सिफारिश / साढ़े 4 साल बाद सुप्रीम कोर्ट में फिर जोधपुर की दस्तक, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी होंगे जज



जस्टिस दिनेश माहेश्वरी। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी।
X
जस्टिस दिनेश माहेश्वरी।जस्टिस दिनेश माहेश्वरी।

  • जस्टिस लोढ़ा के रिटायरमेंट के बाद जोधपुर मूल के दूसरे जज होंगे, जो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, कार्यकाल भी साढ़े चार साल होगा
  • अब सुप्रीम कोर्ट में जोधपुर की अगली उम्मीद- इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविंद माथुर

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 02:11 AM IST

जोधपुर. पूरे साढ़े चार साल का इंतजार खत्म हुआ। सुप्रीम कोर्ट में जोधपुर की फिर दस्तक हो रही है। इस बार जस्टिस दिनेश माहेश्वरी के रूप में। जस्टिस आरएम लोढ़ा सुप्रीम कोर्ट में जोधपुर से आखिरी जज थे। वे 26 सितंबर, 2014 को बतौर चीफ जस्टिस रिटायर हुए थे। उसके बाद राजस्थान का प्रतिनिधित्व ही नहीं रहा था। पिछले साल राजस्थान से जस्टिस अजय रस्तोगी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। वे जयपुर के हैं। अब कर्नाटक हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दिनेश माहेश्वरी के नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की है। जल्द ही जस्टिस माहेश्वरी शपथ ले सकते हैं। 2008 के बाद दो वर्ष ऐसे थे जब सुप्रीम कोर्ट में जोधपुर के तीन जज एक साथ थे। जस्टिस लोढ़ा के अलावा जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस दलवीर भंडारी।

साढ़े 4 साल सुप्रीम कोर्ट में राज्य का प्रतिनिधित्व

  1. सुप्रीम कोर्ट में पहले से कार्यरत राजस्थान मूल के जस्टिस अजय रस्तोगी की जन्मतिथि 18 जून, 1958 है, जबकि जस्टिस माहेश्वरी का जन्म 15 मई, 1958 को हुआ था। यानी, जस्टिस रस्तोगी, जस्टिस माहेश्वरी से महज 1 माह बड़े हैं। जाहिर है, दोनों का कार्यकाल 1 माह आगे-पीछे ही पूरा होगा। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान का प्रतिनिधित्व अगले करीब साढ़े चार साल बना रहेगा।

  2. ...और यही एक अड़चन नए प्रतिनिधित्व के लिए: सुप्रीम कोर्ट में राज्यों के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा जाता है। 2008 के दौर में जब जोधपुर के 3 जज थे, तब जस्टिस दलवीर भंडारी तकनीकी तौर पर दिल्ली का प्रतिनिधित्व करते थे। इसलिए संख्या 3 पहुंच गई थी। अभी दोनों जज राजस्थान का ही प्रतिनिधित्व करेंगे। ऐसे में 14 अप्रैल, 1959 को जन्मे इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस गोविंद माथुर वरिष्ठता के लिहाज से दावेदार रहेंगे, और विशेष परिस्थितियों में सुप्रीम कोर्ट पहुंच सकते हैं।

  3. वह गौरवशाली दौर, कुल संख्या के 10% जज जोधपुर के थे: जस्टिस आरएम लोढ़ा पटना हाईकोर्ट से पदोन्नत होकर 17 दिसंबर, 2008 को सुप्रीम कोर्ट जज निुक्त हुएथे। जस्टिस सिंघवी और जस्टिस भंडारी पहले से सुप्रीम कोर्ट में जज थी। ऐसे में अगले करीब चार साल ऐसी स्थिति रही कि सुप्रीम कोर्ट में जोधपुर के तीन-तीन जज एक साथ थे। सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 30 है। इस हिसाब से चार वर्षों के दौरान 10 फीसदी जज जोधपुर मूल के थे। अब इंटरनेशनल कोर्ट में जस्टिस दलवीर भंडारी हैं, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दिनेश माहेश्वरी होंगे, और इलाहाबाद हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस गोविंद माथुर हैं। यानी न्यायिक व्यवस्था के हर स्तर पर जोधपुर के जज काबिज रहेंगे।

  4. भास्कर सबसे पहले : चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा के रिटायरमेंट के साथ ही 27 सितंबर, 2014 को भास्कर ने बताया था कि वरिष्ठता के लिहाज से जस्टिस दिनेश माहेश्वरी जोधपुर से अगले सुप्रीम कोर्ट जज हो सकते हैं। तब वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में जज थे।

COMMENT