंकी की सफाई आदि मांगें शामिल हैं। रेणुका भाटी ने प्रो. भाटिया से मांगों पर जल्द कार्यवाही की मांग की। इस मौके पर धनुष चौधरी, मृगांगी सोनी, प्रियंका गहलोत, महिमा मेवाड़ा, सुमन, हिमानी, पवित्रा, विनीता, रेशु, भाग्यश्री, रेणुका, पूजा, लक्षिता, मनीषा, वैजयंती, पूजा सहित अनेक छात्राएं मौजूद थीं।

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