जोधपुर / पत्नी ने नशीला पदार्थ खिला पति को बेहोश कर हत्या की, कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • फैसला वर्ष 2016 में मच्छी मार्केट, लोहारों की मस्जिद के पास हुई थी घटना
  • कोर्ट ने कहा- स्त्री जगत को कलंकित कर राक्षसी प्रवृत्ति का परिचय दिया

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2019, 11:12 AM IST

जोधपुर. अपने पति को नशीला पदार्थ खिलाकर मूर्छित कर उसके दाहिने हाथ की नसें काटकर हत्या करने वाली पत्नी सीमा को जिला सेशन न्यायालय ने दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा से दंडित किया है। कोर्ट ने इस मामले में सह आरोपी बनाए आबिद को संदेह के आधार पर हत्या के आरोप से बरी कर दिया।


मामले के अनुसार 7 मई 2016 को परिवादी रामअवतार अरोड़ा ने सदर बाजार पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई, कि वह मच्छी मार्केट लोहारों की मस्जिद के पास सदर बाजार में रहता है और उसका भतीजा कौशलराज उर्फ हरीश व उसकी पत्नी सीमा 6 मई 2016 को रात करीब साढ़े आठ बजे खाना खाकर अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। उसके बाद करीब रात साढ़े दस बजे सीमा चिल्लाती हुई बाहर आई, तब उसने व कौशलराज की मां ने कमरे में जाकर देखा तो उसका शरीर खून से लथ-पथ था और पलंग व कमरे में खून पड़ा था। कौशलराज के दाहिने हाथ की कलाई पर गहरा घाव था। उसके भतीजे की हत्या उसकी पत्नी सीमा ने ही की है। पुलिस ने मृतक की पत्नी व अन्य आरोपी आबिद खान के विरुद्ध आईपीसी की धारा 302 व 120बी के तहत आरोप पत्र पेश किया। पत्नी मूल फूलेनगर गांव मांजल महाराष्ट्र की रहने वाली थी और दोनों का आर्य समाज में विवाह हुआ था। जबकि आरोपी पत्नी ने अपने आपको निर्दोष बताते हुए कहा कि पारिवारिक संपत्ति का विवाद था। परिवादी व अन्य परिवारवाले यह जानते थे कि उसका पति मानसिक रूप से बीमार है और नियमित रूप से दवाइयां लेता था। इस पर स्थिति का बेजा इस्तेमाल कर मृतक के परिवारजन ने ही कौशलराज को मारकर उसे इस प्रकरण में झूठा फंसा दिया या मृतक ने संपत्ति विवाद की कलह से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी।


सभी पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपनी साक्ष्य से मृतक कौशलराज को अभियुक्ता के साथ अंतिम बार साथ-साथ जीवितावस्था में देखने की परिस्थिति को साबित करने में पूर्णतया सफल रहा है। कोर्ट ने कहा कि साक्ष्य अभियोजन पक्ष से अभियुक्ता पत्नी को आरोपित आरोपों से संबद्ध करने के लिए परिस्थितियां पूर्णरूपेण साबित है और परिस्थितियों की श्रृंखला में से कोई भी परिस्थिति लुप्त या गायब नहीं है। इन परिस्थितियों का एकमात्र निष्कर्ष अभियुक्ता सीमा की दोषिता का ही निकलता है। यानी यही निष्कर्ष निकलता है कि पत्नी ने ही अपने पति कौशलराज उर्फ हरीश को नशीला पदार्थ खिलाकर मूर्छित कर दाहिने हाथ की नसें काटकर उसकी हत्या की है, इसलिए वह किसी भी सहानुभूति की पात्र नहीं है। अभियुक्ता ने अमानवीय, पशुवत, बर्बरतापूर्ण व नृशंसतापूर्वक किए गए जघन्य कृत्य से कलियुगी दौर में पति परमेश्वर की अवधारणा को ही धूमिल कर दिया। उसने पति की हत्या कारित कर समस्त स्त्रीजगत को कलंकित किया है। ऐसा कृत्य कर उसने अपनी राक्षसी प्रवृत्ति का परिचय दिया है। कोर्ट ने पत्नी को आजीवन कारावास व एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।


कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष पत्नी व अन्य आरोपी आबिद के बीच किसी संबंध को स्थापित या साबित करने में पूर्णतया विफल रहा है। अन्य आरोपी आबिद को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
 

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