लोकसभा चुनाव / भाजपा-कांग्रेस के लिए नाक का सवाल बनी जोधपुर सीट, 22 को मोदी की सभा के बाद 26 को शाह का रोड शो



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री गहलोत ने संभाल रखी है पुत्र वैभव के प्रचार की बागडोर

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2019, 07:53 PM IST

जोधपुर. जोधपुर लोकसभा सीट कांग्रेस व भाजपा के बीच नाक का सवाल बन गई है। एक तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस प्रत्याशी अपने पुत्र वैभव के पक्ष में अपने पूरे राजनीतिक कौशल को आजमा रहे है तो भाजपा भी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। जोधपुर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 अप्रेल को बड़ी सभा करेंगे। वहीं 26 अप्रेल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जोधपुर में रोड शो करेंगे। जोधपुर के महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि भाजपा के दोनों बड़े राष्ट्रीय नेता किसी संसदीय क्षेत्र में बहुत कम जा रहे है, लेकिन यां आएंगे। 


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा प्रत्याशी केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के पक्ष में 22 अप्रेल को रावण का चबूतरा मैदान पर बड़ी सभा को सम्बोधित करेंगे। मोदी की रैली से बने माहौल को बरकरार रखने के लिए अमित शाह 26 अप्रेल को जोधपुर में रोड शो करेंगे। भाजपा दोनों आयोजनों को यादगार बनाने की तैयारी में जुटी है। बताया जा रहा है कि पार्टी की योजना पहले जोधपुर में मोदी का रोड शो कराने की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से उसकी अनुमति नहीं मिली। अब इसकी भरपाई अमित शाह के रोड शो से की जाएगी। उनके रोड शो के मार्ग का फिलहाल निर्धारण नहीं हुआ है, लेकिन माना जा रहा है कि आखलिया से पावटा तक उनका रोड शो आयोजित किया जाएगा। शाम छह बजे होने वाले इस रोड शो से पहले शाह जालोर के रामसीन में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करेंगे। 


कांग्रेस ने नही खोले अपने पत्ते
अभी तक कांग्रेस ने अपने पत्ते नहीं खोले है कि उनकी तरफ से इस बार कौनसे राष्ट्रीय नेता की सभा आयोजित होगी। गहलोत इस प्रयास में है कि इस बार जोधपुर में प्रियंका गांधी की चुनावी सभा कराई जाए, लेकिन अभी तक उनका यात्रा कार्य क्रम तय नहीं हो पाया है। जोधपुर में 29 अप्रेल को मतदान होगा। 


कांटे का मुकाबला
जोधपुर में इस बार शेखावत व वैभव में जोरदार मुकाबला देखने को मिल रहा है। एक तरफ गहलोत अपने पुत्र के पक्ष में माहौल बनाने के लिए सोशल इंजीनियरिंग के माध्यम से मतदाताओं को साधने में जुटे है। वहीं भाजपा पूरी तरह से प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर निर्भर है। मुख्यमंत्री गहलोत जहां अपने चालीस साल के राजनीतिक जीवन के दौरान जोधपुर में कराए गए विकास कार्यों के नाम पर वोट मांग रहे है, वहीं भाजपा मोदी के हाथ मजबूत करने के लिए वोट मांग रही है। अभी तक किसी बड़े नेता की सभा नहीं हो पाने के कारण फिलहाल चुनावी रंगत जम नहीं पा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि मोदी की सभा के बाद चुनावी माहौल बन जाएगा। फिलहाल मतदाता खामोशी धारे दोनों पक्षों को सुन रहा है। उसकी यह चुप्पी दोनों पार्टियों को अंदरखाने डरा रही है। यही कारण है  कि एक तरफ गहलोत पूरा दम लगा रहे है तो भाजपा भी मोदी और शाह को जोधपुर बुलाकर मुकाबले को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। 
 

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